IIT Bombay के 2 मेस बंद करने का FDA ने दिया आदेश, बिना रजिस्ट्रेशन चलने पर कार्रवाई
मुंबई, सात अगस्त महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने शुक्रवार को कहा कि उसने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के दो मेस प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर आवश्यक अनुमति और पंजीकरण नहीं होने का हवाला देते हुए उनका संचालन बंद करने को कहा है। नियामक प्राधिकरण ने कहा कि मुंबई के पवई इलाके में स्थित आईआईटी के छात्रावास संख्या एक और दो के मेस प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इन खाद्य केंद्रों के संचालकों के पास आवश्यक अनुमति और पंजीकरण नहीं है। इसके बाद उन्हें संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया।
छात्रावास संख्या 12, 13 और 14 की मेस सुविधाओं के निरीक्षण के दौरान एफडीए ने कुछ कमियां पाईं और भोजन आपूर्तिकर्ता को नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने को कहा। इस बीच, नए एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में राज्यभर में चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत राज्य सरकार की एजेंसी ने कई भोजनालयों और रेस्तराओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
Gurugram Cyber Fraud में 4 गिरफ्तार, बीमा अधिकारी बनकर की थी 1.19 करोड़ की ठगी
गुरुग्राम, सात अगस्त हरियाणा के गुरुग्राम में खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर एक व्यक्ति से अलग-अलग बैंक खातों में 1.19 करोड़ रुपये हस्तांतरित कराने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इसने बताया कि 27 जुलाई को एक व्यक्ति ने साइबर अपराध पश्चिम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, और आरोप लगाया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने बीमा लोकपाल अधिकारी बनकर उससे संपर्क किया और बंद हो चुकी कई बीमा पॉलिसी के बदले 57 लाख रुपये वापस दिलाने का झांसा दिया।
आरोपियों ने उसे भरोसा दिलाया कि एजेंट कोड समाप्त करने के बाद लाभार्थी कोड स्थानांतरित कराने में वे उसकी मदद करेंगे और उसे करीब 1.04 करोड़ रुपये मिल जाएंगे। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने फाइल शुल्क, रखरखाव शुल्क, लेनदेन शुल्क, पूर्ण एवं अंतिम निपटान शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर पीड़ित को अलग-अलग समय पर विभिन्न बैंक खातों में करीब 1.19 करोड़ रुपये जमा करने के लिए राजी किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर बुधवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुंबई के ईस्ट इलाके के रहने वाले भारत जनक सिंह (68), पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद मोशिरुल हक (35), दिल्ली निवासी सुभाष कुमार (40) और दिल्ली निवासी साहिल गुसाईं (19) के रूप में हुई है। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) गौरव फोगाट ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि हक ने अपने साथियों की मदद से कथित तौर पर ‘‘उत्सव उपाध्याय’’ के नाम पर जाली आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल करके एक बैंक खाता खुलवाया था, जिसमें शिकायतकर्ता के लगभग 43 लाख रुपये हस्तांतरित किए गए थे। उन्होंने कहा कि भारत जनक सिंह कपाड़िया ने कथित तौर पर चेक के माध्यम से यह रकम निकाली और अपना तथा एक अन्य आरोपी का कमीशन रखने के बाद बाकी नकदी अपने साथियों को सौंप दी।
सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि कुमार साइबर कैफे चलाता है और उसने कथित तौर पर फर्जी आधार व पैन कार्ड तैयार किए, जबकि गुसाईं ने जाली दस्तावेज तैयार करने, सिम कार्ड हासिल करने और धोखाधड़ी वाले फोन के लिए इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड उपलब्ध कराने में मदद की। उन्होंने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









