Delhi Police ने गलत दिशा में वाहन चलाने पर 2,321 FIR दर्ज की, LG ने की समीक्षा
नयी दिल्ली, सात अगस्त दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को पुलिस को यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के मामले में ‘‘किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने’’ का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों के लिए सुचारू यातायात व्यवस्था एक ऐसी प्राथमिकता है, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। दिल्ली पुलिस प्रमुख अनुराग कुमार, विशेष आयुक्त (यातायात), संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) और पुलिस उपायुक्त (यातायात) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, उपराज्यपाल ने 29 जून को अपनी पिछली समीक्षा बैठक के दौरान जारी निर्देशों के कार्यान्वयन का आकलन किया।
इसके साथ ही उन्होंने प्रवर्तन उपायों, मानसून की तैयारियों और स्वतंत्रता दिवस से पहले यातायात प्रबंधन का जायजा लिया। अधिकारियों ने उपराज्यपाल को सूचित किया कि मानसून ऋतु के दौरान (पांच अगस्त तक) पूरी दिल्ली में जलभराव वाले स्थानों की संख्या घटकर 65 रह गई है, जबकि 2024 में यह 194 और 2025 में 169 थी। अधिकारियों ने कहा कि बार-बार जलभराव वाले स्थानों की संख्या भी घटकर 20 रह गई है जो 2024 और 2025 में 53 थी।
इससे गाड़ियों की आवाजाही में सुधार हुआ है। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, यातायात जाम से संबंधित हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल की संख्या जुलाई 2026 में घटकर 572 हो गई जो जुलाई 2025 में 701 से थी जबकि इसी अवधि के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की संख्या घटकर 1,653 हो गई जो गत वर्ष 1,792 थी। प्रवर्तन उपायों की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल को सूचित किया गया कि गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई में 113 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
पिछले साल 31 जुलाई तक 1,64,365 कार्रवाई की गई थी और समान अवधि में इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 3,51,523 हो गया है। इस साल आठ अप्रैल से 31 जुलाई के बीच गलत दिशा में गाड़ी चलाने के गंभीर मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ 2,321 प्राथमिकियां भी दर्ज की गई हैं। बयान के अनुसार, अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जहां 31 जुलाई तक 15,36,944 चालान जारी किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 11,94,975 चालान जारी किए गए थे।
यातायाता पुलिस द्वारा जारी किए गए कुल चालान 54.23 लाख से बढ़कर 56.45 लाख हो गए, जिनमें लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बयान के अनुसार, यातायात और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्त के तहत सड़कों पर से 399 अतिक्रमण हटाए गए और अवैध पार्किंग के 1,915 मामलों में कार्रवाई की गई। बैठक में हाल ही में शुरू किए गए ‘ट्रैफिक पाठशाला’ कार्यक्रम की जानकारी भी दी गई।
इसके तहत 710 चौराहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 17,400 से अधिक लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें गलत दिशा में वाहन चलाने, लाल बत्ती पार करने, एक बाइक पर तीन लोगों के सवार होने और बिना हेलमेट वाहन चलाने के खतरों के बारे में समझाया गया।
Pauri Road Accident में 6 लोगों की मौत, Haridwar का परिवार खाई में गिरा
देहरादून, सात अगस्त उत्तराखंड के पौड़ी जिले में देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर शुक्रवार को एक कार के खाई में गिरने से उसमें सवार एक परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) के मुताबिक, देवप्रयाग क्षेत्र में पौड़ी की ओर डंपिंग जोन के पास हुए हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया।
एसडीआरएफ ने बताया कि हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र का निवासी एक परिवार बोलेरो कार में सवार होकर कहीं जा रहा था, तभी चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और वह गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के समय वाहन में कुल सात लोग सवार थे। एसडीआरएफ के अनुसार, घटनास्थल से एक महिला और बच्ची समेत छह लोगों के शव बरामद हुए हैं जबकि घायल अवस्था में मिले अरहम नामक 16 वर्षीय लड़के को स्थानीय निवासियों ने अस्पताल भिजवा दिया।
मृतकों की पहचान अफजाल (49), उनके भाई गुफरान (34), अफजाल की पत्नी सब्बू (40), बेटी अनामिया (तीन), बेटे अमन (14) और अरमान (20) के रूप में हुई है। घायल अरहम भी अफजाल का बेटा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया और घायलों को समुचित व त्वरित उपचार के निर्देश दिए।
उन्होंने गंभीर रूप से घायल को आवश्यकता होने पर हवाई मार्ग से किसी बड़े अस्पताल भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
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