आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के बीच चल रहे विवाद के बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। आप हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास पर राघव चड्ढा के साथ मारपीट की गई थी। यह दावा ऐसे समय में आया है जब हाल ही में चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है।
मुर्गा बनाकर पीटा गया
नवीन जयहिंद ने एक वीडियो बयान जारी कर इस कथित घटना का विवरण दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर राघव चड्ढा से सवाल पूछते हुए कहा, 'जब उनको मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शीश महल में बुलाकर, मुर्गा बनाकर पीटा गया था... तो वे लोग क्यों नहीं बता रहे ये बात? राघव चड्ढा लोगों को यह क्यों नहीं बता रहे हैं कि उन्हें वहां बुलाकर कैसे पीटा गया?'
आंख की चोट और इंग्लैंड दौरे का कनेक्शन
जयहिंद ने दावा किया कि राघव चड्ढा की आंख में जो चोट लगी थी, वह इसी मारपीट का नतीजा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा को इसी कारण इलाज के लिए इंग्लैंड जाना पड़ा था। जयहिंद ने कहा, 'उस टाइम पे जब सैलाब आया था तो रोते हुए उनकी आंख में चोट लगी थी... और फिर इंग्लैंड में जाकर अपनी आंख ठीक करवानी पड़ी... क्यों नहीं बताते वो बात?'
डील और सूटकेस को लेकर दागे सवाल
पूर्व आप नेता ने इस विवाद के पीछे पैसों के लेनदेन और 'डील' की ओर इशारा किया है। उन्होंने चड्ढा को चुनौती देते हुए कहा, 'सूटकेस की संख्या और उनसे हुई डील की संख्या बताओ... आप राज्यसभा में हैं... आप इतना बोलते हैं... आप इस बारे में क्यों नहीं बोलते? उन चार लोगों के नाम बताओ जो वहां मौजूद थे जब आपको पीटा गया और आपसे आपकी डील के बारे में पूछताछ की जा रही थी।'
स्वाति मालीवाल जैसी हिम्मत दिखाने की सलाह
नवीन जयहिंद ने सांसद स्वाति मालीवाल का जिक्र करते हुए कहा कि एक महिला सांसद में राघव चड्ढा से ज्यादा हिम्मत है। उन्होंने कहा कि चड्ढा घर पर रोते रहे लेकिन किसी ने उनका साथ नहीं दिया। जयहिंद ने अंत में कहा, 'कुछ हिम्मत दिखाओ राघव।'
गौरतलब है कि साल 2024 में स्वाति मालीवाल ने भी आरोप लगाया था कि अरविंद केजरीवाल के आवास पर विभव कुमार ने उनके साथ मारपीट की थी। जयहिंद के इन नए दावों ने अब आम आदमी पार्टी के भीतर के सियासी घमासान को और तेज कर दिया है।
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अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच शनिवार को सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेहत को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। इंटरनेट पर दावा किया गया कि किसी अज्ञात मेडिकल इमरजेंसी के चलते ट्रंप को तुरंत वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर ले जाया गया है। हालांकि, जांच के बाद इन दावों को पूरी तरह से फर्जी और बेबुनियाद पाया गया है।
पुराने वीडियो से फैली गलतफहमी
इन अटकलों को हवा राष्ट्रपति के काफिले के एक पुराने वीडियो से मिली। दरअसल, यह वीडियो साल 2024 में बटलर में हुए हमले के समय का था, जिसे वर्तमान का बताकर शेयर किया गया। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप कहीं नहीं गए हैं और उन्होंने अपना पूरा वीकेंड ओवल ऑफिस में कामकाज निपटाते हुए बिताया है।
कैसे शुरू हुआ भ्रम का सिलसिला?
भ्रम की शुरुआत तब हुई जब व्हाइट हाउस ने सुबह 11:08 बजे (ET) प्रेस लिड की घोषणा की। यह एक सामान्य प्रशासनिक सूचना होती है, जिसका अर्थ है कि उस दिन राष्ट्रपति का कोई और सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं है। लेकिन एक्स पर एक बिना पुष्टि वाली पोस्ट में दावा कर दिया गया कि राष्ट्रपति अस्पताल में हैं और सड़कें बंद कर दी गई हैं। ग्रोक एआई और फैक्ट-चेकर्स ने तुरंत पहचान लिया कि वायरल क्लिप जुलाई 2024 की है।
क्या होता है प्रेस लिड?
अमेरिकी राष्ट्रपति के संदर्भ में प्रेस लिड का मतलब पत्रकारों के लिए एक संकेत होता है। इसके जरिए प्रेस ऑफिस बताता है कि अब दिनभर कोई नई खबर या सार्वजनिक गतिविधि नहीं होगी, इसलिए मीडियाकर्मी अपनी ऑन-साइट कवरेज खत्म कर सकते हैं। कुछ लोगों ने इसी सामान्य विराम को बड़े संकट का संकेत मान लिया और अफवाहें फैला दीं।
मरीन की मौजूदगी ने साफ की स्थिति
राष्ट्रपति के सुरक्षित होने का पुख्ता सबूत तब मिला जब वेस्ट विंग के बाहर मरीन को पहरा देते देखा गया। प्रोटोकॉल के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात मरीन की मौजूदगी का सीधा मतलब है कि राष्ट्रपति इमारत के अंदर ही मौजूद हैं। इसके बाद व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर ट्रैवल और फोटो लिड जारी कर साफ कर दिया कि राष्ट्रपति परिसर में ही हैं, बस वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आएंगे।
व्हाइट हाउस का आधिकारिक बयान
स्थिति स्पष्ट करते हुए व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन चेंग ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी लोगों के लिए जितनी कड़ी मेहनत की है, उतनी इतिहास में किसी और राष्ट्रपति ने नहीं की। इस ईस्टर वीकेंड पर भी वे व्हाइट हाउस और ओवल ऑफिस में लगातार काम कर रहे हैं।
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