विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान से भारतीय मछुआरों को निकालने में मदद करने के लिए अपने अर्मेनियाई समकक्ष अरात मिर्ज़ोयान का आभार व्यक्त किया। जयशंकर ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, भारतीय मछुआरों को आज ईरान से अर्मेनिया के रास्ते भारत लाने में मदद करने के लिए विदेश मंत्री अरात मिर्ज़ोयान और अर्मेनिया सरकार का धन्यवाद। अर्मेनिया ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने में लगातार मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 1,200 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें से 996 अर्मेनिया पहुंच गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह निकासी अर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते की जा रही है और केंद्र सरकार जमीनी स्तर पर प्रयासों का समन्वय कर रही है।
जयसवाल के अनुसार, लगभग 1200 भारतीय नागरिकों को निकाला गया है, जिनमें से 845 छात्र हैं। उन्होंने आगे कहा, 996 आर्मेनिया और 204 अज़रबैजान चले गए हैं, जहां से विदेश मंत्रालय उनकी सहायता कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि मंत्रालय आर्मेनिया और अज़रबैजान दोनों में भारतीय दूतावासों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि निकाले गए लोगों को भारत वापस लाने से पहले ट्रांजिट में सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।
पश्चिम एशिया में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच 6 लाख से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं। विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने कहा, "28 फरवरी से अब तक लगभग 6,24,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत आ चुके हैं। परिचालन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के आधार पर एयरलाइंस यूएई और भारत के बीच सीमित गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित कर रही हैं। आज यूएई से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए लगभग 90 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
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ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को पश्चिमी देशों के 'दोहरे मापदंड' की कड़ी निंदा की। उन्होंने पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत के बाद से चौथी बार इस्लामिक गणराज्य के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमलों पर पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया में अंतर की तुलना यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान यूक्रेन के ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हुई शत्रुता पर की गई प्रतिक्रिया से की। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि क्या आपको यूक्रेन के ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हुई शत्रुता पर पश्चिमी देशों की नाराजगी याद है? इज़राइल और अमेरिका ने हमारे बुशहर संयंत्र पर चार बार बमबारी की है। रेडियोधर्मी विकिरण से जीसीसी की राजधानियों में जीवन समाप्त होगा, तेहरान में नहीं। हमारे पेट्रोकेमिकल संयंत्रों पर हमले भी वास्तविक उद्देश्यों को दर्शाते हैं।
यह घटना शनिवार सुबह बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र की परिधि के पास एक मिसाइल गिरने के बाद हुई, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई। यह जानकारी ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने दी है। तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, इस घटना में संयंत्र के मुख्य भागों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन एक सहायक इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। समाचार एजेंसी के दावे के अनुसार, उत्पादन अप्रभावित रहा। बुशहर संयंत्र दक्षिणी ईरान में फारस की खाड़ी पर स्थित है और यह देश का पहला वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। ईरानी विदेश मंत्री ने ईरान में छह पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों का भी जिक्र किया। प्रेस टीवी के अनुसार, देश के दक्षिण-पश्चिमी खुज़ेस्तान प्रांत में छह पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को निशाना बनाकर किए गए इन हवाई हमलों में कम से कम पांच लोग घायल हुए।
इसी बीच, एक अलग पोस्ट में अराघची ने चल रहे संघर्ष को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया और इसे ईरान पर थोपा गया अवैध युद्ध बताया। ईरानी मंत्री ने संघर्ष के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर देते हुए तेहरान की बातचीत के प्रति तत्परता का संकेत भी दिया।
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