Haryana ITI 2nd Merit List 2026 जारी: यहां से तुरंत करें डाउनलोड, सीट अलॉटमेंट हुआ या नहीं ऐसे करें चेक
Haryana ITI 2nd Merit List 2026: हरियाणा में आईटीआई एडमिशन का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए बड़ी अपडेट है। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय, हरियाणा ने विभिन्न ट्रेड्स में प्रवेश के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने दूसरे चरण की काउंसिलिंग में हिस्सा लिया था, वे अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना सीट अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।
Haryana ITI 2nd Merit List 2026: दूसरी मेरिट लिस्ट जारी
हरियाणा आईटीआई एडमिशन 2026 के दूसरे चरण की मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। अभ्यर्थी admissions.itiharyana.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। मेरिट लिस्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन आईडी और नाम दर्ज करना होगा। विभाग की ओर से किसी भी छात्र को ऑफलाइन या व्यक्तिगत रूप से मेरिट लिस्ट की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
ऐसे डाउनलोड करें Haryana ITI 2nd Merit List 2026
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट admissions.itiharyana.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर Know Your Result लिंक पर क्लिक करें।
- अब अपना Registration ID और Candidate Name दर्ज करें।
- Go बटन पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर आपकी मेरिट लिस्ट और सीट अलॉटमेंट की जानकारी दिखाई देगी।
- भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट या पीडीएफ डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।
सीट मिलने के बाद क्या करना होगा?
दूसरे राउंड में जिन उम्मीदवारों को सीट आवंटित हुई है, उन्हें तय समय के भीतर संबंधित आईटीआई संस्थान में पहुंचकर एडमिशन की सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। निर्धारित समय तक रिपोर्ट नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की सीट रद्द की जा सकती है।
385 संस्थानों में 80 से अधिक ट्रेड्स में प्रवेश
इस वर्ष हरियाणा में 199 सरकारी और 186 निजी आईटीआई संस्थानों में 80 से अधिक ट्रेड्स में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। उम्मीदवार एडमिशन से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2996321 और 0172-2997265 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नवीनतम अपडेट देख सकते हैं।
जरूरी सलाह
यदि आपका नाम दूसरी मेरिट लिस्ट में आ गया है, तो सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर संस्थान में रिपोर्ट करें। अंतिम तिथि का इंतजार करने से बचें, क्योंकि देरी होने पर आपकी सीट किसी अन्य उम्मीदवार को आवंटित की जा सकती है।
Google Chrome यूजर्स के लिए CERT-In की हाई रिस्क चेतावनी, विंडोज मैक लिनक्स पर साइबर अटैक का खतरा, तुरंत अपडेट करें ब्राउजर
Google Chrome इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीय यूजर्स के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने इस लोकप्रिय ब्राउजर के कुछ वर्जन में गंभीर सुरक्षा खामियां पाई हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी यूजर्स के सिस्टम तक पहुंच बना सकते हैं।
सरकारी एजेंसी ने जो चेतावनी जारी की है, उसे हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। इसका मतलब है कि खतरा काफी गंभीर है और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। विंडोज, macOS और Linux—तीनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर Chrome के पुराने वर्जन खतरे में हैं।
किन वर्जन पर है सबसे ज्यादा खतरा
CERT-In के मुताबिक विंडोज और मैक यूजर्स जो Chrome के 145.0.7632.75/76 से पुराने वर्जन चला रहे हैं, उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं Linux यूजर्स के लिए 144.0.7559.75 से पुराने वर्जन असुरक्षित बताए गए हैं।
एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया है कि ये खामियां Chrome के CSS रेंडरिंग कंपोनेंट में पाई गई हैं। इन कमजोरियों का इस्तेमाल करके हमलावर ब्राउजर की मेमोरी हैंडलिंग को मैनिपुलेट कर सकते हैं। एक बार सिस्टम तक पहुंच बनने के बाद वे पर्सनल इंफोर्मेशन, बैंकिंग डिटेल्स और अन्य संवेदनशील डेटा चुरा सकते हैं।
रिमोट अटैक का बड़ा खतरा
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन खामियों के जरिए रिमोट अटैक संभव है। इसका मतलब है कि हमलावर को आपके सिस्टम तक फिजिकल एक्सेस की जरूरत नहीं है। वे दूर बैठे-बैठे आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में घुसपैठ कर सकते हैं।
इस तरह के हमलों में डेटा चोरी के अलावा सर्विस डिसरप्शन भी हो सकता है। यानी आपका सिस्टम ठीक से काम करना बंद कर सकता है या हैकर्स उसे अपने नियंत्रण में ले सकते हैं। ऐसे में व्यक्तिगत यूजर्स के साथ-साथ कॉर्पोरेट और सरकारी संगठनों के लिए भी यह गंभीर चिंता का विषय है।
यूजर्स को क्या करना चाहिए
CERT-In ने सभी Chrome यूजर्स से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपना ब्राउजर अपडेट कर लें। Google ने अपने स्टेबल चैनल के माध्यम से सिक्योरिटी पैच जारी कर दिए हैं, जो इन खामियों को दूर करते हैं।
ब्राउजर अपडेट करना बेहद आसान है। यूजर्स Chrome खोलकर सेटिंग्स में जा सकते हैं और ‘About Chrome’ सेक्शन में अपडेट चेक कर सकते हैं। अगर नया वर्जन उपलब्ध है तो वह अपने आप डाउनलोड और इंस्टॉल हो जाएगा।
व्यक्तिगत यूजर्स के अलावा संगठनों को भी अपने सभी सिस्टम्स पर तुरंत यह अपडेट लागू करने की सलाह दी गई है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी चेतावनियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
नियमित अपडेट क्यों जरूरी है
यह पहली बार नहीं है जब किसी लोकप्रिय सॉफ्टवेयर में सुरक्षा खामियां पाई गई हों। डिजिटल युग में साइबर खतरे लगातार विकसित हो रहे हैं और हैकर्स नए-नए तरीके खोज रहे हैं।
इसलिए सॉफ्टवेयर कंपनियां नियमित रूप से सिक्योरिटी पैच और अपडेट जारी करती रहती हैं। यूजर्स के लिए जरूरी है कि वे अपने सभी डिवाइस और एप्लिकेशन को अपडेटेड रखें। इससे न सिर्फ साइबर अटैक से बचाव होता है बल्कि नए फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस भी मिलती है।
CERT-In भारत सरकार की नोडल एजेंसी है जो साइबर सुरक्षा घटनाओं पर नजर रखती है और समय-समय पर अलर्ट जारी करती है। एजेंसी की सलाह को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि इससे बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
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