गर्भावस्था में पीठ दर्द से हैं परेशान? आयुर्वेद से जानिए राहत पाने के सरल उपाय
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। गर्भावस्था के दौरान कमर या पीठ में दर्द होना आम बात है, खासकर शुरुआती कुछ महीनों में। कई महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है। कुछ सरल आयुर्वेदिक उपायों और जीवनशैली में बदलाव से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
दरअसल, प्रेगनेंसी के दौरान लिगामेंट्स और जोड़ स्वाभाविक रूप से नरम और खिंचाव वाले हो जाते हैं। इसके कारण न सिर्फ कमर, बल्कि पेल्विक यानी कमर के निचले हिस्से और हिप्स में भी खिंचाव और दर्द महसूस होता है।
इसके साथ ही कभी-कभी गलत पोजिशन में सोने या सॉफ्ट और असमान बिस्तर पर सोने से भी कमर दर्द बढ़ जाता है। इसलिए अपनी नींद और बैठने की आदतों पर ध्यान दें। कोशिश करें कि आप ऐसी पोजिशन में सोएं जिसमें कमर और पीठ को पूरी तरह सपोर्ट मिले। गर्भवती महिलाओं के लिए साइड पर सोना काफी आरामदायक होता है।
आयुर्वेदिक उपायों में सबसे आसान तरीका है तेल मालिश और गर्म सिकाई। हल्का तिल या नारियल का तेल लेकर पीठ और कमर की मालिश करें। इसके बाद हल्की गर्म पानी की सिकाई करने से मांसपेशियों में खिंचाव कम होता है और दर्द में आराम मिलता है। इसे दिन में एक या दो बार करें।
इसके अलावा योगासन भी बहुत मददगार होते हैं। एक्सपर्ट की सलाह से गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ आसान योगासन जैसे भुजंगासन, वृक्षासन और शिशु मुद्रा अपनाए जा सकते हैं। ये आसन न सिर्फ कमर दर्द कम करते हैं, बल्कि पेट के निचले हिस्से और हिप्स की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं।
खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है। कुछ ऐसे भोजन हैं जो गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ाते हैं, जैसे आलू, मटर, चना और बेसन। इसके बजाय खाने में जीरा, हींग, अजवाइन, अदरक और घी शामिल करें। ये चीजें पाचन को सुधारती हैं और पेट के साथ कमर दर्द में भी आराम पहुंचाती हैं।
साथ ही, मानसिक तनाव कम करना भी जरूरी है। तनाव और चिंता से मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द बढ़ सकता है। हल्की वॉक, ध्यान या गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं।
--आईएएनएस
पीआईएम/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
CM योगी का बड़ा ऐलान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भी होगा 'स्मार्ट'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र बांटते हुए कहा कि अब आंगनबाड़ी केंद्र “डिजिटल सेवा केंद्र” के रूप में विकसित होगा. उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन दिया और कहा कि इनका मानदेय भी “स्मार्ट” होना जरूरी है. इसे जल्द “सम्मानजनक” करने का प्रयास होगा. पूरी व्यवस्था को तकनीक पारदर्शी करने की कोशिश होगी.
उन्होंने कहा...“सम्मानजनक” मतलब न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलनी जरूरी है. सीएम ने यह भी कहा कि अप्रैल से आउटसोर्स कर्मियों के लिए नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है. इसमें न्यूनतम वेतन की गारंटी होगी. बिचौलियों की भूमिका को खत्म किया जाएगा.
60 हजार से अधिक सहायिकाओं की नियुक्ति
लाेक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि स्मार्टफोन देने से अब रियल टाइम डाटा अपलोड किया जाएगा. राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की रैंकिंग को बेहतर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि 46 जिलों में 754 नवचयनित आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र सौंपा जाएगा. वहीं बड़ी संख्या में अन्य चयन प्रक्रियाएं भी होनी है. इस साल पांच हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 60 हजार से ज्यादा सहायिकाओं की नियुक्ति का लक्ष्य तय किया गया है. मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन की डिजाइन का भी विमोचन किया.
प्री-प्राइमरी शिक्षा संचालित किया जा रहा
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा संचालित किया जा रहा है. इसके तहत 27 हजार केंद्रों को आंगनबाड़ी व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास है. इससे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण एक ही मंच पर तय होगा. ‘सुपोषित भारत’ को उन्होंने देश का भविष्य बताया. उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ पोषण नहीं, बल्कि “सशक्त और साक्षर भारत” की नींव की तरह है.
ये भी पढ़ें: UP News: 'यूपी में जबसे आप आए तब से उनके अंदर भी हिम्मत आई', नियुक्ति पत्र पाने के बाद बोलीं नर्सिंग अधिकारी
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation






















