ईरान के ऊर्जा समिति प्रमुख का दावा, 'संघर्ष के बीच भी खार्ग द्वीप से तेल निर्यात बढ़ा'
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच भी ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप से तेल आपूर्ति में कमी नहीं आई है, बल्कि इसमें वृद्धि दर्ज की गई है। यह जानकारी ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई है।
समाचार एजेंसी आईएसएनए के अनुसार, ईरानी संसद की ऊर्जा समिति के प्रमुख मौसा अहमदी ने कहा कि हाल के दिनों में खार्ग द्वीप के दौरे और बैठकों के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि तेल निर्यात घटने के बजाय बढ़ा है।
अहमदी के हवाले से कहा गया, “हालिया दौरों और बैठकों के बाद मैं कह सकता हूं कि पिछले कुछ दिनों में न केवल तेल निर्यात में कमी नहीं आई है, बल्कि इसमें वृद्धि हुई है।”
खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात यहीं से होता है। युद्ध की स्थिति में इस द्वीप को संभावित लक्ष्य माना जा रहा था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।
हालांकि, ताजा दावों से संकेत मिलता है कि ईरान ने अपने ऊर्जा ढांचे को सक्रिय बनाए रखा है और निर्यात गतिविधियों को जारी रखने में सफलता हासिल की है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं को कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
खाड़ी क्षेत्र में स्थित खार्ग द्वीप, कथित तौर पर आकार में मैनहैटन के लगभग एक-तिहाई के बराबर है। इसे ईरान के तेल उद्योग की जीवनरेखा माना जाता है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे अपने कब्जे में लेने की इच्छा भी जताई थी।
भले ही खार्ग एक छोटा और कम आबादी वाला द्वीप हो, लेकिन यह ईरान के लिए बेहद खास है। अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट की मानें तो, ईरान के कच्चे तेल का लगभग 90 फीसदी निर्यात का प्रबंधन यहीं से होता है, इसलिए इसे अक्सर देश की आर्थिक जीवनरेखा कहा जाता है।। खार्ग ईरान के दक्षिण में बुशेहर तट से लगभग 55 किलोमीटर दूर फारस की खाड़ी में स्थित है। यह एक कोरल द्वीप है जिसकी समुद्री गहराई इतनी अधिक है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल टैंकर भी यहां आसानी से लंगर डाल सकते हैं। इसी कारण 20वीं सदी के मध्य में ईरान ने इसे विशाल तेल निर्यात टर्मिनल के रूप में विकसित किया।
पाइपलाइनों के माध्यम से देश के कई बड़े तेल क्षेत्रों से कच्चा तेल यहां लाया जाता है और फिर टैंकरों के जरिए दुनिया भर में भेजा जाता है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आंखों का बढ़ता स्ट्रेस कम करें, रोजाना अपनाएं ये हेल्दी आदतें
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मौसम में बदलाव के साथ आंखों की देखभाल करना भी जरूरी हो जाता है। बदलते मौसम की वजह से आंखों में चिपचिपापन हमेशा बना रहता है और आंखों में पानी आने की समस्या भी परेशान करने लगती है।
इसके साथ ही आज के डिजिटल दौर में आंखों की कमजोरी एक आम समस्या बन गई है, लेकिन हम आपके लिए कुछ आसान और प्राकृतिक तरीके लेकर आए हैं, जिनके उपयोग से आंखों की देखभाल और घटते नंबर को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
आज के डिजिटल दौर में आंखें स्क्रीन की वजह से बहुत थक जाती हैं। ऐसे में आंखों के व्यायाम और सनगैजिंग जरूरी हो जाता है। इसके लिए रोजाना 10 मिनट आंखों को चारों दिशाओं में घुमाएं और कुछ देर के लिए बंद कर आराम दें। इस व्यायाम को 5 बार दोहराएं। इसके साथ ही सनगैजिंग यानी सूरज को निहारे। इसके लिए सूर्योदय और सूर्यास्त से 1 घंटे पहले नंगी आंखों से सूरज की तरह देखने की कोशिश करें। इसके बाद दोनों हथेलियों को रगड़कर आंखों पर लगाएं। इससे आंखों को आराम मिलेगा।
दूसरा, गर्मियों में आंखों का रुखापन बढ़ जाता है। ऐसे में रोजाना आंखों पर खीरा या ककड़ी का आईपैक लगाएं। इसके लिए खीरे या ककड़ी की दो स्लाइस को आंखों पर रखें और कुछ देर खुद को शांत करने की कोशिश करें। इससे आंखों की थकावट दूर होती है और रक्त संचार भी बढ़ता है।
स्क्रीन टाइमिंग को कम करें। नियम बना लें कि रात को 9 बजे के बाद फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे और टीवी भी नहीं देखेंगे। इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होंगी और स्क्रीन की वजह से पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। इससे सिर दर्द में भी राहत मिलेगी। इसके अलावा, त्राटक क्रिया को रोजाना करें। इसके लिए अंधेरे कमरे में एक मोमबत्ती या दीया जला लें और फिर उसे लगातार देखते रहें। इससे आंखों की सफाई होती है और आंखों से खूब सारा पानी भी बहता है।
यह प्रक्रिया एकाग्रता को बढ़ाने में भी मदद करती है। इन अभ्यासों को रोज करने से कुछ ही महीनों में आंखों की स्थिति में खुद-ब-खुद सुधार देखने को मिलेगा और आंखों का तेजी से घटता नंबर भी स्थिर हो जाएगा।
--आईएएनएस
पीएस/वीसी
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