अमेरिका की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी करीबी सहयोगी और अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को पद से हटा दिया। बता दें कि ट्रंप ने इस फैसले की जानकारी अपने सोशल मंच पर दी और कहा कि बॉन्डी अब निजी क्षेत्र में नई भूमिका में काम करेंगी, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पाम बॉन्डी का कार्यकाल कई विवादों के कारण चर्चा में रहा, खासकर कुख्यात मामले से जुड़े दस्तावेजों को लेकर उठे सवालों ने उनकी कार्यशैली पर दबाव बनाया। गौरतलब है कि इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं ने भी नाराजगी जताई थी। हालांकि ट्रंप ने अपने बयान में बॉन्डी के काम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश में अपराध नियंत्रण के लिए मजबूत कदम उठाए।
बताया जा रहा है कि बॉन्डी की जगह अब उनके पूर्व डिप्टी टॉड ब्लैंच को नया अटॉर्नी जनरल बनाया जाएगा। ब्लैंच ने मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा कि बॉन्डी के फैसलों को लेकर राष्ट्रपति का विश्वास बना हुआ था और उन्होंने अपने कार्यकाल में अच्छा प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में ट्रंप प्रशासन में यह दूसरा बड़ा बदलाव है। इससे पहले क्रिस्टी नोएम को भी गृह सुरक्षा प्रमुख के पद से हटाया गया था, जिससे प्रशासन के भीतर लगातार फेरबदल की स्थिति बनी हुई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बॉन्डी ने पद छोड़ते हुए कहा कि अटॉर्नी जनरल के रूप में काम करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और वह अपने उत्तराधिकारी को काम सौंपने में पूरी जिम्मेदारी निभाएंगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह आगे भी ट्रंप प्रशासन के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।
बताते चलें कि अमेरिकी न्याय विभाग के कामकाज को लेकर हाल के महीनों में कई सवाल उठे थे, जिनमें राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच और संवेदनशील मामलों के प्रबंधन को लेकर बहस तेज हुई थी। ऐसे में यह बदलाव प्रशासन की रणनीति में नए संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के लिए एक संभावित तेल का फव्वारा बताया और इसे दुनिया के लिए खोलने की बात कही। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "थोड़ा और समय मिलने पर, हम आसानी से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल सकते हैं, तेल निकाल सकते हैं और खूब धन कमा सकते हैं। क्या यह दुनिया के लिए एक 'तेल का फव्वारा' होगा? ट्रंप की ये टिप्पणियां अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच आई हैं, जिसे अब दूसरा महीना हो चुका है। इससे पहले शुक्रवार को, ईरान के खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि देश के पुलों, बिजली संयंत्रों या ऊर्जा सुविधाओं पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा, जैसा कि सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने रिपोर्ट किया।
प्रवक्ता ने घोषणा की ईरान के पुलों, बिजली संयंत्रों या ऊर्जा अवसंरचना पर किसी भी हमले से न केवल क्षेत्र और अधिकृत क्षेत्रों में स्थित सभी अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों पर हमले होंगे, बल्कि अमेरिकी सहयोगियों और मेजबान देशों की महत्वपूर्ण संपत्तियों पर भी हमले होंगे, जो पहले से कहीं अधिक कठोर और विनाशकारी होंगे। बयान में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी करने वाले देशों को भी चेतावनी दी गई है और उनसे अमेरिकी सेनाओं के साथ अपने सहयोग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि अमेरिकी ठिकानों की मेजबानी करने वाले देशों को यदि सुरक्षित रहना है तो अमेरिकी सेनाओं को वहां से जाने के लिए मजबूर करना होगा।
यह घोषणा बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच आई है, जिसमें तेहरान ने संकेत दिया है कि वह अपनी महत्वपूर्ण अवसंरचना की रक्षा में कोई समझौता नहीं करेगा। यह चेतावनी ईरान की तत्काल विरोधियों से परे जाकर सहयोगी देशों और अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों के मेजबान राज्यों को भी शामिल करने की तत्परता को रेखांकित करती है। ईरान की रक्षा व्यवस्था का एक प्रमुख घटक, खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय, रणनीतिक अवसंरचना सहित प्रमुख निर्माण और सैन्य परियोजनाओं की देखरेख करता है। इसका हालिया बयान एक स्पष्ट संदेश है कि ईरान की आवश्यक सुविधाओं पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, और किसी भी विदेशी शक्ति को इसमें शामिल लोगों को दूरगामी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
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