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समुद्र में रंगों का अनोखा खेल, जलवायु के लिए क्यों जरूरी है 'फाइटोप्लांकटन'

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। समुंद्र हो या पहाड़ पृथ्वी का कोना-कोना अपने अंदर रहस्य को सिमेटे हुए है। ऐसा ही रहस्य है समुद्र में रंगों के अनोखे खेल का अद्भुत नजारा दिखाता फाइटोप्लांकटन ब्लूम।

जून 2025 में स्कॉटलैंड के शेटलैंड द्वीपों के पास उत्तरी सागर का पानी अचानक रंग-बिरंगा हो उठा। हरे और नीले रंगों का यह अद्भुत नजारा फाइटोप्लांकटन नामक सूक्ष्म जीवों के भारी ब्लूम की वजह से था। ये इतने छोटे होते हैं कि नंगी आंख से दिखाई नहीं देते, लेकिन जब इनकी संख्या अचानक बहुत बढ़ जाती है तो सैटेलाइट से भी साफ दिखने लगते हैं।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के लैंडसैट- 9 उपग्रह पर लगे ओएलआई-2 कैमरे ने 13 जून 2025 को एक तस्वीर खींची, जिसमें ब्लूम का हिस्सा करीब 160 किलोमीटर चौड़ा था। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में पानी हरा और कुछ जगहों पर नीला, सफेद नजर आ रहा था।

वैज्ञानिकों के अनुसार, हरे रंग ज्यादातर डायटम नामक फाइटोप्लांकटन की वजह से थे। डायटम में सिलिका के खोल होते हैं और इनमें क्लोरोफिल बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है। ये वसंत ऋतु में खूब पनपते हैं, लेकिन कभी-कभी गर्मियों में भी दिख जाते हैं। इस ब्लूम में कोकोलिथोफोर नामक फाइटोप्लांकटन भी शामिल थे, इनके कवच पर चमकदार कैल्शियम कार्बोनेट की छोटी-छोटी प्लेट होती हैं, जो पानी को दूधिया या फिरोजी नीला रंग दे देती हैं। यह प्रजाति उत्तरी सागर में आम है और पहले भी 2021 में स्कॉटलैंड के तटीय इलाकों में ऐसी घटना देखी गई थी।

सबसे पहले सरल तरीके से समझने की जरूरत है कि फाइटोप्लांकटन क्या हैं? यह ग्रीक शब्द ‘फाइटो’ (पौधा) और ‘प्लैंकटन’ (भटकने वाला) से मिलकर बना यह नाम सूक्ष्म जीवों के लिए इस्तेमाल होता है। ये खारे और मीठे पानी दोनों जगह रहते हैं। इनमें सायनोबैक्टीरिया, डायटम, डिनोफ्लैजेलेट्स, हरे शैवाल और कोकोलिथोफोर शामिल हैं। ज्यादातर एककोशिकीय होते हैं। ये स्थलीय पौधों की तरह सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा बनाते हैं, जिसे प्रकाश संश्लेषण कहते हैं। वे कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इनकी वृद्धि के लिए सूर्य का प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रेट, फॉस्फेट, सिलिकेट जैसे पोषक तत्व जरूरी होते हैं। कुछ प्रजातियां नाइट्रोजन को स्थिर भी कर सकती हैं। अनुकूल मौसम में इनकी संख्या में विस्फोटक वृद्धि होती है, जिसे ब्लूम कहते हैं। यह सैकड़ों वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैल सकता है और कई हफ्तों तक रह सकता है, हालांकि हर जीव का जीवनकाल सिर्फ कुछ दिन का होता है।

फाइटोप्लांकटन समुद्री खाद्य शृंखला की नींव हैं। ये प्राथमिक उत्पादक हैं जो छोटे जूप्लैंकटन से लेकर विशाल व्हेल तक सभी जीवों को भोजन मुहैया कराते हैं। छोटी मछलियां इन्हें खाती हैं, फिर बड़ी मछलियां छोटी मछलियों को खाती हैं। ये पर्यावरण के लिए भी बेहद जरूरी हैं। प्रकाश संश्लेषण के जरिए ये कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं।

मृत फाइटोप्लांकटन समुद्र के गहरे हिस्से में डूब जाते हैं और वहां कार्बन लंबे समय तक जमा रहता है। इस तरह ये जलवायु नियंत्रण में मदद करते हैं। हालांकि, कुछ फायदे के साथ कुछ नुकसान भी हैं। कुछ प्रजातियां जहरीले पदार्थ बनाती हैं, जिन्हें ‘रेड टाइड’ कहा जाता है। ये मछलियों और इंसानों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। बड़े ब्लूम के बाद मृत जीवों के सड़ने से पानी में ऑक्सीजन कम हो जाता है और ‘मृत क्षेत्र’ बन जाते हैं, जहां अन्य जीव नहीं रह पाते।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Women Health: Periods से पहले Breast Pain सामान्य है या Breast Cancer, जानें Doctors के बताए Red Flags

आमतौर पर पीरियड्स से पहले स्तनों में दर्द और भारीपन होना हार्मोनल बदलावों से संबंधित होता है। यह प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में आम है। यह ब्रेस्ट कैंसर का संकेत नहीं होता है। खासतौर पर अगर दर्द मासिक चक्र के साथ होता है और पीरियड्स के बाद ठीक हो जाता है। पीरियड्स के दौरान पीठ दर्द होना आम है और मांसपेशियों में ऐंठन या गर्भाशय के संकुचन की वजह होता है।
 
आपको जिन असामान्य बदलावों पर ध्यान देना चाहिए, जैसे - निपल्स से स्त्राव, गांठ, स्किन में बदलाव या सूजन और मासिक चक्र से संबंधित न होने वाला लगातार दर्द आदि है। अगर आपको इनमें से कोई लक्षण देखते हैं या फिर गंभीर दर्द है, तो आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

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मासिक धर्म के दौरान पीठ दर्द

अगर आपको एलर्जी नहीं है, तो आइबुप्रोफेन या नेप्रोक्सन जैसी बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर सकते हैं।

कमर के निचले हिस्से में हीटिंग पैड से सफाई कर सकती हैं।

दर्द से राहत पाने के लिए आप हल्का व्यायाम भी कर सकती हैं।

पीरियड से पहले स्तन में दर्द और भारीपन

बता दें कि आमतौर पर ऐसा हार्मोनल परिवर्तनों की वजह से होता है। इसलिए किसी भी असामान्य परिवर्तन पर नजर जरूर रखें।
नियमित रूप से खुद के स्तन की जांच करें और आपको गांठ या लगातार दर्द महसूस हो तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कब लें डॉक्टर की सलाह

अगर आपको अधिक दर्द महसूस हो, रोजाना के कार्यों में बाधा पैदा हो या फिर स्तनों में कोई असामान्य परिवर्तन दिखाई दे, तो आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

आगे की जांच के लिए आप किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ या स्तन रोग विशेषज्ञ से परामर्श ले सकती हैं।

बचाव

बचाव के लिए जरूरी है कि लक्षणों पर नजर रखें और नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराती रहें।
अगर किसी लक्षणों में बदलाव हो या फिर वह बिगड़ जाए, तो डॉक्टर की सलाह लें।

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