गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: 25 मौतों के आरोपी लूथरा ब्रदर्स को कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन जेल में ही रहेंगे; जानें पूरा मामला
Goa Nightclub Fire Case Update: गोवा की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को 'बर्च बाय रोमियो लेन' (Birch by Romeo Lane) नाइटक्लब के मालिकों, सौरभ और गौरव लूथरा को नियमित जमानत दे दी है। यह मामला पिछले साल 6 दिसंबर को उत्तरी गोवा के अर्पोरा स्थित नाइटक्लब में लगी भीषण आग से जुड़ा है, जिसमें कम से कम 25 लोगों की जान चली गई थी। मडगांव स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
जमानत के बावजूद जेल में ही रहेंगे आरोपी
कोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बावजूद लूथरा ब्रदर्स फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। इसका मुख्य कारण यह है कि मापुसा पुलिस ने सोमवार को ही दोनों भाइयों को एक अन्य मामले में अपनी हिरासत में ले लिया है। उन पर आबकारी लाइसेंस (Excise Licence) प्राप्त करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और अन्य दस्तावेजों के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी करने का आरोप है।
अग्रिम जमानत याचिका पहले हो चुकी थी खारिज
पिछले हफ्ते, मापुसा की अतिरिक्त सत्र अदालत ने दस्तावेजों की जालसाजी से जुड़े मामले में सौरभ और गौरव लूथरा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने नाइटक्लब चलाने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किए थे। जालसाजी का यह मामला सामने आने के बाद मापुसा पुलिस ने कोलवाले सेंट्रल जेल से उनकी कस्टडी ली, जहाँ वे पहले से ही अग्निकांड मामले में बंद थे।
क्या था पूरा मामला?
6 दिसंबर 2025 को अर्पोरा गांव के 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में लगी आग ने पूरे देश को दहला दिया था। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद आरोपी भाई थाईलैंड भाग गए थे, जिन्हें बाद में वहां से डिपोर्ट कर गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में, अंजुना पुलिस अग्निकांड की जांच कर रही है, जबकि मापुसा पुलिस धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले की जांच में जुटी है।
भारत के साथ पाकिस्तान की पुलिस को खूब दौड़ाया, बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी का सनसनीखेज खुलासा
भारत के कई संस्थानों, उच्च न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाकर 1000 से अधिक फर्जी कॉल करके बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को दिल्ली पुलिस की छह दिन की रिमांड पर भेज दिया है। शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के मैसुरू निवासी 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने केवल भारत के अन्य हिस्सों में नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी कई संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। उसने बताया कि वह कानून की पढ़ाई करना चाहता था। लेकिन वह न्याय व्यवस्था से नाराज है। उसके पिता का जमीनी विवाद चल रहा है, लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है।
उन्होंने नेट परीक्षा उत्तीर्ण की और सहायक प्रोफेसर के रूप में काम किया था। अधिकांश ईमेल और संदेश उन्होंने अपने फोन से भेजे थे। पुलिस टीम उनका फोन जब्त करने के लिए मैसूरु गई है। पुलिस ने बताया कि वह अपना आईपी एड्रेस छिपाने में माहिर थे।
उन्होंने पाकिस्तान के कुछ शहरों में भी ईमेल भेजे थे। पकड़े जाने के डर से वह लगातार अपना पता बदलता रहा। कई शहरों की अदालतों के अलावा, सर्वोच्च न्यायालय भी उनके निशाने पर था। पुलिस ने बताया कि अदालत ने लुईस को छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पूछताछ के बाद कई अन्य मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi























