'दुनिया से पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की अपील', यूएन में गूंजा बलूचिस्तान का मुद्दा
जिनेवा, 1 अप्रैल (आईएएनएस) बलूच वीमेन फोरम (बीडब्ल्यूएफ) की सेंट्रल ऑर्गनाइजर शाली बलूच ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र के दौरान बलूचिस्तान भर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। इनमें पाकिस्तानी सेना द्वारा लोगों को जबरदस्ती गायब करना और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के हत्याएं करना शामिल है।
गंभीर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार बलूच नागरिकों को आतंकवादी बताकर उन्हें निशाना बना रहा है और उनकी हत्याएं कर रहा है।
वर्चुअली इस सत्र को संबोधित करते हुए शाली ने कहा कि पाकिस्तान के शासन के अधीन स्थित बलूचिस्तान गंभीर मानवाधिकार हनन का सामना कर रहा है, जिसमें हाल के दिनों में बलूच महिलाओं और बच्चों पर सीधे हमले भी शामिल हैं। जबरन गायब किए जाने से लेकर गैर-न्यायिक हत्याओं तक, देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियां (सेना और अर्धसैनिक बल भी शामिल) इन सबमें लिप्त हैं।
उन्होंने बताया कि अकेले 2025 में ही जबरन गायब किए जाने के लगभग 1355 मामले सामने आए हैं, जिनमें 18 महिलाएं और 225 हत्याएं शामिल हैं।
बलूच कार्यकर्ता ने आगे कहा कि पाकिस्तान लगातार आम नागरिकों को निशाना बनाने और उनकी हत्या करने में लगा हुआ है, और उन्हें आतंकवादी करार दे रहा है। स्थानीय लोगों की गवाहियां सरकार के दावों से बिल्कुल अलग हैं।
शाली ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि वे बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के सभी उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएं, और नागरिकों के जबरन गायब होने तथा उनकी हत्याओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस बीच पूरे बलूचिस्तान में हिंसा लगातार बढ़ रही है। बुधवार को मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले एक प्रमुख संगठन ने पाकिस्तानी सेना द्वारा एक और नागरिक की गैर-न्यायिक हत्या का मामला उजागर किया।
इस घटना की निंदा करते हुए बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने बताया कि 28 मार्च को केच जिले के तुरबत इलाके में इसरार बलूच का गोलियों से छलनी शव मिला। इसरार को लगभग चार महीने पहले जबरन गायब कर दिया गया था।
अधिकार संगठन ने कहा कि हिरासत में रहने के पूरे समय के दौरान इसरार के परिवार को उसके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, जबकि हिरासत में मारे जाने के बाद उसके शव को फेंक दिया गया।
यह जोर देते हुए कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चुप नहीं रहना चाहिए, बीवीजे ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह जबरन गायब किए जाने और गैर-न्यायिक हत्याओं के एक सुनियोजित पैटर्न का हिस्सा है, जिसमें बलूच नागरिकों को पूरी तरह से सरकारी छूट के साथ निशाना बनाया जाता है। हम तत्काल एक स्वतंत्र जांच, दोषियों की जवाबदेही तय करने और बलूच लोगों की अवैध हिरासत और हत्याओं को खत्म करने की मांग करते हैं।
बलूचिस्तान पाकिस्तानी सेनाओं के लगातार अत्याचारों से जूझ रहा है, जिसमें बलूच नागरिकों को जबरन गायब किया जाना और उनकी गैर-न्यायिक हत्याएं अभूतपूर्व स्तर पर हो रही हैं।
--आईएएनएस
एमएस/
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नया वित्तीय साल, नए नियम: आयकर से लेकर एलपीजी तक, जानिए 1 अप्रैल से क्या-क्या हुए बदलाव और आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही आम आदमी की आर्थिक जिंदगी में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। करीब 65 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह अब नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो गया है, जिसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। इसके साथ ही जीएसटी व्यवस्था, बैंकिंग नियम, डिजिटल पेमेंट और रोजमर्रा के खर्चों से जुड़े कई अहम बदलाव भी लागू हुए हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
नए टैक्स सिस्टम के तहत अब फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की जगह सिर्फ टैक्स ईयर की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे टैक्स कैलकुलेशन आसान हो जाएगा। सरकार ने 12 लाख रुपए तक की आय को करमुक्त रखने का ऐलान किया है। साथ ही, टैक्स से जुड़े नियमों को सरल भाषा में पेश किया गया है ताकि आम लोगों को समझने में आसानी हो और अनुपालन बेहतर हो सके।
आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी, जबकि अन्य करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त तय की गई है। जिन मामलों में ऑडिट जरूरी है, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर होगी।
इसके अलावा, अब गिफ्ट और वाउचर पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दी गई है, जो पहले 5,000 रुपए थी। बच्चों के शिक्षा और हॉस्टल भत्ते में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे परिवारों को राहत मिलेगी।
हालांकि, इस बीच महंगाई का दबाव भी बढ़ता नजर आ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपए तक पहुंच गई है, जो पहले 1884.50 रुपए थी। इसका असर होटल और रेस्टोरेंट के खाने-पीने की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों का खर्च बढ़ना तय है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। एक्सपी100 पेट्रोल की कीमत अब 160 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 149 रुपए थी। इसी तरह कंपनी ने एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल (प्रीमियम डीजल) की कीमत भी बढ़ा दी है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 92.99 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 91.49 रुपए थी। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
पैन कार्ड से जुड़े नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब सिर्फ आधार के आधार पर पैन बनवाना संभव नहीं होगा और अतिरिक्त दस्तावेज देना जरूरी होगा। बड़े लेनदेन के लिए पैन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, क्रेडिट कार्ड से बड़े खर्च की जानकारी अब आयकर विभाग को दी जाएगी, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी।
मकान किराया भत्ता (एचआरए) के नियमों को भी कड़ा किया गया है। अब किराये की छूट पाने के लिए मकान मालिक का पैन और अन्य विवरण देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शहरों में शामिल कर लिया गया है, जिससे इन शहरों में रहने वालों को 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट मिलेगी।
बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भी बदलाव हुए हैं। अब एटीएम से यूपीआई के जरिए नकद निकासी को भी फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट में गिना जाएगा। वहीं, सभी डिजिटल पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक लगेगी।
यात्रियों के लिए रेलवे नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब कंफर्म टिकट पर रिफंड पाने के लिए ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा। वहीं, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध रहेगी।
हाईवे पर सफर करने वालों के लिए फास्टैग महंगा हो गया है और टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब केवल डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान करना होगा, अन्यथा जुर्माना देना पड़ सकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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