भारत में प्रोडक्ट डिजाइन नहीं करने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को नहीं मिलेगा सरकारी फायदा: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को साफ कर दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) में शामिल कंपनियों को सरकारी सहायता तभी मिलेगी, जब वे भारत में प्रोडक्ट डिजाइन पर गंभीरता से निवेश करेंगी।
राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रोत्साहन और समर्थन अब इस बात से जुड़े होंगे कि कंपनियां देश में डिजाइन, क्वालिटी और इंजीनियरिंग क्षमताओं को कितना विकसित कर रही हैं।
मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर कंपनियां सरकार की चार प्रमुख मांगों पर काम नहीं करती हैं, तो वह अगली इंडस्ट्री मीटिंग में शामिल भी नहीं होंगी।
वैष्णव ने कहा कि कंपनियों द्वारा डिजाइन और क्वालिटी क्षमताओं को विकसित करने की गति से वे निराश हैं, और अगर सुधार नहीं हुआ तो सरकार कड़े फैसले लेने को तैयार है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, अगर इंडस्ट्री हमारी अपेक्षाओं के मुताबिक कदम नहीं उठाती है, तो हम आगे की मंजूरी और फंडिंग रोक सकते हैं।
सरकार की अपेक्षाओं को बताते हुए मंत्री ने कहा कि कंपनियों को केवल असेंबली या बेसिक मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें कॉन्सेप्चुअल डिजाइन, इंजीनियरिंग डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग डिजाइन तक अपनी क्षमता बढ़ानी होगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, उनमें भी अगर शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो फंड जारी नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, जिन आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है, उनमें भी हम पैसा नहीं देंगे अगर हमारी शर्तें पूरी नहीं हुईं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने इस स्कीम के चौथे चरण में 29 आवेदनों को मंजूरी दी है, जिनमें कुल 7,104 करोड़ रुपए का निवेश शामिल है। ईसीएमएस के तहत कुल 59,350 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य था, जबकि अब तक 61,671 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है।
वैष्णव ने कहा कि असली वैल्यू तभी बनती है, जब डिजाइन भारत में किया जाता है। उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग जरूरी है, लेकिन डिजाइन का महत्व उससे ज्यादा है क्योंकि यह ज्यादा जटिल और रणनीतिक प्रक्रिया है।
वैश्विक गुणवत्ता मानकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्तर की क्वालिटी के लिए सिक्स सिग्मा जैसी प्रक्रियाएं जरूरी हैं। उन्होंने कहा, यह होना ही चाहिए; इसके बिना प्रोडक्ट पूरा नहीं माना जाएगा। उन्होंने विश्वसनीयता, सटीकता और निरंतरता पर सरकार के फोकस को रेखांकित किया।
मंत्री ने इंडस्ट्री से यह भी अपील की कि वे स्किल्ड मैनपावर तैयार करने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे इकोसिस्टम को सपोर्ट करेगी, लेकिन कंपनियों को खुद आगे आकर डिजाइन और इंजीनियरिंग में कुशल प्रतिभा तैयार करनी होगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Hanuman Jayanti 2026: इस साल हनुमान जयंती पर बन रहा बेहद दिव्य संयोग, जानें पूजन का शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र, भोग और महत्व
Hanuman Jayanti 2026 Date: हिन्दू धर्म में चैत्र मास की पूर्णिमा बेहद खास मानी जाती है. इस तिथि को संकटमोचन हनुमान जी का जयंती पर्व मनाया जाता है. इस साल हनुमान जयंती का पर्व 2 अप्रैल गुरुवार को मनाया जाएगा. इस साल हनुमान जयंती पर बेहद खास संयोग बन रहे हैं. हनुमान जयंती पर शास्त्र विधि से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. जीवन के सभी कष्ट और संकटों से छुटकारा मिल जाता है. इसके साथ ही कुंडली के ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी समाप्त हो जाते हैं. हनुमान जी भगवान शिव का ग्याहवां अवतार हैं. चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी ने अवतार लिया था. आइए जानते हैं इस साल पूजा के क्या मुहू्र्त हैं, किस विधि से पूजा करें.
कब है हनुमान जयंती? (Hanuman Jayanti 2026 Kab Hai)
पंचाग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर शुरु होगी. पूर्णिमा तिथि का समापन 2 अप्रैल गुरुवार को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस साल 2 अप्रैल गुरुवार को हनुमान जयंती पर्व मनाना बेहद शुभ होगा.
हनुमान जयंती पूजा मुहूर्त (Hanuman Jayanti 2026 Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 38 मिनट से सुबह 05 बजकर 24 मिनट तक.
सुबह शुभ मुहूर्त- सुबह 05 बजकर 01 मिनट से सुबह 06 बजकर 10 मिनट तक.
अमृत काल मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 18 मिनट से सुबह 12 बजकर 59 मिनट तक.
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक.
विजय मुहू्र्त- दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक.
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 38 मिनट से शाम 07 बजकर 01 मिनट तक.
शाम शुभ मुहूर्त- शाम 06 बजकर 39 मिनट से शाम 07 बजकर 48 मिनट तक.
हनुमान जयंती पर दिव्य संयोग
पंचांग के अनुसार इस साल 2 अप्रैल को हनुमान जयंती पर दिव्य संयोग बन रहा है. इस साल हस्त नक्षत्र में हनुमान जयंती पर्व मनाया जाएगा. हस्त नक्षत्र शाम 5 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. इसके साथ ही ध्रुव योग का संयोग भी बन रहा है. इसके साथ ही मंगल का गोचर भी मीन राशि में होगा. ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से ये संयोग बेहद खास हैं. इनमें पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होगी. मंगल ग्रह की वजह से आ रही समस्याएं दूर होंगी.
हनुमान जयंती पूजा विधि (Hanuman Jayanti Puja Vidhi)
इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर व्रत संकल्प लें. स्वच्छ कपड़े पहनकर पूजा करें. पूजा स्थान को साफ कर गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें. उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी बिछाकर उस पर लाल या केसरिया कपड़ा बिछाएं. चौकी पर भगवान सीताराम और हनुमान जी के श्रीविग्रह की स्थापना करें. दीपक और धूपबत्ती प्रज्ज्वलित करें. सबसे पहले भगवान सीताराम का गंगाजल से अभिषेक करें. हनुमान जी का गंगाजल से अभिषेक करें. भगवान सीताराम को चंदन या रोली से टीका करें. हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर टीका करें. लाल फूलों की माला पहनाएं. मौसमी फल और बूंदी के लड्डूओं का भोग लगाएं. पूजा के बाद श्रद्धा भक्ति से आरती करें. पूजा में हुई गलतियों की क्षमा मांगते हुए दंडवत प्रणाम करें. आसन पर बैठकर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण आदि का पाठ करें. हनुमान जी के मंत्रों का जाप करें.
हनुमान जी को इन चीजों का विशेष भोग लगाएं
हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी को शास्त्र विधि से भोग लगाना चाहिए. इस दिन हनुमान जी को उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके साथ ही जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती होती है. शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी को गुड़-चना, बूंदी और बूंदी के लड्डू, पान का बीड़ा, मीठी रोटी, नारियल और केला का भोग सबसे अधिक प्रिय है. भोग लगाते समय सभी वस्तुओं में मंजरी सहित तुलसी पत्र अवश्य डालें. तभी हनुमान जी भोग ग्रहण करते हैं. इन वस्तुओं का विशेष रुप से भोग लगाकर प्रसाद रु में बांटना चाहिए.
हनुमान जी के सिद्ध मंत्र
ध्यान मंत्र
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं, दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं, रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि.
स्तुति मंत्र
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।
वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥
हनुमान गायत्री मंत्र
ऊं आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
मूल मंत्र
ऊं हं हनुमते नमः
सिद्ध मंत्र
ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्
शत्रु-रोग निवारक और वशीकरण मंत्र
ऊं नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा
हनुमान जयंती का महत्व
चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्मोत्सव श्रद्धा भक्ति के साथ शास्त्र विधि से मनाने पर हनुमान जी की दिव्य कृपा प्राप्त होती है. इस दिन हनुमान जी का अभिषेक पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. घर में सुख-शांति-समृद्धि आती है. जीवन के सारे संकट समाप्त हो जाते हैं. जीवन की बाधाओं और कष्टों से छुटकारा मिल जाता है. इसके साथ ही कुंडली के अशुभ ग्रह भी शांत हो जाते हैं. इसलिए हनुमान जी का जन्मोत्सव विधि विधान के साथ मनाना चाहिए.
यह भी पढ़ें: Hanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब है हनुमान जयंती? नोट करें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















