Responsive Scrollable Menu

Is the US-Israel war with Iran helping Putin and Russia? | The Global Story

With the world’s attention on the US-Israel war with Iran, Vladimir Putin appears to be stepping up Russia’s war in Ukraine. Last week saw the biggest Russian drone attack since the beginning of the war. Some Ukrainians believe Putin is doing this precisely because the world is looking the other way. Russia also appears to be benefiting from the Iran war in other ways – oil prices have skyrocketed at the same time as Trump has loosened sanctions on Russian oil. On the other hand, it’s been a difficult few months for Russian allies in Tehran, Caracas and Havana. The author, academic and Russia analyst Mark Galeotti joins us to examine the ways in which the war in Iran could help or hinder Putin. New episodes of The Global Story are released daily. If you’re in the UK, listen on BBC Sounds. If you live outside the UK, listen on BBC.com or wherever you get your podcasts. https://app.magellan.ai/listen_links/the-global-story-ytl Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #BBCNews #putin #russia Chapters: 00:00 Introduction 01:29 Large scale Russian drone attacks on Ukraine 06:55 Is Putin taking advantage of the war in Iran? 11:07 Is there a long term threat to NATO? 14:00 Putin and Trump's relationship 15:45 Are there any negative outcomes for Russia from war in Iran? 18:00 What is Putin's plan? 22:55 Has the war in Iran helped Putin?

Continue reading on the app

कंपनी डिफॉल्ट हुई तो सबसे पहले मजदूरों को मिलेगा बकाया:बैंक करप्सी संशोधन बिल पास, 14 दिन में मंजूर होगी दिवालिया अर्जी

लोकसभा ने 30 मार्च को दिवालियापन कानून में बदलाव वाला बिल पास कर दिया। अब कोई कंपनी दिवालिया होने पर उसकी संपत्ति बेचकर जो पैसा मिलेगा, उसमें सबसे पहले मजदूरों और कर्मचारियों की रुकी हुई सैलरी और बकाया चुकाया जाएगा। इसके बाद ही बाकी लोगों को भुगतान होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह नया सिस्टम पुराने फास्ट-ट्रैक प्रोसेस की जगह लेगा, क्योंकि पुरानी व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही थी। इसके अलावा, अब एक ही ग्रुप की कई कंपनियों और विदेशों में फंसी उनकी संपत्तियों से जुड़े विवादों को सुलझाना भी आसान होगा। सीतारमण ने कहा- मजदूरों के हक से कोई समझौता नहीं संसद के बजट सत्र के दौरान चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि दिवालिया प्रक्रिया के दौरान मजदूरों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे कामगारों के बकाए को भुगतान की लिस्ट में ऊपर रखा जाए। डिफॉल्ट हुआ तो 14 दिन में मंजूर करनी होगी अर्जी संशोधन बिल का एक और बड़ा फायदा यह है कि अब दिवालिया मामलों को लटकाया नहीं जा सकेगा। जैसे ही किसी कंपनी का डिफॉल्ट (कर्ज न चुका पाना) साबित हो जाएगा, उसके खिलाफ इनसॉल्वेंसी की अर्जी को 14 दिन के भीतर स्वीकार करना अनिवार्य होगा। इससे पूरी प्रक्रिया तेज होगी और कर्मचारियों को अपना हक मिलने में सालों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बैंकों ने अब तक 4.11 लाख करोड़ रुपए वसूले वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि IBC कानून के लागू होने से देश के बैंकिंग सेक्टर की सेहत सुधरी है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक: गलत फायदा उठाने वालों पर लगेगा ₹5 करोड़ तक का जुर्माना वित्त मंत्री ने साफ कर दिया है कि दिवालिया कानून (IBC) अब वसूली का नहीं, बल्कि समाधान का जरिया है। अगर कोई भी व्यक्ति या कंपनी इस पूरी प्रक्रिया का गलत फायदा उठाती है या इसमें अड़ंगा डालती है, तो उस पर भारी पेनाल्टी लगेगी: छोटी कंपनियां कोर्ट के बाहर सेटलमेंट कर सकेंगी पुराने सिस्टम में कुछ कमियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए अब 'क्रेडिटर-इन-कंट्रोल' मॉडल लाया जा रहा है। इसमें लेनदार (जैसे बैंक या अन्य पैसे देने वाले) खुद समाधान प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। साथ ही, छोटी कंपनियों के लिए कोर्ट के बाहर सेटलमेंट जैसे आसान तरीके अपनाए जाएंगे, ताकि लंबी कानूनी लड़ाई से बचा जा सके। 7 बार बदला जा चुका है यह कानून बता दें कि सरकार ने 12 अगस्त 2025 को इस संशोधन बिल को लोकसभा में पेश किया था। इसके बाद इसे सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था। कमेटी ने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर अब इसे पारित किया गया है। 2016 में पहली बार लागू होने के बाद से IBC में अब तक कुल 7 बार संशोधन किए जा चुके हैं।

Continue reading on the app

  Sports

49 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू.... दुनिया के 5 क्रिकेटर, जिन्होंने सबसे ज्यादा उम्र में किया पदार्पण, 50 में मिली कप्तानी

5 Oldest players who debut in Test: रिटायरमेंट की उम्र में करियर का आगाज! क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई खिलाड़ी 49 साल की उम्र में अपना टेस्ट डेब्यू करे? जेम्स साउदर्टन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से लेकर मीरन बख्श की 47 साल वाली जादुई स्पिन तक. यह कहानी है उन 5 'सफेद दाढ़ी' वाले क्रिकेटर्स की है, जिन्होंने उम्र को महज एक आंकड़ा साबित कर दिया. जानें कैसे आधी उम्र बीतने के बाद इन दिग्गजों ने मैदान पर कदम रखा और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गए. Wed, 1 Apr 2026 20:25:53 +0530

  Videos
See all

Iran America War Update: अमेरिकी एंबेसी तबाह, महिला पत्रकार किडनैप | N18G | US Journalist #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-01T15:37:59+00:00

Bihar News: Nalanda में महिला से सरेआम छेड़छाड़ पर चश्मदीदों ने क्या बताया? । Woman Harassment Case #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-01T15:32:36+00:00

ChakraView | Sumit Awasthi: चंडीगढ़ में बीजेपी ऑफिस के बाहर बड़ा बम धमाका! #bombblast #bjpoffice #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-01T15:31:45+00:00

Rule Change 1st April: आज से बदले ये 10 बड़े नियम, जानिए क्याहुआ सस्ता और क्या महंगा ? | Price Hike #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-01T15:45:00+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers