UP के Brijesh Pathak का Akhilesh Yadav पर पलटवार, कहा- ब्राह्मण हितैषी बनने का स्वांग न रचें
लखनऊ, आठ अगस्त उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा ब्राह्मणों को निशाना बनाए जाने’’ संबंधी अखिलेश यादव की टिप्पणी पर शनिवार को पलटवार किया और कहा कि सपा प्रमुख ब्राह्मण समाज का हितैषी होने का ‘‘स्वांग’’ रच रहे हैं। पाठक ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं लेकिन तथ्यों का जवाब तथ्यों से दिया जाना चाहिए, न कि भ्रम, कटुता और निराधार आरोपों से। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स’ खाते पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित एक लंबी ‘पोस्ट’ में कहा, ‘‘राजनीति में विचारों का उत्तर विचारों से दिया जाता है, व्यक्तिगत कटुता और असत्य आरोपों से नहीं।’’ उप मुख्यमंत्री ने समाजवादी चिंतक और नेता दिवंगत डॉ. राममनोहर लोहिया का जिक्र करते हुए सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया।
उन्होंने लिखा, ‘‘डॉ. लोहिया परिवारवाद के सबसे बड़े विरोधी थे। वह कहते थे, जो परिवार से सटेगा, वह समाज से कटेगा। उनका मानना था कि जब परिवार सबसे शक्तिशाली हो जाता है, तब समाज कमजोर हो जाता है।’’ पाठक ने कहा, ‘‘आज जो लोग लोहिया के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने उनके विचारों को सबसे पहले त्यागा है।
लोहिया यदि आज होते, तो परिवारवाद को राजनीति का आधार बनाने वालों को कठोर सवालों के कटघरे में सबसे पहले खड़ा करते।’’ इससे पहले, अखिलेश यादव ने दिवंगत समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर सपा के प्रबुद्ध सम्मेलन (ब्राह्मण सम्मेलन) में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ब्राह्मणों के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पाठक ने यादव पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘आप आज ब्राह्मण समाज के हितैषी होने का स्वांग रच रहे हैं, जबकि आपके मुख से ‘मिश्राजी कुछ तो शर्म करो’ जैसा वाक्य और पत्रकारों की जाति पूछना समाज की छाती में आज भी बरछी की तरह चुभता है। आपका पूरा राजनीतिक विमर्श एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है।
उन्होंने कहा कि समाज का उत्थान किसी एक परिवार को सत्ता दिलाने से नहीं, बल्कि हर वर्ग को समान अवसर, न्याय और सम्मान देने से होता है। पाठक ने कहा, ‘‘जहां तक मेरे सार्वजनिक जीवन का सवाल है, उसका मूल्यांकन जनता करती है। मैंने संगठन, संविधान और जनसेवा को हमेशा सर्वोपरि रखा है।
व्यक्तिगत आरोप, अपशब्द और दुष्प्रचार न सत्य बदल सकते हैं और न ही जनता का विश्वास।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति राष्ट्र प्रथम, संगठन सर्वोपरि और अंत्योदय पर आधारित है जबकि परिवारवादी राजनीति का उद्देश्य सत्ता को एक परिवार तक सीमित रखना है तथा जनता इस अंतर को अच्छी तरह समझती है।
Kerala में नौका हादसों के बाद लापता तीन मछुआरों की तलाश में Coast Guard जुटी
तिरुवनंतपुरम, आठ अगस्त केरल के तिरुवनंतपुरम और कोल्लम जिलों में मछली पकड़ने वाली नौकाओं से जुड़े अलग-अलग हादसों के बाद 31 जुलाई से लापता तीन मछुआरों की तलाश शनिवार को फिर शुरू की गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। तलाश अभियान शनिवार को नौवें दिन भी जारी रहा।
तिरुवनंतपुरम जिले के विड़िण्गम और मुथलापोझी तथा कोल्लम जिले के नींदकारा इलाके में तलाश की जा रही है। पुथेनथुरा निवासी गौतम कृष्णा (26) नींदकारा में मछली पकड़ने वाली एक नौका के 31 जुलाई को पलट जाने के बाद से लापता है, इस हादसे में गौतम के पिता राधाकृष्णन (48) और उसके दादा राजीवन (74) की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि गौतम की मां रेशमा के विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार से तलाश अभियान तेज कर दिया गया।
इसके लिए तटीय पुलिस की अतिरिक्त नौकाएं तैनात की गई हैं तथा भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों और ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। इस बीच, विड़िण्गम तटीय पुलिस पुल्लुविला निवासी जॉन (54) की तलाश जारी रखे हुए है। वह भी 31 जुलाई को तिरुवनंतपुरम तट के पास एक अलग नौका हादसे के बाद से लापता है।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल और मछुआरों की मदद से उसकी तलाश की जा रही है। जॉन के परिवार के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने तलाश अभियान तेज करने का आश्वासन दिया था। विड़िण्गम तटीय पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को तलाश का दायरा और क्षेत्रों तक बढ़ाया जाएगा।
मुथलापोझी के पास 31 जुलाई को मछली पकड़ने वाली एक नौका पलटने के बाद लापता हुए शिजिन (32) की तलाश भी शनिवार सुबह फिर शुरू की गई। अंचुथेंगु तटीय पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि मत्स्य विभाग की समुद्री प्रवर्तन शाखा की मदद से तलाश अभियान सुबह से जारी है। शिजिन के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उसका पता लगाने के लिए उचित तरीके से तलाश अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
उन्होंने अंचुथेंगु तटीय पुलिस थाने के पास सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया था। बाद में परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन ने मछुआरे के घर जाकर उसके परिवार को तलाश अभियान तेज करने का आश्वासन दिया। मंत्री ने शनिवार से तलाश अभियान में 10 मछुआरों को शामिल करने की परिवार की मांग भी स्वीकार कर ली।
विपक्ष तलाश अभियान में सुस्ती का आरोप लगाते हुए संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार को निशाना बना रहा है। वहीं, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) ने शुक्रवार को कोल्लम कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ‘केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल’ ने भी राज्य सरकार से मछुआरों के लिए तलाश एवं बचाव व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
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