लगातार आंखों की सूजन को नजरअंदाज करना जोखिम भरा, हो सकता है किडनी से जुड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। सुबह उठते ही अगर आंखों के आसपास हल्की सूजन नजर आए, तो यह शरीर के अंदर चल रही किसी बड़ी गड़बड़ी का संकेत हो सकती है। खासकर जब यह सूजन बार-बार दिखे या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे हल्के में लेना जोखिम भरा हो सकता है।
विज्ञान के मुताबिक, आंखों के आसपास की त्वचा बहुत पतली होती है, इसलिए शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन में जरा सा बदलाव भी यहां जल्दी दिखाई देने लगता है। इसी वजह से कई बार किडनी से जुड़ी समस्याओं का असर सबसे पहले आंखों के आसपास सूजन के रूप में नजर आता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती, तो शरीर में पानी और जरूरी तत्वों का संतुलन बिगड़ने लगता है, जिसका असर धीरे-धीरे बाहर दिखने लगता है।
किडनी का मुख्य काम खून को साफ करना और शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखना होता है। लेकिन जब किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है, तो खून में मौजूद जरूरी प्रोटीन धीरे-धीरे पेशाब के जरिए बाहर निकलने लगते हैं। ये प्रोटीन शरीर में तरल को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। जब इनकी कमी होने लगती है, तो शरीर में पानी टिश्यूज में जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देती है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि सुबह के समय यह सूजन ज्यादा क्यों नजर आती है।
दरअसल, जब हम रात में सोते हैं, तो हमारा शरीर एक ही स्थिति में लंबे समय तक रहता है। इस दौरान शरीर में मौजूद तरल पदार्थ नीचे की ओर जाने के बजाय चेहरे और आंखों के आसपास जमा हो सकता है। सुबह उठते ही यही जमा हुआ तरल सूजन के रूप में दिखाई देता है। जैसे-जैसे हम चलते-फिरते हैं, यह तरल शरीर के अन्य हिस्सों, खासकर पैरों की ओर खिसक जाता है और आंखों की सूजन कम होने लगती है।
हालांकि, हर बार आंखों की सूजन का मतलब किडनी की बीमारी नहीं होता। कई सामान्य कारण भी इसके पीछे हो सकते हैं, जैसे पर्याप्त नींद न लेना, एलर्जी होना, ज्यादा नमक का सेवन करना या शरीर में पानी की कमी होना। लेकिन, फर्क यह है कि ये कारण अस्थायी होते हैं और थोड़े समय में ठीक हो जाते हैं। जबकि अगर सूजन रोजाना बनी रहती है या इसके साथ कुछ और लक्षण भी दिखाई देने लगें, तो सतर्क हो जाना चाहिए।
किडनी से जुड़ी समस्या होने पर कुछ और संकेत भी दिख सकते हैं। जैसे पेशाब में झाग आना, टखनों या पैरों में सूजन, बार-बार थकान महसूस होना या शरीर में कमजोरी आना। कुछ लोगों में ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर भी असंतुलित रहने लगता है। ऐसे लक्षण अगर आंखों की सूजन के साथ दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो जाता है।
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पीके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भूख नहीं लगती, सताती है अपच की समस्या? दही के साथ करें भूने जीरे का सेवन, मिलेंगे जबरदस्त लाभ
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों में भूख न लगना, अपच, पेट फूलना और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में घरेलू नुस्खों में दही के साथ भुना जीरा खाना बहुत फायदेमंद साबित होता है। आयुर्वेद में इस मिश्रण को पाचन का रामबाण इलाज माना जाता है।
दही प्राकृतिक रूप से ठंडक देने वाला और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है, जबकि भुना जीरा पाचन शक्ति बढ़ाने और गैस की समस्या दूर करने में बेहद असरदार है। दोनों को मिलाकर खाने से गर्मी के मौसम में होने वाली पेट संबंधी अधिकांश समस्याओं से राहत मिलती है।
गर्मी के मौसम में महंगे और केमिकल वाले ड्रिंक्स की जगह दही-जीरा का यह प्राकृतिक और सस्ता नुस्खा पेट स्वस्थ रखने के साथ ही पूरे दिन तरोताजा रखने में भी मददगार है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, दही और भुने जीरे के सेवन से कई लाभ मिलते हैं। सबसे पहले अपच और गैस से राहत मिलती है। भुना जीरा पेट की गैस, ब्लोटिंग और अपच की समस्या को दूर करता है। दही के साथ लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और भोजन आसानी से पचता है। यह कॉम्बिनेशन भूख बढ़ाने में मदद करता है। गर्मी में अक्सर भूख नहीं लगती। भुना जीरा भूख बढ़ाने में सहायक है और दही के साथ इसका सेवन भूख लगाने में बेहतर काम करता है।
जीरा मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है जिससे कैलोरी बर्निंग तेज होती है। इससे वजन नियंत्रण में भी मदद मिलती है। साथ ही इम्युनिटी बढ़ाता है। दही और जीरा दोनों में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन होते हैं जो गर्मियों में कमजोर पड़ रहे इम्यून सिस्टम को मजबूत रखते हैं। सर्दी-जुकाम और छाती की जकड़न से बचाव होता है। साथ ही दही शरीर को ठंडक देता है, जबकि जीरा पसीने के साथ निकलने वाले खनिजों की पूर्ति करता है। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है।
इसके लिए एक छोटे चम्मच भुने हुए जीरे को अच्छे से पीस लें। एक कप दही में मिलाकर स्वादानुसार काला नमक डालें। सुबह नाश्ते के साथ या दोपहर के भोजन के बाद इसे ले सकते हैं। गर्मियों में रोजाना एक बार इसका सेवन बहुत फायदेमंद रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह मिश्रण न सिर्फ पाचन सुधारता है, बल्कि गर्मी से होने वाली थकान और कमजोरी को भी दूर करता है। हालांकि जिन लोगों को जीरा से एलर्जी हो या कोई गंभीर बीमारी हो, वे डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करें। वहीं, अस्थमा के मरीजों को भी दही के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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