पंजाब- दोस्त बनाकर कारोबारी की हत्या:पठानकोट में 2 भाइयों ने शराब पिलाई, ₹95 हजार लूटे, फिर नहर में धक्का दिया
पठानकोट में कर्नाटक के कारोबारी (50) की हत्या मामले में नए खुलासे हुए हैं। कारोबारी लक्ष्मण एम कर्नाटक से अमृतसर के लिए निकले थे। अमृतसर में जहाज से उतरकर उन्हें बटाला में सीएनसी मशीन देखने के लिए जाना था। लेकिन, उससे पहले वह पठानकोट में रहने वाले अपने दोस्त से मिलने के लिए अमृतसर से सीधा पठानकोट आ पहुंचे। जहां उन्हें ऑटो ड्राइवर सुनील कुमार मिल गया। जिसके बाद इस शातिर ऑटो ड्राइवर ने अपने भाई प्रवीण को साजिश में शामिल किया और कारोबारी के खाते से 95 हजार निकलवाकर उसे नहर में धक्का दे दिया। उसके अगले दिन कारोबारी की लाश सुंदरचक्क में नहर के पौने में फंसी मिली। इस बीच आरोपी ठाठ से अपने घर पहुंचा और ऐसे दिखाया जैसे कुछ हुआ ही नहीं। अब मर्डर की पूरी कहानी पढ़िए… बिजनेस डील के लिए पंजाब का सफर कर्नाटक के मैसूर शहर के रहने वाले 50 वर्षीय व्यवसायी लक्ष्मण एम. 18 जुलाई की दोपहर करीब 1:30 बजे अपने घर से निकले। उन्होंने अपने परिजनों को बताया कि वे पंजाब के बटाला जा रहे हैं, जहां उन्हें अपने बिजनेस के सिलसिले में एक सीएनसी वर्टिकल टर्निंग लेंथ मशीन का निरीक्षण करना था। वे बेंगलुरु एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़कर अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। अमृतसर से पठानकोट आया, ऑटो ड्राइवर से मुलाकात अमृतसर से सीधा आगे बढ़ते हुए लक्ष्मण एम. ने बटाला में अगले दिन जाने का प्लान बनाया। इससे पहले वो अपने दोस्त से मिलने के लिए पठानकोट पहुंचे। पठानकोट के चक्की पुल पर उनकी मुलाकात लोकल ऑटो ड्राइवर सुनील से हुई। लक्ष्मण एम. ने पठानकोट में घूमने और अपने काम के लिए प्रवीन का ऑटो किराए पर (हायर) किया। बातों में फंसाकर पिलाई शराब पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण एम. शराब के शौकीन थे। इसी बात का फायदा उठाते हुए सफर के दौरान ऑटो ड्राइवर सुनील ने कारोबारी को अपनी मीठी बातों में फंसा लिया। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और उन्होंने मिलकर शराब पीने की योजना बनाई। प्रवीन उन्हें चक्की पार हिमाचल के इलाके में ले गया। जहां दोनों ने बैठकर शराब पी। शराब के नशे में कारोबारी लक्ष्मण एम. अपनी सुधबुध खो गया। मन में लालच आया, भाई को साजिश में किया शामिल कारोबारी को नशे की हालत में देखकर ऑटो ड्राइवर सुनील के मन में लालच आ गया। उसने अपना ऑटो एक सुरक्षित स्थान पर पार्क किया और तुरंत मामून में बार्बर का काम करने वाले अपने भाई प्रवीण को फोन करके बुला लिया। दोनों भाइयों ने कारोबारी से बड़ी रकम ऐंठने की साजिश रची। वे अपनी निजी ऑल्टो कार लेकर आए और कारोबारी लक्ष्मण एम. को कार में बैठाकर सुंदरचक्क रोड की ओर निकल पड़े। इस दौरान उन्होंने लक्ष्मण एम. को बातों में उलझाकर 5 हजार का पेट्रोल अपनी कार में डलवाया। धोखे से UPI पासवर्ड लिया और उड़ाए ₹95,000 गाड़ी में घूमते-घूमते आरोपियों ने मौका पाकर कारोबारी का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद तीनों ने घरोटा में एक बार फिर कार रोककर शराब पी। जिससे कारोबारी को और नशा चढ़ गया। नशे और दबाव का फायदा उठाकर दोनों ने धोखे से उसके बैंक खातों और गूगल पे का पासवर्ड हासिल कर लिया। परिवार का दावा है कि आरोपियों ने लक्ष्मण के साथ मारपीट की और जबरदस्ती कारोबारी के दो अलग-अलग बैंक खातों से पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। मृतक भाई के खाते में डलवाए पैसे थाना सुजानपुर प्रभारी अरुण ने बताया कि सुनील का एक अन्य भाई सुशील कुमार भी था। जिसकी मौत 25 नवंबर को हो गई थी। सुनील के पास उसके मोबाइल की सिम थी। जो कि, सुशील के बैंक अकाउंट के साथ अटैच थी। सुनील ने इसी बात का फायदा उठाया और सुशील के नंबर पर 50 हजार ट्रांसफर कर दिए। वहीं, साथ मौजूद अपने दूसरे भाई प्रवीण के बैंक अकाउंट में 40 हजार डलवा दिए। इस तरह कुल 95 हजार की ठगी की गई। भेद खुलने के डर से UBDC नहर में दिया धक्का पैसे ट्रांसफर करने के बाद दोनों भाइयों के मन में यह खौफ बैठ गया कि होश में आते ही कारोबारी पुलिस के पास जाएगा, जिससे उनकी पहचान उजागर हो जाएगी और वे पकड़े जाएंगे। इसी डर के कारण दोनों ने सुंदरचक रोड के पास बहती यूबीडीसी (UBDC) नहर के किनारे गाड़ी रोकी और कारोबारी लक्ष्मण एम. को नहर में धक्का दे दिया, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई। शव की पहचान के बाद ऐसे खुला कत्ल का राज
सुखबीर की PM से मुलाकात कैसे हुई?:पंजाब में ग्राउंड सर्वे, चंडीगढ़ में हरियाणा CM से सीक्रेट मीटिंग; रात 11 बजे कॉल, बादल सुबह दिल्ली में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिरोमणी अकाली दल (बादल) के प्रधान सुखबीर बादल के बीच हुई मीटिंग के सूत्रधार हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हैं। PM मोदी के साथ मीटिंग करने से पहले सुखबीर बादल की सीएम सैनी से चंडीगढ़ में हरियाणा CM निवास 'संत कबीर कुटीर’ में मीटिंग हुई। सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में सुखबीर बादल और सीएम नायब सैनी में विधानसभा चुनाव से पूर्व गठबंधन और लोकसभा में डिलिमिटेशन व महिला आरक्षण बिल पर समर्थन को लेकर चर्चा हुई। दरअसल, भाजपा अकाली दल से लोकसभा में डिलिमिटेशन व महिला आरक्षण बिल पर समर्थन चाहती है और अकाली दल को पंजाब की राजनीति में बने रहने के लिए इस समय भाजपा के सहारे की जरूरत है। इसी मीटिंग में पीएम से मुलाकात का पूरा खाका तैयार हुआ। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से हरी झंडी मिलने के बादे प्रधानमंत्री मोदी से सुखबीर बादल की बैठक फिक्स करवाई गई। फिर गुरूवार रात 11 बजे सुखबीर बादल को PMO से कॉल आई और वह दिल्ली पहुंच गए। सुखबीर बादल को सर्वे में क्या सच्चाई मिली:- CM सैनी से सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ? रात को PMO से फोन, सुबह सुखबीर दिल्ली पहुंचे:- आखिर में जानिए, इस पर अकाली दल व BJP का क्या कहना… चीमा बोले- सैनी से मीटिंग हुई, बाकी सुखबीर बताएंगे इस पूरे मामले पर अकाली दल के सीनियर नेता व पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत चीमा ने कहा- सुखबीर बादल की सीएम नायब सैनी से मुलाकात हुई है, लेकिन उस मुलाकात में क्या हुआ, इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। सुखबीर बादल की पीएम से मीटिंग में क्या बातें हुईं, यह तभी पता चलेगा जब सुखबीर बादल वापस आएंगे और पार्टी नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा- ये जरूरी नहीं कि पीएम से मुलाकात गठबंधन के लिए ही हो। पार्टी जो भी फैसला लेगी, उसमें सभी की राय ली जाएगी। भाजपा के साथ अकाली दल ने 10 साल सरकार चलाई है, इसलिए भाजपा नेताओं के साथ संबंध स्वाभाविक हैं। भाजपा नेता बोले- हमें कुछ नहीं कहना पंजाब में भाजपा नेताओं का पक्ष जानने के लिए कई सीनियर नेताओं को फोन किए गए। उनका कहना था कि पार्टी हाईकमान ने पंजाब भाजपा के नेताओं को दो टूक कह दिया कि अकाली दल के साथ गठबंधन होगा या नहीं, इस बारे में अभी कोई बात नहीं करेगा। नेताओं का कहना है कि भाजपा गठबंधन की बात करके बैकफुट पर नहीं आना चाहती है। भाजपा इस बार बराबर की पार्टनरशिप पर गठबंधन करने का दबाव बना रही है, इसके लिए शिअद की कुछ मांगों को पूरा किया जा सकता है।
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