1,300 करोड़ की धोखाधड़ी, 80 FIR और अधूरा पड़ा 'वेनिस मॉल' प्रोजेक्ट... SC ने रद्द की सतिंदर सिंह भसीन की जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनिस प्रोजेक्ट घोटाले में प्रमोटर सतिंदर सिंह भसीन की जमानत रद्द कर दी. कोर्ट ने प्रोजेक्ट को रहने लायक न मानते हुए निवेशकों से हुई भारी धोखाधड़ी को गंभीर आर्थिक अपराध कहा.
I-PAC के दिल्ली-बेंगलुरु, हैदराबाद के ठिकानों पर ED की रेड:कंपनी ममता बनर्जी की पार्टी TMC का चुनाव मैनेजमेंट देख रही
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पॉलिटिकल कंसल्टेंट कंपनी I-PAC के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। ED की टीम दिल्ली, बैंगलुरु और हैदराबाद में कंपनी के दफ्तरों पर कार्रवाई कर रही है। I-PAC पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC के लिए चुनाव मैनेजमेंट का काम देखती है। I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी पर और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। पिछली बार रेड के बीच पहुंची थीं ममता 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
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