मोदी आज IIT दिल्ली के कार्यक्रम में शामिल होंगे:3000 छात्रों को संबोधित करेंगे, एआई बेस्ड परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटर का भी उद्घाटन करेंगे
पीएम मोदी शनिवार सुबह 11 बजे IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह (कॉन्वोकेशन) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह में 3,000 से अधिक छात्रों को डिग्री दी जाएगी। इनमें 587 पीएचडी कर रहे स्टूडेंट भी शामिल हैं। इसके अलावा पीएम मोदी IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित 'परम प्रज्ञा'नामक AI बेस्ड हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटर का भी उद्घाटन करेंगे। इस सुपरकंप्यूटर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और रिसर्च में मदद मिलेगी। 'परम प्रज्ञा' सुपरकंप्यूटर क्या है? परम प्रज्ञा IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित एक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटर (HPC) है। इसका उद्देश्य तेज गति से जटिल गणनाएं करना और रिसर्च को बढ़ावा देना है। भारत में अब तक कुल 37 सुपरकंप्यूटर लगाए जा चुके भारत में नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत अब तक 37 सुपरकंप्यूटर स्थापित किए जा चुके हैं और ये सभी चालू हैं। ये सुपरकंप्यूटर देश के प्रमुख IIT, IISc, NIT, C-DAC, IISER और अन्य शोध संस्थानों में लगाए गए हैं। इनमें परम सिद्धि (पुणे), परम प्रवेग (IISc बेंगलुरु), परम शक्ति (IIT खड़गपुर), परम संगणक (IIT कानपुर), परम सेवा (IIT हैदराबाद), परम रुद्र (नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई), परम ब्रह्मा (पुणे), परम युक्ति (बेंगलुरु) और परम शिवाय (IIT-BHU, वाराणसी) जैसे प्रमुख सुपरकंप्यूटर शामिल हैं।
थरूर बोले- RSS की विचारधारा नहीं बदली:वे भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाना चाहते हैं, पर संघ प्रमुख के बयान अच्छे संकेत
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि RSS के वजूद का मुख्य मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व के रूप में आगे बढ़ाना है और यह मूल विचारधारा आज भी नहीं बदली है। गुरुवार को IIMUN के मंच से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयानों को थरूर ने अच्छा संकेत माना है। उनका कहना है कि वे पिछले दस साल से इनके बयानों और संदेशों को देख रहे हैं और उनमें साफ बदलाव आया है। उन्होंने ये बात मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस यानी IIMUN की 15वीं वर्षगांठ पर कही। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। थरूर ने कहा- राहुल गांधी की मुहिम से लोग जुड़ नहीं पाए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि राष्ट्रव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा उठाए गए कई मुद्दों को कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी 'छात्रों की गूंज' मुहिम के जरिए पहले ही उठा चुके थे, लेकिन उन चिंताओं पर जनता से वैसा समर्थन नहीं मिल सका था। थरूर ने कहा कि CJP के आंदोलन का मुख्य हिस्सा बनने से कई महीने पहले ही कांग्रेस ने ऐसी ही चिंताओं को उठाया था। भागवत ने कहा था- Gen-Z एंटी नेशनल नहीं है संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया था। NEET पेपर लीक के खिलाफ देशभर में प्रदर्शनों के बाद इसे RSS का युवाओं के साथ सबसे अहम संवाद माना जा रहा है। जंतर-मंतर पर 36 दिन चले आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। पूरी खबर पढे़ं… बेबी बूमर्स से जेन-बीटा तक, हर जेनरेशन की उम्र और पहचान -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पेपर लीक से पॉलिटिक्स तक...क्यों Gen-Z को साध रहीं पार्टियां:राहुल-योगी-अखिलेश-मायावती सब युवाओं के पीछे, कौन जीतेगा भरोसा? यूपी में जेन-जी अब सिर्फ फर्स्ट टाइम वोटर नहीं रहा, बल्कि सियासत के केंद्र में आ गया है। सत्ता बनेगी या बिगड़ेगी, कुछ हद तक ये जेन-जी भी भूमिका अदा कर रहे हैं। इसे भाजपा समेत विपक्षी पार्टियां भी समझ रही हैं। पूरी खबर पढे़ं…
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