महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मार्च की बिक्री में दर्ज की 21 प्रतिशत की जोरदार बढ़त; बेचीं 99,969 गाड़ियां
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बुधवार को बताया कि मार्च 2026 के लिए उसकी कुल ऑटो बिक्री 99,969 वाहनों की रही, जो निर्यात सहित सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
कंपनी के अनुसार, मार्च में घरेलू स्तर पर यूटिलिटी व्हीकल (यूवी) सेगमेंट में बिक्री 60,272 यूनिट रही, जो 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। वहीं निर्यात सहित कुल यूवी बिक्री 62,109 यूनिट तक पहुंच गई।
कमर्शियल व्हीकल (सीवी) सेगमेंट में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया। मार्च में घरेलू कमर्शियल व्हीकल की बिक्री 24,928 यूनिट रही, जो 11 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाती है।
कंपनी के एक्सपोर्ट की बात करें तो चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 40,990 यूनिट हो गया, हालांकि मार्च में एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 4 प्रतिशत घटकर 3,968 यूनिट रहा।
कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पूरे वित्त वर्ष में कंपनी ने रिकॉर्ड बिक्री हासिल की। एसयूवी सेगमेंट में 6,60,276 यूनिट और 3.5 टन से कम वाले लाइट कमर्शियल व्हीकल में 2,89,597 यूनिट की बिक्री हुई, जो क्रमशः 20 प्रतिशत और 13 प्रतिशत की सालाना बढ़त है।
कंपनी के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने कहा कि मार्च में एसयूवी की 60,272 यूनिट की बिक्री हुई, जो 25 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं 3.5 टन से कम वाले लाइट कमर्शियल व्हीकल की बिक्री 24,928 यूनिट रही, जो 11 प्रतिशत बढ़ी है।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कंपनी ने केवल यूटिलिटी व्हीकल की बिक्री दर्ज की है और विज्ञप्ति में किसी भी कार या वैन की बिक्री की कोई जानकारी नहीं दी गई।
कमर्शियल व्हीकल और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में, 2 टन से कम वाले एलसीवी की बिक्री 3,526 यूनिट पर स्थिर रही, जबकि 2 से 3.5 टन सेगमेंट में 13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 21,402 यूनिट बिक्री हुई।
थ्री-व्हीलर सेगमेंट, जिसमें इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर भी शामिल हैं, में 39 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 10,801 यूनिट की बिक्री हुई। वहीं वित्त वर्ष के दौरान इस सेगमेंट की कुल बिक्री 1,12,003 यूनिट रही, जो 30 प्रतिशत की वृद्धि है।
कंपनी ने फरवरी 2026 में भी मजबूत प्रदर्शन किया था, जब कुल बिक्री 18 प्रतिशत बढ़कर 97,177 यूनिट रही थी।
कंपनी ने बताया कि उसकी ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान यूवी सेगमेंट का रहा है। घरेलू बाजार में कंपनी ने 60,018 एसयूवी बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले 19 प्रतिशत ज्यादा है।
इस शानदार प्रदर्शन के बाद कंपनी के शेयर भी बढ़त में दिखे और बुधवार दोपहर एनएसई पर एमएंडएम का शेयर करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 3,051 रुपए पर ट्रेड करता नजर आया।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
गर्मियों में नाक की नमी कम होने से बढ़ता है नोज ब्लीडिंग का खतरा, ये करें उपाय
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मी का मौसम अपने साथ कई तरह की सेहत से जुड़ी समस्याएं लेकर आता है। तेज धूप, गर्म हवा और शरीर में पानी की कमी का असर सीधे हमारे शरीर पर पड़ता है। इन्हीं समस्याओं में से एक है अचानक नाक से खून आना, जिसे मेडिकल भाषा में एपिस्टेक्सिस कहा जाता है।
खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मियों में नाक के अंदर की नमी कम हो जाती है, जिससे अंदर की परत सूखकर कमजोर हो जाती है और खून बहने लगता है।
नाक के अंदर की त्वचा बहुत पतली और संवेदनशील होती है। इसमें छोटी-छोटी रक्त नलिकाएं होती हैं, जो सूखने पर जल्दी फट सकती हैं। गर्म हवा और कम ह्यूमिडिटी के कारण यह परत और ज्यादा ड्राई हो जाती है। जब कोई व्यक्ति जोर से नाक साफ करता है, छींकता है, तो ये नलिकाएं टूट सकती हैं और खून बहने लगता है। इसके अलावा, एलर्जी, साइनस की परेशानी, संक्रमण या किसी चोट के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
कुछ लोगों में हाई ब्लड प्रेशर या खून को पतला करने वाली दवाइयों का असर भी नाक से खून आने की वजह बन सकता है।
जब अचानक नाक से खून आने लगे तो सही तरीके से प्राथमिक उपचार करें। सबसे पहले सीधे बैठ जाए और सिर को हल्का सा आगे की ओर झुकाएं। इससे खून बाहर निकलता है और गले में नहीं जाता। इसके बाद नाक के नरम हिस्से को अंगूठे से कुछ मिनटों तक दबाकर रखें। इस दौरान मुंह से सांस लेना बेहतर होता है। माथे या नाक पर ठंडी पट्टी या बर्फ रखने से भी खून की गति धीमी होती है और जल्दी रुकने में मदद मिलती है। आमतौर पर ये तरीके कुछ ही मिनटों में असर दिखा देते हैं।
अगर किसी को बार-बार नाक से खून आने की समस्या होती है, तो कुछ घरेलू सावधानियां अपनाकर इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। नाक के अंदर हल्का सा नारियल तेल या पेट्रोलियम जेली लगाने से नमी बनी रहती है। गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेट रहे। कमरे में ह्यूमिडिटी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद होता है। इसके अलावा भाप लेना भी नाक के अंदर की सूखापन कम करने में मदद करता है।
--आईएएनएस
पीके/एएस
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