हनी सिंह-बादशाह को अश्लील गाने पर हाई कोर्ट की फटकार:सभी जगह से हटाने के आदेश; कहा- अश्लीलता और महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को सिंगर हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उनके करीब दो दशक पुराने विवादित गाने 'माफिया मुंडीर' वॉल्यूम 1 को इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इस गाने के बोल को 'बेहद अश्लील' और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया है। जस्टिस पुरुशेंद्र कौरव की अदालत ने हनी सिंह और बादशाह को नोटिस जारी कर कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि गाने का टाइटल और बोल इतने आपत्तिजनक हैं कि उन्हें आधिकारिक आदेश में लिखना भी संभव नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि गूगल, यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे सभी म्यूजिक और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म से इस गाने के ओरिजिनल वर्जन, रीमिक्स और यूआरएल को तुरंत ब्लॉक किया जाए। कोर्ट ने कहा- 'अंतरात्मा को झकझोर दिया' जस्टिस कौरव ने अपने चैंबर में गाने को सुनने और उसके बोल पढ़ने के बाद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यह उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसने कोर्ट की अंतरात्मा को अंदर तक हिला दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाने के बोल महिलाओं का अपमान करते हैं और उन्हें मजाक का पात्र बनाते हैं। इसमें कोई भी कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि कलात्मक अभिव्यक्ति की आड़ में ऐसी अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हिंदू शक्ति दल ने दायर की थी याचिका यह कार्रवाई हिंदू शक्ति दल की याचिका पर हुई है। याचिका में दलील दी गई थी कि यह गाना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है और युवाओं पर गलत असर डाल रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह ने इस गाने की कुछ लाइनें गाई थीं, जिससे साबित होता है कि यह गाना उन्हीं का है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी विवादित लिंक ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने की इजाजत नहीं कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री फैलाना, जो नाबालिगों के लिए भी उपलब्ध है, समाज के लिए ठीक नहीं है। जस्टिस कौरव ने कहा, समाज में शालीनता के मानकों की अनदेखी की जा रही है। कानून से चलने वाला कोई भी सभ्य समाज ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने का जरिया बनने की इजाजत नहीं दे सकता। अब 7 मई को होगी अगली सुनवाई 'माफिया मुंडीर' ग्रुप 2000 के दशक में हनी सिंह और बादशाह द्वारा शुरू किया गया था, जिसमें बाद में रफ्तार और इक्का जैसे कलाकार भी जुड़े थे। हालांकि, बाद में विवादों के कारण यह ग्रुप टूट गया। इस गाने को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है, लेकिन अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद इसे डिजिटल दुनिया से पूरी तरह हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 मई को तय की गई है।
दावा- समुद्र से जिंदा बाहर निकाले गए थे राहुल बनर्जी:वे बात करने की कोशिश कर रहे थे; क्लिनिक ले जाया गया, वहां डॉक्टर नहीं था
बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की 29 मार्च को समुद्र में डूबने से मौत हो गई थी। सीरियल 'भोले बाबा पार करेगा' की शूटिंग के दौरान ओडिशा के तालसारी बीच पर यह हादसा हुआ था। लेकिन अब शो के मेकर्स ने दावा किया है कि राहुल को पानी से जिंदा बाहर निकाला गया था और वे बात करने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें तुरंत पास के क्लिनिक ले जाया गया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इसके बाद उन्हें दीघा स्टेट जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेकर्स ने मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि एक्टर काफी देर तक पानी के अंदर रहे थे। तालसारी बीच पर हुआ हादसा राहुल बनर्जी ओडिशा के बालेश्वर जिले में सीरियल की शूटिंग कर रहे थे। इसी दौरान समुद्र में डूबने से उनकी जान चली गई। प्रोडक्शन हाउस ने पीटीआई को दिए अपने बयान में कहा, "हमारे क्रू के सभी सदस्य गहरे दुख में हैं। हम कुछ दिनों का समय मांगते हैं ताकि वहां मौजूद लोगों से बात कर एक न्यूट्रल और विस्तृत रिपोर्ट पेश कर सकें।" मेकर्स ने एक्टर के परिवार और वेस्ट बंगाल मोशन पिक्चर आर्टिस्ट फोरम को भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनने का न्योता दिया है। इसके साथ ही प्रोडक्शन हाउस ने अपना आधिकारिक बयान जारी कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा है कि घटना के वक्त मौजूद क्रू मेंबर्स से पूछताछ कर एक सटीक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। लापरवाही की हर पहलू से होगी जांच प्रोडक्शन हाउस ने साफ किया है कि इस मामले में लापरवाही की हर छोटी से छोटी संभावना की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, "शूटिंग से जुड़ी सभी परमिशन और जरूरी दस्तावेज जांच टीम को सौंप दिए जाएंगे। हम अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। को-स्टार का दावा- पैकअप के बाद हुआ हादसा पुलिस के अनुसार शूटिंग के दौरान एक्टर की मौत हुई, लेकिन को-स्टार दिंगता बागची ने पीटीआई से कहा कि पैकअप के बाद वह अकेले समुद्र में गए थे, जहां उनका पैर फंस गया। लहरों में फंसने के बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई। टीम उन्हें निकालकर दीघा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कई बंगाली फिल्मों में काम कर चुके राहुल राहुल अरुणोदय बनर्जी को 2008 की फिल्म ‘चिरोदिनी तुमी जे अमार’ से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘तुमी असबे बोले’ (2014), ‘जुल्फीकार’ (2016), ‘ब्योमकेश गोत्रो’ (2018), ‘बिदय ब्योमकेश’ (2018) और ‘द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स’ (2025) में काम किया। उन्होंने टीवी सीरियल्स ‘होरोगौरी पिसे होटल’ और ‘मोहोना’ में भी काम किया।
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