सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किए छह भारतीय जहाज, भारत यूके बैठक में लेगा भाग : एमईए
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को बताया कि एलपीजी, एलएनजी जैसे उत्पाद ले जा रहे छह भारतीय जहाज अब तक सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं। साथ ही क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच नई दिल्ली भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान और अन्य देशों के संपर्क में बना हुआ है।
नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत, यूके की ओर से गुरुवार को आयोजित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बैठक में भाग लेगा।
फारस की खाड़ी में फंसे कच्चे तेल और एलपीजी ले जा रहे 18 भारतीय झंडे वाले जहाजों की आवाजाही में तेजी लाने के लिए ईरान और दूसरे देशों से बातचीत के सवाल पर जायसवाल ने कहा, हम ईरान और वहां के दूसरे देशों के संपर्क में हैं, ताकि यह देखा जा सके कि हम अपने जहाजों के लिए बिना रुकावट और सुरक्षित रास्ता कैसे पा सकते हैं, जिनमें एलपीजी, एलएनजी और दूसरे प्रोडक्ट शामिल हैं। पिछले कई दिनों से चल रही इस बातचीत के जरिए, हमारे छह भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर पाए हैं। हम इस मामले पर संबंधित पार्टियों के संपर्क में हैं।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “यूके ने भारत सहित कई देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। हमारी ओर से विदेश सचिव इस बैठक में भाग ले रहे हैं।”
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजारों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर इसलिए क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
जब उनसे कुछ रिपोर्ट्स के बारे में पूछा गया, जिनमें कहा गया था कि भारत होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों के ट्रांज़िट के लिए टोल दे रहा है, तो जायसवाल ने जवाब दिया, हमने इस मुद्दे को पहले भी साफ किया था। हमारे और ईरान के बीच इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है।
पिछले महीने, ईरान ने घोषणा की थी कि वह भारत सहित पांच “मित्र” देशों के जहाजों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगा, जिससे वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजर सकें, जबकि अन्य देशों के लिए पहुंच सीमित बनी हुई है।
ईरान की ऑफिशियल न्यूज एजेंसी ने अराघची के हवाले से कहा, दुश्मन को स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत देने का कोई कारण नहीं है। हमने कुछ ऐसे देशों को गुजरने की इजाजत दी है जिन्हें हम दोस्त मानते हैं; हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को ट्रांजिट करने की इजाजत दी है।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा, सेना प्रमुख से मिले उच्चायुक्त
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम रियाज हमीदुल्लाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को बढ़ाने, जिसमें संयुक्त प्रशिक्षण पहलें भी शामिल हैं, पर चर्चा की।
दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए गहरे सहयोग के अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया।
इंडियन आर्मी के एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. हमीदुल्लाह ने थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने, जिसमें संयुक्त प्रशिक्षण पहलें शामिल हैं, पर विचार किया। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गहरे सहयोग के अवसरों का भी पता लगाया।”
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 26 मार्च को दोहराया कि भारत बांग्लादेश की नई सरकार का गर्मजोशी से स्वागत करता है, क्योंकि दोनों देश इतिहास, संस्कृति और भाषा के गहरे संबंधों से जुड़े हैं, जो उनके रिश्तों को विशेष निकटता और गर्मजोशी प्रदान करते हैं।
नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह (देश का 56वां स्वतंत्रता दिवस) में बोलते हुए सिंह ने कहा था कि 1971 का लिबरेशन वॉर और शोषण, जुल्म और नफरत के खिलाफ संघर्ष में दिए गए बड़े बलिदान भारत और बांग्लादेश के लिए एक साझी विरासत हैं।
उन्होंने कहा, “एकजुटता के ये गहरे संबंध हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की नींव बने हुए हैं, जो विश्वास, साझा मूल्यों और क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित है। हमारी साझेदारी हमेशा लोगों के हितों पर केंद्रित रही है, जिसका उद्देश्य हमारे नागरिकों के दैनिक जीवन को बेहतर बनाना है। चाहे वह रेल, सड़क, अंतर्देशीय जलमार्ग और ऊर्जा नेटवर्क के माध्यम से कनेक्टिविटी का विस्तार हो, या व्यापार को बढ़ावा देना और वस्तुओं व लोगों की आवाजाही को आसान बनाना हो। हमारा सहयोग हमेशा ठोस लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से रहा है।”
उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश मिलकर एक ऐसी पार्टनरशिप बना रहे हैं, जो स्ट्रेटेजिक, लोगों पर केंद्रित और मजबूत और आगे की सोचने वाली हो।
उन्होंने कहा, “हमारी प्रगति दोनों पक्षों के सतत प्रयासों से विकसित सहयोग की स्थायी भावना को दर्शाती है। विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण पहल और सीमा-पार परियोजनाएं पारस्परिक प्राथमिकताओं और समावेशी विकास के साझा दृष्टिकोण से संचालित रही हैं।”
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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