मिल गया 2500 साल पुराना खजाना, इंटरपोल को थी जिसकी तलाश वो आखिरकार हुआ बरामद
केवल 9 करोड़ में कैसे बनी थी 39 साल पहले ‘रामायण’, कोहरे-बादल के लिए इस्तेमाल होते थे ये मामूली सामान
भारत ने अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। तमिलनाडु के कल्पक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने क्रिटिकैलिटी प्राप्त कर ली है। यह उपलब्धि देश की वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग क्षमता का … Mon, 06 Apr 2026 23:35:55 GMT