बॉलीवुड के 'चॉकलेट बॉय' से 'एनिमल' तक का सफर तय करने वाले रणबीर कपूर आज भारतीय सिनेमा के सबसे भरोसेमंद सितारों में से एक बन चुके हैं। 2007 में एक गिरते तौलिये और 'सांवरिया' की मासूमियत से शुरू हुआ यह सफर अब 'राम' की गरिमा तक पहुँच गया है। हाल ही में नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म 'रामायण' से रणबीर का 'राम' लुक जारी हुआ, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। आइए नज़र डालते हैं रणबीर कपूर के 19 साल लंबे उतार-चढ़ाव भरे फिल्मी करियर और उनकी बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट पर। जिन लोगों को नहीं पता, उन्हें बता दें कि 'रामायण' दो हिस्सों में रिलीज़ होने वाली है। लेकिन उससे पहले, रणबीर के फिल्मी सफर के बारे में सब कुछ जान लीजिए।
एक फ्लॉप डेब्यू
रणबीर कपूर का जन्म 28 सितंबर, 1982 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता, ऋषि कपूर, और उनकी माँ, नीतू कपूर, दोनों ही जाने-माने एक्टर थे। अपनी एक्टिंग को और बेहतर बनाने के लिए, उन्होंने न्यूयॉर्क के 'ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट' में एक्टिंग की पढ़ाई की। एक्टर के तौर पर डेब्यू करने से पहले, रणबीर ने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया और बाद में SLB की फिल्म 'सांवरिया' से डेब्यू किया।
यह फिल्म 2007 में रिलीज़ हुई थी, जिसमें रणबीर ने सोनम कपूर के साथ लीड रोल निभाया था। यह फिल्म शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'ओम शांति ओम' से टकराई थी और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। इसके बावजूद, रणबीर को इस फिल्म में अपनी परफॉर्मेंस के लिए 'बेस्ट मेल डेब्यू' का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। उनकी एक्टिंग की क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों ने ही खूब तारीफ की।
इसके बाद, 2008 में वह फिल्म 'बचना ऐ हसीनों' में नज़र आए। लगभग 30 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 36 करोड़ रुपये कमाने में कामयाब रही, लेकिन रणबीर को उनकी पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म नहीं दे पाई।
पहली सफलता
'सांवरिया' के बाद, 2009 में रणबीर ने तीन फिल्मों में काम किया: 'वेक अप सिड', 'अजब प्रेम की गज़ब कहानी' और 'रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ़ द ईयर'। इन फिल्मों में उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ हुई, पहली दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं, लेकिन 'रॉकेट सिंह' फ्लॉप हो गई। फिर 2010 में, रणबीर फ़िल्म 'राजनीति' में नज़र आए। इस फ़िल्म में, रणबीर ने एक महत्वाकांक्षी राजनेता का किरदार निभाया। यह फ़िल्म बहुत बड़ी हिट साबित हुई और लोगों ने रणबीर को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया, क्योंकि बड़े-बड़े नामी सितारों के बीच भी इस एक्टर ने अपनी मौजूदगी का एहसास कराया। 'राजनीति' 45 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी और इसने बॉक्स ऑफ़िस पर 145 करोड़ रुपये कमाए। हालाँकि, उसी साल रणबीर की एक फ़िल्म 'अंजाना अंजानी' फ़्लॉप भी हुई।
रणबीर कपूर का दौर!
2011 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'रॉकस्टार', जिसमें रणबीर ने एक परेशान म्यूज़िशियन 'जॉर्डन' का किरदार निभाया और फ़िल्म के हिट होने के साथ-साथ उन्हें फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड भी मिला। 2012 में फ़िल्म 'बर्फी!' आई। इसमें उन्होंने एक ऐसे नौजवान का किरदार निभाया जो सुन और बोल नहीं सकता था; यह किरदार आज भी उनकी सबसे यादगार परफ़ॉर्मेंस में से एक माना जाता है। इस फ़िल्म के लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर का 'बेस्ट एक्टर' अवॉर्ड मिला और यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर भी सफल रही।
2013 में आई फ़िल्म 'ये जवानी है दीवानी' ज़बरदस्त हिट रही और इसने रणबीर को एक 'यूथ आइकन' (युवाओं के आदर्श) के तौर पर स्थापित कर दिया।
हालाँकि, बॉक्स ऑफ़िस पर कई सफल फ़िल्मों के साथ-साथ रणबीर को कुछ फ़्लॉप फ़िल्मों का भी सामना करना पड़ा, जैसे—'बेशर्म' (2013), 'रॉय' (2015), 'बॉम्बे वेलवेट' (2015) और 'तमाशा' (2015)।
लेकिन, 2016 में करण जौहर की सुपरहिट फ़िल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' के साथ इस एक्टर ने ज़ोरदार वापसी की। इसके बाद उनकी एक और फ़िल्म 'जग्गा जासूस' फ़्लॉप हुई, लेकिन फिर उन्होंने ब्लॉकबस्टर फ़िल्म 'संजू' के साथ वापसी की।
2022 में फ़िल्म 'शमशेरा' के बॉक्स ऑफ़िस पर असफल होने के बाद, रणबीर ने सुपरहिट फ़िल्म 'ब्रह्मास्त्र' (2022) के साथ वापसी की; और 2023 में फ़िल्म 'एनिमल' के साथ इस एक्टर ने अपने ही सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि 'एनिमल' अब तक के उनके करियर की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म बन गई है और इसके लिए उन्हें अपना चौथा 'बेस्ट एक्टर' फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड भी मिला है।
रणबीर अब 'राम' के रूप में नज़र आएंगे
अब रणबीर कपूर, नितेश तिवारी की फ़िल्म 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाते हुए नज़र आएंगे। यह फ़िल्म दो हिस्सों में रिलीज़ होगी। इस फ़िल्म को IMAX फ़ॉर्मेट में बनाया गया है और इस पर लगभग 4000 करोड़ रुपये का दाँव लगा हुआ है। जिन लोगों को जानकारी नहीं है, उनके लिए बता दें कि 'रामायण पार्ट 1' दिवाली 2026 में रिलीज़ होने वाली है, और 'रामायण पार्ट 2' दिवाली 2027 में रिलीज़ होगी।
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बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार दिवंगत राजेश खन्ना की निजी जिंदगी से जुड़ा एक दशक पुराना कानूनी विवाद अब अपने तार्किक अंत की ओर पहुंच गया है। बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अभिनेत्री अनीता आडवाणी द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने राजेश खन्ना के साथ अपने कथित 'लिव-इन रिलेशनशिप' को कानूनी शादी के रूप में मान्यता देने की मांग की थी।
न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की एकल पीठ ने आडवाणी द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इस मामले में मुंबई के दिंडोशी सत्र अदालत द्वारा 2017 में दिए गए आदेश को चुनौती दी थी।
सत्र अदालत ने जुलाई 2012 में खन्ना के निधन के बाद इसी तरह की राहत के अनुरोध वाले अभिनेत्री के दीवानी वाद को खारिज कर दिया था।
आडवाणी ने दावा किया था कि वह खन्ना के साथ कई वर्षों तक ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ में थीं, जब तक कि 2012 में उनकी (राजेश खन्ना) अलग रह रहीं पत्नी एवं अभिनेत्री डिंपल कपाडिया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने उन्हें (आडवाणी) महानगर स्थित अभिनेता के बंगले ‘आशीर्वाद’ से बेदखल नहीं कर दिया।
कानूनी निहितार्थ
यह फैसला लिव-इन रिलेशनशिप और शादी के बीच की कानूनी रेखा को और स्पष्ट करता है। भारतीय कानून के तहत, कुछ परिस्थितियों में लंबे समय तक लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को कुछ अधिकार मिलते हैं, लेकिन 'शादी' की मान्यता प्राप्त करने के लिए साक्ष्यों और कानूनी मापदंडों का कड़ा होना अनिवार्य है।
निष्कर्ष
बॉम्बे हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद, राजेश खन्ना की विरासत और उनकी संपत्ति 'आशीर्वाद' से जुड़े दावों पर खन्ना परिवार की स्थिति और मजबूत हो गई है। अनीता आडवाणी के लिए यह एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब उनके पास इस आदेश को चुनौती देने के सीमित विकल्प ही बचे हैं।
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