NEET में अच्छी रैंक के बाद भी छूट सकती है MBBS सीट, चॉइस लॉक करने में न करें ये गलतियां
NEET Counselling Tips 2026: NEET UG 2026 काउंसलिंग का शेड्यूल जारी हो चुका है. पहले राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन 5 अगस्त से शुरू होंगे. काउंसलिंग के दौरान चॉइस लॉकिंग में की गई छोटी-सी गलती भी सीट अलॉटमेंट को प्रभावित कर सकती है.
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लगातार दूसरे दिन आखिरी मिनटो में चढ़ा बाजार:नया सिस्टम लागू होने के बाद निवेशकों में कंफ्यूजन, FO शेयरों का बदला टाइमटेबल
शेयर बाजार में SEBI का नया नियम CAS लागू होने के बाद लगातार दूसरे दिन क्लोजिंग टाइम पर बड़ा उछाल आया। इस उछाल से रिटेल ट्रेडर्स के बीच काफी कंफ्यूजन पैदा हो गया है। 3 अगस्त को निफ्टी 3:15 बजे 24572 पर था। इसके बाद ये अचानक करीब 200 अंक चढ़कर 24774 पर बंद हुआ। 4 अगस्त को भी निफ्टी 3:15 बजे 24462 पर था।। फिर से अचानक करीब 150 अंक चढ़कर 24,615 पर बंद हुआ। इस स्टोरी में जानेंगे कि सेबी ने ये नियम लागू क्यों किया। इस नियम से आखिरी मिनटों में बाजार में अचानक उछाल क्यों आ रहा है। शेयर बाजार में क्लोजिंग प्राइस तय करने का नया नियम अब पुराने एवरेज फार्मूले के बजाय 'क्लोजिंग ऑक्शन सेशन' यानी CAS के जरिए क्लोजिंग प्राइस निकाली जा रही। फेज-1 में यह नियम केवल फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस में शामिल शेयरों पर लागू किया गया है। अन्य साधारण शेयरों में ट्रेडिंग पहले की तरह ही 3:30 बजे तक चल रही है। पहले कैसे तय होता था क्लोजिंग प्राइस? 3 अगस्त से पहले तक एक्सचेंज आखिरी 30 मिनट यानी दोपहर 3:00 से 3:30 बजे के ट्रेड्स का VWAP यानी वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस निकालता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कोई आखिरी मिनट में छोटा ट्रेड करके शेयर की कीमत में हेरफेर न कर सके। उदाहरण के लिए, अगर कोई शेयर पूरे दिन ₹1,000 से ₹1,010 के बीच ट्रेड हुआ और 3:29 बजे सिर्फ 1 शेयर का ट्रेड ₹980 पर हो गया, तो ₹980 को क्लोजिंग प्राइस नहीं माना जाता था। क्या है नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन CAS? अब VWAP की जगह CAS का इस्तेमाल हो रहा है। इसमें आखिरी 30 मिनट के ट्रेड्स के एवरेज के बजाय, दिन के अंत में सभी बाय और सेल ऑर्डर्स एक जगह इकट्ठा किए जाते हैं। इसके बाद एक्सचेंज एक ऐसी सिंगल प्राइस तय करता है, जिस पर सबसे ज्यादा शेयरों का सौदा हो सके। FO शेयरों के लिए आखिरी 30 मिनट का नया टाइमटेबल उदाहरण से जानिए कैसे निकलती है फाइनल क्लोजिंग प्राइस मान लीजिए ऑक्शन के दौरान मार्केट डेप्थ इस प्रकार है: इस डेटा में ₹1,005 वह कीमत है, जिस पर सबसे ज्यादा (900 शेयर) ट्रेड हो सकते हैं। इसलिए ₹1,005 को 'इक्विलिब्रियम प्राइस' माना जाएगा और यही उस दिन की ऑफिशियल क्लोजिंग प्राइस बनेगी। निवेशकों के लिए मुख्य बातें अब कुछ जरूरी सवालों के जवाब सवाल 1: निफ्टी में 3 अगस्त और 4 अगस्त दोनों दिन क्लोजिंग टाइम पर क्या दिखा? जवाब: 3 अगस्त को पूरे दिन सीमित दायरे के बाद क्लोजिंग विंडो में निफ्टी 24572 से अचानक करीब 200 अंक चढ़कर 24774 पर बंद हुआ। वहीं 4 अगस्त को दिनभर गिरावट रहने के बाद 24462 से अचानक करीब 150 अंक चढ़कर 24,615 पर बंद हुआ। सवाल 2: पुरानी क्लोजिंग प्रणाली में क्या कमी थी जिसे बदलने के लिए नया नियम लाना पड़ा? जवाब: पुराने सिस्टम में दोपहर 3:00 से 3:30 बजे के आखिरी 30 मिनट के सौदों का वॉल्यूम-वेटेड एवरेज (VWAP) निकाला जाता था। इसमें कई बार बड़े ट्रेडर्स आखिरी सेकंड में छोटे वॉल्यूम के सौदे करके क्लोजिंग प्राइस को अपने हिसाब से मैनिप्युलेट कर लेते थे। नए ऑक्शन नियम में न्यूयॉर्क और लंदन की तर्ज पर सभी ऑर्डर्स को एक पूल में मैच करके पारदर्शी क्लोजिंग प्राइस निकाला जाता है।
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