गुरु बृहस्पति करेंगे अपनी उच्च राशि में गोचर, 4 राशियों के शुरु होंगे अच्छे दिन, व्यापार-करियर में तरक्की, बढ़ेगा बैंक बैलेंस!
ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों, नक्षत्रों और कुंडली का बड़ा महत्व होता है। हर एक ग्रह एक निश्चित समय अंतराल के बाद राशि बदलता है। वैदिक ज्योतिष में देवताओं के गुरु बृहस्पति की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। देवगुरु बृहस्पति 12-13 महीने में चाल बदलते हैं। वे कर्क राशि में उच्च और मकर राशि में नीच …
Easter Sunday 2026: ईस्टर संडे पर अंडों को रंगने की रस्म कैसे हुई शुरू? जानें बिना इसके क्यों अधूरा माना जाता है ये त्योहार
Easter Sunday 2026: ईसाई धर्म का प्रमुख पर्व ईस्टर संडे हर साल पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. यह दिन विश्वास, आशा और नए जीवन का प्रतीक माना जाता है. साल 2026 में ईस्टर संडे आज यानी 5 अप्रैल को मनाया जाएगा. मान्यता के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था. उनके अनुयायियों के लिए यह बेहद दुखद दिन था. लेकिन तीन दिन बाद, यानी रविवार को, एक चमत्कार हुआ.
प्रभु यीशु फिर से जीवित हो गए. तभी से इस दिन को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाने लगा. इसके साथ ही ईस्टर के दिन अंडों को सुंदर रंगों से सजाने की भी परंपरा है. इस दिन अंडों पर तरह-तरह के डिजाइन भी बनाए जाते हैं. इसके बाद इन सुंदर अंडों को लोग एक-दूसरे को उपहार में देते हैं. तो आइए जानते है कि ईस्टर के दिन अंडों को क्यों रंगा जाता है.
ईस्टर अंडे का महत्व (Easter Eggs Significance)
ईस्टर के दौरान अंडों का विशेष स्थान होता है. इन्हें "ईस्टर एग्स" कहा जाता है. अंडा नए जीवन का प्रतीक माना जाता है. जिस तरह अंडे से एक नया जीव जन्म लेता है, उसी तरह ईस्टर भी पुनर्जन्म और नई शुरुआत का संकेत देता है. इस दिन लोग अंडों को रंग-बिरंगे तरीके से सजाते हैं. उन पर अलग-अलग डिजाइन और चित्र बनाए जाते हैं. यह परंपरा बहुत पुरानी है और आज भी पूरे उत्साह के साथ निभाई जाती है.
अंडों को रंगने की रस्म कैसे हुई शुरू?
अंडों को रंगने की रस्म मुख्य रूप से ईस्टर उत्सव से जुड़ी है जिसकी शुरुआत 13वीं शताब्दी में ईसाई धर्म में यीशु मसीह के पुनर्जन्म के प्रतीक के रूप में हुई थी. रंगीन अंडे नए जीवन, मसीह के बलिदान का प्रतीक माने जाते हैं. प्राचीन काल में ईस्टर के दौरान अंडे न खाने के कारण उन्हें सजाने की परंपरा शुरु हुई है.
बच्चों के लिए खास होता है ईस्टर एग
ईस्टर का त्योहार बच्चों के लिए बेहद खास होता है. इस दिन उन्हें सजाए हुए अंडे गिफ्ट किए जाते हैं. कई जगहों पर "एग हंट" जैसे खेल भी आयोजित होते हैं, जिसमें बच्चे छिपे हुए अंडों को ढूंढते हैं. यह परंपरा बच्चों में खुशी और उत्साह भर देती है. परिवार के लोग एक साथ मिलकर इस त्योहार को मनाते हैं. चर्च में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं और लोग ईश्वर का धन्यवाद करते हैं.
खानपान से जुड़ी परंपराएं
ईस्टर से पहले का सप्ताह बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इसे "होली वीक" कहा जाता है. इस दौरान कई लोग मांसाहार और शराब से परहेज करते हैं. यह समय आत्मचिंतन और संयम का होता है. ईस्टर के दिन लोग विशेष भोजन बनाते हैं और खुशियां साझा करते हैं. ईस्टर संडे केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन का उत्सव है. यह हमें सिखाता है कि हर मुश्किल के बाद खुशियां जरूर आती हैं. यह दिन हमें उम्मीद, विश्वास और नई शुरुआत का संदेश देता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News
News Nation























