डाबर के '100% शुद्ध' दावे वाले प्रोडक्ट पर रोक:FSSAI ने शहद-घी समेत कई सामान बेचना बैन किया; 15 दिन में रिपोर्ट मांगी
डॉबर के कई प्रोडक्ट की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इनमें शहद और गाय का घी भी शामिल है। ये प्रोडक्ट 100% शुद्धता के दावे के साथ बेचे जा रहे थे। यह रोक खाने-पीने के सामानों के मानक तय करने वाली सरकारी संस्था FSSAI ने लगाई है। फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इन दावों को गुमराह करने वाला बताया है। इस पर डाबर से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। सोमवार 3 अगस्त को FSSAI ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दी है। FSSAI की जांच में क्या पता चला FSSAI के अनुसार, कंपनी की वेबसाइट पर बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों पर भ्रामक दावे पाए गए थे। इनमें '100% नेचुरल', '100% प्योर', '100% प्योरिटी गारंटेड', '100% ऑर्गनिक' और '100% टेंडर कोकोनट वॉटर' जैसे लेबल शामिल थे। FSSAI का कहना है कि '100 प्रतिशत' दावों का यह उपयोग FSS विनियम, 2018 का उल्लंघन करता है। ये दावे अस्पष्ट, असत्यापित और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हैं। नियमों के अन्य बड़े उल्लंघन पहले भी दिया गया था नोटिस FSSAI ने बताया कि उसने पहले भी डाबर को नोटिस जारी कर ऐसे भ्रामक ‘100%’ दावों को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कंपनी ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके बाद FSSAI को यह कड़ा प्रोहिबिशन (बैन) ऑर्डर जारी करना पड़ा। अब डाबर को 15 दिनों के अंदर यह बताना होगा कि उन्होंने FSSAI के आदेश के बाद क्या कदम उठाए हैं। भास्कर नॉलेज '100%' के दावे के लिए वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी FSSAI के अनुसार '100%' शब्द की फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 में कोई तय परिभाषा नहीं है। इसलिए '100% नेचुरल', '100% प्योर', '100% प्योरिटी गारंटीड' और '100% ऑर्गेनिक' जैसे दावे लोगों को गुमराह कर सकते हैं। इसी वजह से FSSAI ने फूड कंपनियों को ऐसे दावे करने से बचने की सलाह दी है। नियमों के मुताबिक किसी भी खाद्य उत्पाद पर किया गया दावा सच, स्पष्ट और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित होना चाहिए। अगर कोई कंपनी भ्रामक या बिना सबूत के दावा करती है, तो FSSAI उसे नोटिस भेज सकता है, लेबल बदलने का आदेश दे सकता है, उत्पाद की बिक्री रोक सकता है और दूसरी कार्रवाई भी कर सकता है। पहले भी आए ऐसे मामले 1. पतंजलि (2024: सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के स्वास्थ्य संबंधी भ्रामक विज्ञापनों पर कड़ी टिप्पणी की थी। कंपनी और उसके अधिकारियों को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। अदालत के निर्देश के बाद कई विज्ञापन वापस लिए गए। 2. 'हेल्थ ड्रिंक' विवाद (2024): FSSAI ने स्पष्ट किया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस में 'Health Drink' नाम की कोई कानूनी श्रेणी नहीं है। इसके बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने 'Health Drink' कैटेगरी हटाकर ऐसे उत्पादों को उनकी उपयुक्त श्रेणी में दिखाना शुरू किया। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप ने संदिग्ध यूजर्स के अकाउंट रिव्यू में डाले: बिना किसी वार्निंग के सभी फीचर्स ब्लॉक; कंपनी बोली- कभी-कभी हमसे गलती हो जाती है मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में कई यूजर्स के अकाउंट्स 24 घंटे के लिए रिव्यू में डाल दिए हैं। इस दौरान एप के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
Morning Diet: हेल्दी और फिट रहने के लिए मॉर्निंग डाइट में शामिल करें ये चीज, मिलेगा जबरदस्त लाभ
Morning Diet: आपके फिट दिखने और स्वस्थ होने में इस बात की बड़ी भूमिका है कि आप किस समय क्या खाते हैं? सुबह खाली पेट क्या खाएं और क्या न खाएं, अगर आपको इस बात की समझ है तो आप हेल्दी-फिट रहेंगे। लब्बोलुआब यह कि आपको इस बात की समझ होनी बहुत जरूरी है कि किस समय क्या खाएं?
सबसे पहले गुनगुना पानी
यह इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे शरीर हाइड्रेट रहता है, मेटाबॉलिज्म मजबूत और सक्रिय रहता है और यह शरीर के टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है। इसलिए सुबह उठने के बाद सबसे पहले एक-दो गिलास, जितना सहजता से पी सकें गुनगुना पानी पीएं। इसमें नीबू और शहद मिलाकर पीएं तो और अच्छा है। फ्रेश नारियल पानी पीना भी बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि यह इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है और शरीर को प्राकृतिक तरीके से रिहाइड्रेट करता है। घी या शुद्ध मक्खन के साथ सुबह गर्म पानी पीना भी बहुत फायदेमंद है क्योंकि एक चम्मच घी या मक्खन के साथ गर्म पानी पीना शरीर को साफ करता है और वेट लॉस में भी मदद करता है।
डेटॉक्स वॉटर
सुबह-सुबह डेटॉक्स वॉटर (इसे आसानी से घर में बना सकते हैं) पीने के कई फायदे हैं, जैसे- यह हाइड्रेशन बढ़ाता है क्योंकि स्वादिष्ट होने के कारण इसे आप साधारण पानी की तुलना में ज्यादा पीते हैं। यह वजन घटाने में मददगार है क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। इसे पीने से स्किन चमकदार बनती है, क्योंकि यह विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। इसे पीने से पाचन सुधरता है-यह पाचनतंत्र को सही रखने में मदद करता है। इसे पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं।
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भीगे बादाम और अखरोट
सुबह फ्रेश होने के बाद सबसे पहले भीगे बादाम और अखरोट खाना बहुत फायदेमंद होता है। ये विटामिन ई, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स के अच्छे स्रोत हैं। बादाम और अखरोट दिमाग को तेज और पेट को भरा हुआ महसूस कराते हैं। सुबह खाली पेट भीगे हुए बादाम और अखरोट खाने से इम्यूनिटी बढ़ती है। बादाम और अखरोट में प्रोटीन, जिंक, आयरन, विटामिन ए और फोलिक एसिड होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। ये खाने से याददाश्त में सुधार होता है, क्योंकि बादाम में ओमेगा फैटी एसिड और विटामिन ई होता है, जो याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। इन्हें खाने से वजन कम होता है। बादाम और अखरोट में फाइबर होता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। इन्हें खाने से हार्ट हेल्थ बेहतर होता है। बादाम और अखरोट में पोटैशियम होता है, जो हृदय को स्वस्थ रखता है। बादाम और अखरोट में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत करता है।
ताजे फल
सुबह-सुबह ताजे फल खाने से फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक शुगर मिलती है, जो ऊर्जा से लबालब कर देती है। ऐसे फलों में पपीता, सेब, केला, नाशपाती, अमरूद, कीवी, अनार और तरबूज सबसे शानदार फल हैं। सुबह खाली पेट फल खाने से पाचन तंत्र मज़बूत होता है। शरीर को ज्यादा पोषक तत्व मिलते हैं। वजन कंट्रोल में रहता है। शरीर हाइड्रेट रहता है। दिल की सेहत अच्छी रहती है क्योंकि केले में पोटैशियम होता है, जो दिल की सेहत के लिए अच्छा है। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है।
इनसे करें परहेज
हालांकि ज्यादातर लोगों की आदत होती है लेकिन सुबह चाय या कॉफी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इससे एसिडिटी होती है। इससे ब्लड शुगर लेवल में बदलाव आ सकता है। सुबह खाली पेट फ्रूट जूस पीने से भी बचना चाहिए क्योंकि जूस की प्रोसेस में फलों के रेशे और कई विटामिन, न्यूट्रिएंट्स नष्ट हो जाते हैं। फल के पूरे भाग में पाए जाने वाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स भी जूस में कम मात्रा में होते हैं। इसलिए पोषण के लिहाज से पूरे फल को ही डाइट में शामिल करना चाहिए।
हालांकि दही एक हेल्दी डेयरी प्रोडक्ट है, लेकिन खाली पेट दही खाने से पेट के एसिड में इजाफा हो सकता है, जिससे अच्छे बैक्टीरिया डैमेज हो सकते हैं। ऐसे में, सुबह की शुरुआत दही खाने से न करें। इससे एसिडिटी और कब्ज हो सकती हैं। नाश्ते में स्पाइसी फूड्स सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे पेट में जलन पैदा हो सकती है, जिससे अपच, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। साथ ही इससे दस्त, गैस और सूजन जैसी डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम भी हो सकती हैं।
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