भृंगराज: सिर्फ बालों के लिए ही नहीं, पित्त और वात को भी संतुलित करने में सहायक, जानें सेवन के लाभ
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद में कई लाभकारी जड़ी बूटियों का जिक्र किया गया है, जिसमें से एक है भृंगराज। भृंगराज में कई ऐसे गुण पाए पाए जाते हैं जिसका इस्तेमाल शरीर को पुष्ट बनाने और लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि इसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं।
आयुर्वेद में भृंगराज को केशों के लिए हितकारी, यकृत के लिए सहायक, त्वचा के लिए उपयोगी और रसायन माना गया है। इसी कारण कई ग्रंथों में इसे केशराज कहा गया है। अगर गले में खराश और सांस लेने में परेशानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो भृंगराज का चूर्ण और शहद का सेवन एक साथ करने से गले में लाभ मिलेगा। इससे खांसी में भी राहत मिलेगी और गले में होने वाले दर्द से भी राहत मिलेगी।
अगर लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बार-बार गैस बनने की परेशानी हो रही है या लिवर की वजह से शरीर में सूजन हो रही है तो भृंगराज का ताजा रस पीने से राहत मिलेगी। इससे पीलिया में भी राहत मिलती है, लेकिन इसके सेवन से पहले एक बार चिकित्सक से सलाह जरूर लें। भृंगराज के रस से लिवर की कार्यक्षमता बढ़ती है और खाना पचाने में सहायक अम्ल भी अच्छे से बनते हैं। यह पित्त को भी संतुलित करने में मदद करता है।
भृंगराज त्वचा के लिए भी लाभकारी है। वात और पित्त के असंतुलन से भी त्वचा संबंधित परेशानी होती है। ऐसे में भृंगराज का सेवन या फिर इसका काढ़ा त्वचा सबंधी परेशानियों में राहत देता है। इसके अलावा भृंगराज का लेप भी त्वचा पर लगा सकते हैं, जिससे त्वचा में खुजली और दाग-धब्बों की समस्या से परेशानी मिलती है।
आखिर में भृंगराज को बालों के लिए जाना जाता है और आयुर्वेद में इसे केशराज की उपाधि मिली है। भृंगराज तेल झड़ते बालों को रोकता है, बालों को असमय सफेद होने से रोकता है, सिर की शुष्कता को भी कम करता है और नए बाल उगाने में भी लाभकारी है।
--आईएएनएस
पीएस/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान और इजरायल-अमेरिका की जंग को पहला एनर्जी वॉर क्यों कह रहे एक्सपर्ट? जानिए भारत के लिए कहां है अवसर
Iran-Iraq war- इस युद्ध ने दुनियाभर के देशों को तेल और गैस संकट से जूझने को मजबूर कर दिया है. एक्सपर्ट इसे पहले एनर्जी वर्ल्ड वॉर यानी ऊर्जा विश्व युद्ध' (First Energy World War) के रूप में देख रहे हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
NDTV





















