ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र का बड़ा कदम, 6 राज्यों को जारी किए 1,500 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्थानीय शासन को मजबूत करने के लिए 6 राज्यों को 15वें वित्त आयोग के तहत 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की है।
केंद्र सरकार ने तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मिजोरम और मेघालय में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को सशक्त बनाने और जरूरत के अनुसार स्थानीय विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए यह फंड जारी किया है।
तेलंगाना को वित्त वर्ष 2025-26 की पहली किस्त के रूप में 247.94 करोड़ रुपए अनटाइड ग्रांट के रूप में जारी किए गए हैं। यह राशि राज्य की 12,600 ग्राम पंचायतों (जीपी) के लिए है।
इसी तरह उत्तराखंड को 91.31 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त जारी की गई है, जिससे राज्य की सभी 13 जिला पंचायतों (डीपी), 95 ब्लॉक पंचायतों (बीपी) और 7,784 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा 1.84 करोड़ रुपए की रोकी गई राशि भी 216 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के लिए जारी की गई है।
वहीं, राजस्थान को 315.61 करोड़ की दूसरी किस्त जारी की गई है, जिससे राज्य की 33 जिला पंचायतों, 352 ब्लॉक पंचायतों और 3,857 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा। साथ ही 12.57 करोड़ रुपए की रोकी गई राशि भी 9 जिला पंचायतों और 13 ब्लॉक पंचायतों को दी गई है।
मेघालय को वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी किस्त के रूप में 27 करोड़ जारी किए गए हैं, जो राज्य की तीन स्वायत्त जिला परिषदों (खासी, गारो और जयंतिया) के लिए हैं। इसके अलावा, 22.20 करोड़ रुपए की टाइड ग्रांट भी 816 ग्राम परिषदों के लिए जारी की गई है।
महाराष्ट्र को भी विभिन्न मदों में बड़ी राशि जारी की गई है। केंद्र ने 109.06 करोड़ रुपए-109.06 करोड़ रुपए की राशि टाइड ग्रांट की पहली और दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के रूप में जारी की है, जिससे 12 जिला पंचायतों और 125 ब्लॉक पंचायतों को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा महाराष्ट्र को 116.97 करोड़ रुपए की राशि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली किस्त के रोके गए हिस्से के रूप में दी गई है, जिससे 12 जिला पंचायतों, 125 ब्लॉक पंचायतों और 27 ग्राम पंचायतों को फायदा होगा।
सरकार ने बताया कि 329.21 करोड़ रुपए की राशि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के रूप में भी जारी की गई है, जिससे 12 जिला पंचायतों, 125 ब्लॉक पंचायतों और 5,249 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही 72.70 करोड़-72.70 करोड़ रुपए की राशि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली और दूसरी किस्त के अनटाइड ग्रांट के रूप में जारी की गई है, जिससे 12 जिला पंचायतों और 125 ब्लॉक पंचायतों को फायदा मिलेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
शरीर में इन हार्मोन्स के बदलाव से बढ़ती हैं पीरियड्स की दिक्कतें, हो सकती है गंभीर समस्या
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। पीरियड्स के शुरू होने से एक-दो दिन पहले पेट में दर्द, मरोड़, गैस, मतली या कभी-कभी दस्त जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इसके पीछे की वजह शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलाव हैं। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, इन लक्षणों को समझना जरूरी है ताकि समय रहते राहत भी मिल सके और किसी गंभीर समस्या को भी पहचाना जा सके।
दरअसल, पीरियड्स से पहले शरीर में कुछ खास हार्मोन तेजी से बदलते हैं। इनमें सबसे अहम भूमिका एक केमिकल प्रोस्टाग्लैंडिंस निभाता है। यह गर्भाशय को सिकुड़ने में मदद करता है ताकि पीरियड्स के दौरान उसकी परत बाहर निकल सके। जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो इसका असर सिर्फ गर्भाशय तक सीमित नहीं रहता बल्कि आंतों पर भी पड़ता है। इसी वजह से कई महिलाओं को पेट में ऐंठन के साथ-साथ पाचन से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं।
इसके अलावा, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में भी उतार-चढ़ाव होता है। इन बदलावों के कारण शरीर में पानी रुकने लगता है, जिससे पेट फूलना, भारीपन और असहजता महसूस होती है। हालांकि देखा गया है कि ज्यादातर मामलों में ये समस्याएं पीरियड्स शुरू होने के बाद धीरे-धीरे कम हो जाती हैं।
हर बार इन लक्षणों को हल्के में लेना सही नहीं है। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो, लंबे समय तक बना रहे या रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत आने लगे, तो यह किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर पीरियड्स के दौरान दर्द इतना बढ़ जाए कि दवा लेने के बाद भी राहत न मिले, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो या बार-बार उल्टी और दस्त की समस्या हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
कुछ आसान आदतों को अपनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम और योग करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है। पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की सिकाई करने से दर्द और ऐंठन में आराम मिलता है। फाइबर से भरपूर भोजन जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज पाचन को बेहतर बनाते हैं। इसके साथ ही पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। जब शरीर को पूरी तरह आराम मिलता है, तो हार्मोन संतुलित रहते हैं और दर्द की तीव्रता कम हो सकती है।
--आईएएनएस
पीके/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation























