UNCOVERED With Manoj Gairola: क्या अमेरिकी मरीन्स सैनिकों के लिए कब्रगाह बनेगा ईरान का खार्ग आईलैंड? जानें दोनों देशों की कैसी है तैयारी
UNCOVERED With Manoj Gairola: ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच युद्ध जारी है. आज युद्ध का 31वां दिन है. ईरान भी इस्राइल और अमेरिका के ठिकानों को निशाना बना रहा है. युद्ध की आग अब खाड़ी के अधिकांश देशों तक पहुंच गई है. इसी युद्ध पर न्यूज नेशन आपके लिए लाया है खास शो- UNCOVERED With Manoj Gairola.
UNCOVERED With Manoj Gairola के नए एपिसोड में न्यूज नेशन के एडिटर-इन-चीफ, मनोज गैरोला ने सवाल करते हुए कहा कि क्या अमेरिकी सेना ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जा कर पाएगी? या फिर ईरान का ये द्वीप अमेरिकी फौजियों की कब्रगाह बन जाएगा? विषय पर बात की. दरअसल, ईरान से युद्ध शुरू होने के एक महीने बाद तक अमेरिका के हवाई हमले ईरान को झुका नहीं पाएं हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इससे हताश हैं. वे अब जमीनी कार्रवाई के लिए मरीन कमांडोज की तैनाती कर रहे हैं.
'मरीन कमांडोज' घातक हथियारों से लैस अमेरिकी सेना के वो फौजी होते हैं जो...जमीन, आसमान और समुद्र, तीनों जगहों पर खतरनाक ऑपरेशंस को अंजाम दे सकते हैं. अमेरिका ने इस इलाके में कुल 10 हजार फौजियों की संख्या बढ़ाई है, जिनमें 4000 से ज्यादा ऐसे ही कमांडोज हैं. जाहिर है अमेरिका की ये तैयारी ईरान पर पूर्ण हमला करने के बजाय, किसी खास जगह को कब्जाने की है और वो जगह 'खर्ग आइलैंड' हो सकती है.
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ये बात हम इसलिए कह रहे हैं क्यों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि वो खर्ग आइलैंड पर बहुत जल्द कब्जा कर लेंगे...खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में मौजूद ईरान का वो द्वीप है, जहां से उसका 90 प्रतिशत तेल एक्सपोर्ट होता है. सवाल ये है कि क्या ट्रंप के लिए खार्ग आइलैंड पर कब्जा करना इतना आसान है? वह भी तब जब ईरान को इस जमीनी हमले का पूरा अंदेशा है. और वह दशकों से इस तरह के हमलों से निपटने की तैयारी में जुटा था.
ईरान की तैयारी कितनी मजबूत है इसका ट्रेलर तो इस युद्ध में पिछले एक महीने से दिख ही रहा है. जहां ईरान की मिसाइल्स और ड्रोन्स ने मिडिल ईस्ट के फौजी अड्डों से अमेरिकी सैनिकों को खदेड़ दिया है, जिसकी विस्तार से चर्चा हमने अनकवर्ड के अपने पिछले एपिसोड में की. अब अमेरिका के जमीनी हमलों की चर्चाओं के बीच ईरान ने भी चेतावनी दे दी है कि ईरान की धरती अमेरिकी फौजियों के लिए कब्रगाह बन जाएगी.
अमेरिका-ईरान के लिए क्यों खास है खार्ग द्वीप
आखिर ईरान को खुद पर इतना भरोसा क्यों है? इस बारे में एडिटर-इन-चीफ का कहना है कि हमें दो चीजों को समझना होगा- पहला इस इलाके का भूगोल और दूसरा ईरान की तैयारी. ट्रंप जिस खर्ग आइलैंड पर नजरें गढ़ाए बैठे हैं, वो एक 8km लंबा द्वीप है. ईरान में कहीं भी तेल निकले, वो पाइपलाइन से यहीं आता है और स्टोर होता है. इसके बाद तेल यहां से एक्सपोर्ट किया जाता है. ऐसा इसलिए कि यहां समुद्र में पानी गहरा है और जहाज यहां आकर कच्चे तेल के टैंकर लोड कर सकते हैं. पूरे ईरान की अर्थव्यवस्था इसी आइलैंड पर टिकी हुई है, इसीलिए ये द्वीप ट्रंप के निशाने पर है.
खार्ग द्वीप बचाने के लिए ईरान ने की पूरी तैयारी
खार्ग द्वीप को बचाने के लिए ईरान ने भी खूब तैयारियां कर रखी हैं. अमेरिका के इंटेलीजेंस एजेंसीज का कहना है कि ईरान ने आइलैंड के पूरे तट पर माइन्स बिछाई हुई हैं. ये माइन्स दो तरह की हैं, एक एंटी पर्सनल और दूसरी एंटी आर्मर. यहां की जमीन पर एक सिंगल फौजी से लेकर, एक टैंक तक भी बिना माइन्स की जद में आए आगे नहीं बढ़ सकते.
एडिटर-इन-चीफ ने बताया कि अगर हवाई मार्ग से अमेरिका अपने कमांडोज यहां उतारता है तो उनके एयरक्राफ्ट्स या हेलीकॉप्टर्स को गिराने की ईरान ने पूरी तैयारी कर ली है. ईरान ने खार्ग में कंधे से फायर करने वाली एयर डिफेंस मिसाइलों की तैनाती भी शुरू कर दी है, जिसके निशाना में अमेरिका के विमान और जेट्स आ सकते हैं.
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