डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 95 के पार
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए ने सोमवार को पहली बार 95 के स्तर को पार 95.2 का नया लो बनाया है।
हालांकि, दिन के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 94.83 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि शुक्रवार के बंद 94.81 से 0.3 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
मध्य पूर्व में तनाव के कारण डॉलर के मुकाबले रुपए में लगातार कमजोरी देखी जा रही है और अकेले मार्च में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले भारतीय मुद्रा ने 4.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बैंकों के लिए ओवरनाइट नेट ओपन पॉजिशन लिमिट को घटाकर 100 मिलियन डॉलर करने के बाद, रुपया मजबूती के साथ खुला था, लेकिन सत्र के दौरान इसने अपनी बढ़त खो दी और शुरुआती स्तर से 160 पैसे गिर गया।
इसके अलावा, पिछले सप्ताह रुपए में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई, जो इसी स्तर की लगातार चौथी साप्ताहिक गिरावट थी, और यह डॉलर के मुकाबले 94.84 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद, केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 10 अप्रैल तक, प्रत्येक कारोबारी दिन के अंत में, घरेलू बाजार में उनकी नेट ओपन रुपया पॉजिशन 100 मिलियन डॉलर से अधिक न हो।
अनुमानों के अनुसार, इन निवेशों का आकार 25 अरब डॉलर से लेकर 50 अरब डॉलर से अधिक तक है।
तेल की बढ़ती कीमतों के चलते रुपए के साथ भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट देखी जा रही है और मार्च 2026 में निफ्टी में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है, जो कि मासिक आधार पर कोरोना काल के दौरान मार्च 2020 के बाद हुई सबसे बड़ी गिरावट है।
चालू वित्त वर्ष (2025-26) के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,947.55 और निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,331.40 पर था।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने भी वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है।
खबर लिखे जाने तक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत सोमवार को 2.11 प्रतिशत बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल पर और डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स की कीमत 1.75 प्रतिशत बढ़कर 101.4 डॉलर प्रति बैरल पर थी
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान की अपनी पहल, हमारी अमेरिका से नहीं हो रही सीधी बात: ईरान
तेहरान, 30 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अब तक दोनों देशों के बीच सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने अपनी ओर से बातचीत की पहल की है इसमें ईरान शामिल नहीं है।
अर्द्ध सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने उनके हवाले से बताया कि अमेरिका ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन उसकी ओर से भेजी गई शर्तें अतार्किक हैं। बघाई ने कहा कि ईरान का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है, जबकि अमेरिका अपने रवैए में लगातार बदल लाता रहा है।
ईरान ने यह भी कहा कि उसे पूरी तरह पता है कि वह किस ढांचे में बातचीत पर विचार करेगा। प्रवक्ता ने अमेरिकी कूटनीति पर तंज कसते हुए कहा कि वहां खुद लोग उनके (ट्रंप) दावों को कितनी गंभीरता से लेते हैं, यह सोचने वाली बात है।
पाकिस्तान में हुई बैठकों पर ईरान ने स्पष्ट किया कि ये उनकी अपनी पहल है, लेकिन तेहरान इसमें शामिल नहीं है। उसने मध्य-पूर्व के देशों से कहा कि वे संघर्ष खत्म करने की कोशिश करें, लेकिन यह भी ध्यान रखें कि इसकी शुरुआत किसने की थी।
ट्रंप के इस दावे पर कि ईरान, यूएस के प्रस्तावों पर सहमत हो गया है, बघाई ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी जो चाहें बोल सकते हैं, लेकिन ईरान ने यूएस के साथ कोई बातचीत नहीं की है।
उन्होंने आगे कहा कि अ्मेरिका से बातचीत के लिए सिर्फ तीसरे देशों के जरिए अनुरोध किया गया था।
बघाई ने कहा कि ईरान की स्थिति साफ है: हमलों के खिलाफ ईरान की कोशिशें खुद को बचाने पर ही केंद्रित है। उन्होंने कहा कि कि अमेरिका के दावे भरोसे लायक नहीं है। हमने पहले भी देखा है कि बातचीत की आड़ में उन्होंने हमला कर हमें धोखे में रखा।
इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ट्रंप के बयानों को मार्केट की चाल से जोड़ा है। उन्होंने निवेशकों से अपील की है कि वो ट्रंप की कही पर तुरंत भरोसा न करें। उन्होंने एक्स पर कहा कि जब अमेरिकी बयान से बाजार तेजी से ऊपर-नीचे हो, तो उसी दिशा में चलने के बजाय उल्टा सोचकर कदम उठाना बेहतर हो सकता है।
गालीबाफ का इशारा ट्रंप के हालिया बयानों को लेकर है। जब ट्रंप ने 22 मार्च को कहा कि ईरान के साथ अच्छी बातचीत और उसके एनर्जी ठिकानों पर हमले टाल दिए गए हैं। इससे बाजार में राहत आई, अमेरिकी शेयर बाजार चढ़े और तेल की कीमतें गिर गईं।
कुछ ही दिनों बाद हालात बदल गए। ट्रंप ने फिर कड़ी टिप्पणी की, इजरायल ने तेहरान पर हमले किए, और सऊदी अरब में ड्रोन इंटरसेप्शन की खबरें आईं। इसके बाद बाजार पलट गया। शेयर गिरे और तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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