COMEDK UGET 2026: राउंड 1 सीट आवंटन परिणाम जारी, comedk.org से ऐसे करें चेक
COMEDK UGET 2026 Round 1 Result: कंसोर्टियम ऑफ मेडिकल, इंजीनियरिंग एंड डेंटल कॉलेजेस ऑफ कर्नाटक (COMEDK) ने COMEDK UGET काउंसलिंग 2026 के लिए राउंड 1 का सीट आवंटन परिणाम आधिकारिक वेबसाइट comedk.org पर जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार काउंसलिंग के इस पहले चरण में शामिल हुए थे, वे अब उम्मीदवार पोर्टल (कैंडिडेट साइट) पर जाकर अपने अलॉटमेंट की जांच कर सकते हैं।
इसके साथ ही वे आवंटित कॉलेज और कोर्स की जानकारी प्राप्त करके अलॉटमेंट ऑर्डर डाउनलोड कर सकते हैं और तय समय सीमा के भीतर अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
सीट स्वीकार करने और फीस भरने का नियम
जिन उम्मीदवारों को पहली काउंसलिंग में सीटें मिल गई हैं, यदि वे अपनी सीट सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी पसंद का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन शुल्क (ऑनलाइन चार्ज) का भुगतान करना होगा और निर्धारित अंतिम तिथि तक अपने संबंधित आवंटित कॉलेजों में रिपोर्ट करना होगा, ताकि एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो सके।
COMEDK UGET राउंड 1 से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें
- राउंड 1 सीट आवंटन रिजल्ट: 28 जुलाई 2026
- डिसीजन-मेकिंग और ऑनलाइन फीस पेमेंट: 28 जुलाई से 31 जुलाई 2026 (दोपहर 3 बजे तक)
- अलॉटेड कॉलेज में रिपोर्ट करने की अंतिम तिथि: 3 अगस्त 2026 (दोपहर 12 बजे तक)
- राउंड 1 सीट रद्दीकरण विंडो (Cancellation Window): 28 जुलाई से 3 अगस्त 2026 (दोपहर 3 बजे तक)
- विस्तारित विकल्प-संपादन विंडो (Option-Editing Window): 17 जुलाई से 24 जुलाई 2026
COMEDK UGET 2026 Round 1 Result: कैसे देंखें रिजल्ट?
- सबसे पहले आधिकारिक COMEDK वेबसाइट comedk.org पर जाएं।
- इसके बाद अपना पासवर्ड और एप्लीकेशन नंबर या यूजर आईडी दर्ज करके लॉगिन करें।
- अब डैशबोर्ड पर दिए गए डिसीजन मेकिंग सेक्शन में जाएं।
- वहां आवंटित कॉलेज, कोर्स और अपनी प्रेफरेंस (वरीयता) आर्डर की अच्छी तरह जांच करें।
- इसके बाद आगे के उपयोग के लिए अलॉटमेंट ऑर्डर को डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।
- फीस जमा करने और प्रवेश लेने से पहले उम्मीदवार अलॉटमेंट ऑर्डर में दी गई सभी जानकारियों का मिलान जरूर कर लें।
राउंड 1 काउंसलिंग के लिए कुल सीट मैट्रिक्स
COMEDK द्वारा जारी किए गए नवीनतम सीट मैट्रिक्स के अनुसार, इस साल भाग लेने वाले इंजीनियरिंग कॉलेजों में राउंड 1 काउंसलिंग के लिए कुल 24,576 सीटें उपलब्ध हैं। विभिन्न संस्थानों और कार्यक्रमों (प्रोग्राम्स) में सीटों की उपलब्धता को बेहतर ढंग से समझने के लिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे सीट मैट्रिक्स का गहराई से विश्लेषण करें।
सीट आवंटन के बाद आगे की प्रक्रिया और दिशा-निर्देश
जो उम्मीदवार अपनी आवंटित सीट से संतुष्ट हैं, उन्हें आवंटन परिणाम की समीक्षा करने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करके अपने प्रवेश की पुष्टि करनी होगी।
इसके अलावा, छात्रों को 3 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे तक अपने सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित कॉलेज में पहुंचकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आरबीआई ने बदले फिक्स्ड डिपॉजिट के नियम: 1 अक्टूबर से लागू होंगे ये बदलाव; FD निवेशकों के लिए जानना जरूरी
RBI fixed deposit rules change: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले लोगों के लिए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। ये संशोधित निर्देश 'रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक्स - इंटरेस्ट रेट ऑन डिपॉजिट्स) सेकेंड अमेंडमेंट डायरेक्शंस, 2026' के तहत जारी किए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, ये नए नियम इसी साल 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो जाएंगे।
नए नियमों में क्या कहा गया है?
आरबीआई के नए नियमों के मुताबिक, अब बैंकों को किसी भी खास दिन ग्राहकों द्वारा जमा की जाने वाली समान राशि पर अपनी सभी शाखाओं (ब्रांच) में एक समान डिपॉजिट ब्याज दरें देनी होंगी।
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि बल्क डिपॉजिट समेत सभी प्रकार की जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दरें सभी शाखाओं और सभी ग्राहकों के लिए एक समान होंगी। एक ही तारीख पर स्वीकार की गई समान राशि की एक जमा और दूसरी जमा के बीच ब्याज भुगतान में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। बैंक की किसी भी ऑफिस में यह नियम समान रूप से लागू होगा।
रोजाना डिस्क्लोज करनी होगी ब्याज दर
नए निर्देशों के तहत, जमा पर देय ब्याज दरें बैंकों की वेबसाइटों पर पहले से डिस्क्लोज की गई ब्याज दरों के शेड्यूल के अनुसार ही होनी चाहिए। यह प्रक्रिया रुपये के बल्क डिपॉजिट और जमा पर ब्याज दरों के डिस्क्लोजर से जुड़े आरबीआई के संशोधित नियमों के तहत होगी।
नए नियमों के अनुसार, बैंकों को हर कारोबारी दिन सुबह 10:00 बजे तक अपनी वेबसाइट पर बल्क डिपॉजिट के लिए ब्याज दरों को पब्लिश करना होगा। इसके लिए अधिकतम 10 मिनट का समय दिया गया है, यानी यह जानकारी हर हाल में सुबह 10:10 बजे तक वेबसाइट पर लाइव होनी चाहिए। इससे ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों के बीच ब्याज दरों की तुलना करने में आसानी होगी।
एफडी निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?
इस संशोधित ढांचे का मतलब यह है कि किसी बैंक की सभी शाखाओं में एक ही राशि की जमा पर एक समान ब्याज दर लागू होगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर दो ग्राहक एक ही दिन एक ही राशि की एफडी कराते हैं, तो उन्हें अलग-अलग ब्याज दरें ऑफर नहीं की जा सकेंगी। इससे ग्राहकों के साथ भेदभाव की संभावना खत्म होगी और पूरी बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। फिलहाल कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU Banks) फिक्स्ड डिपॉजिट पर आकर्षक ब्याज दरें दे रहे हैं।
बैंकों को मिलेगी अधिक फ्लेक्सिबिलिटी
आरबीआई ने यह भी कहा है कि बैंकों के पास लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) ढांचे के तहत डिपॉजिट या अनसिक्योर्ड होलसेल फंडिंग पर लागू होने वाले डिफरेंशियल रन-ऑफ रेट को ध्यान में रखते हुए, बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दरें (डिफरेंशियल इंटरेस्ट रेट) ऑफर करने की आजादी होगी।
हालांकि, इसके साथ ही बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और ग्राहकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम भी लागू किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की मनमानी पर रोक लग सके।
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