Gold Price Today: सोना-चांदी की कीमतों में फिर उछाल, चांदी ₹2,130 बढ़कर ₹2.19 लाख और सोना ₹1.43 लाख के पार
Gold Silver Price Today (4 August 2026): आज यानी 4 अगस्त को सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत में ₹2,130 प्रति किलोग्राम का उछाल आया है, जिसके बाद इसका भाव बढ़कर ₹2.19 लाख प्रति किलो पर पहुंच गया है। वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹381 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद सोना ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।
आज के सोने के भाव की बात करें तो 14 कैरेट सोने की कीमत ₹83,619 प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट सोने का भाव ₹1,07,204 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,30,931 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। आइए अब देश के प्रमुख शहरों में 22 कैरेट गोल्ड के ताजा भाव जानें।
प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत (सोर्स- Goodreturns)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | 1,32,150 |
| मुंबई | 1,32,000 |
| कोलकाता | 1,32,000 |
| चेन्नई | 1,32,000 |
| रायपुर | 1,32,000 |
| भोपाल | 1,32,050 |
| लखनऊ | 1,32,150 |
| जयपुर | 1,32,150 |
| अहमदाबाद | 1,32,050 |
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों होते हैं अलग? जानें 4 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में फर्क देखने को मिलता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर खर्च आता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह लागत भी बढ़ती जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा (डिमांड फैक्टर)
दक्षिण भारत में सोने की खपत देश में सबसे ज्यादा होती है। यहां कुल मांग का लगभग 40% हिस्सा है। बड़ी खरीदारी के बावजूद स्थानीय बाजार में छूट सीमित रहती है, जिससे कीमतों में फर्क आता है।
3. ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर रेट तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग हो जाते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पुराना स्टॉक महंगा या सस्ता खरीदा गया हो तो उसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
कम बोलने वाले ही क्यों होते हैं सबसे ताकतवर? चाणक्य नीति का छुपा हुआ राज
आज के समय में जहां हर कोई खुद को साबित करने के लिए ज्यादा बोलने की कोशिश करता है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कम बोलते हैं, लेकिन उनका असर सबसे ज्यादा होता है। ऐसे लोग बिना ज्यादा बोले ही अपनी बात मनवा लेते हैं और लोगों पर गहरी छाप छोड़ते हैं।
आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कम बोलने की ताकत को सबसे बड़ा गुण बताया है। उनका मानना था कि जो व्यक्ति कम बोलना सीख जाता है, वह अपने जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है और समाज में सम्मान भी पाता है।
कम बोलने से बढ़ती है शब्दों की कीमत
चाणक्य नीति के अनुसार, जो व्यक्ति हर समय बोलता रहता है, उसकी बातों का महत्व धीरे-धीरे कम हो जाता है। जब कोई इंसान कम बोलता है, तो उसकी हर बात खास बन जाती है। लोग उसे ध्यान से सुनते हैं और उसकी बातों को गंभीरता से लेते हैं। यही कारण है कि कम बोलने वाले लोगों की बातों की वैल्यू ज्यादा होती है और वे समाज में प्रभावशाली माने जाते हैं।
कम बोलने से बढ़ती है सोचने की शक्ति
चाणक्य नीति कहती है कि कम बोलने वाले लोग ज्यादा सोचते हैं। ऐसे लोग किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते, बल्कि पहले उसे समझते हैं और फिर सोच-समझकर जवाब देते हैं। इससे उनके फैसले सही होते हैं और लोग उन्हें समझदार और बुद्धिमान मानते हैं।
आत्मविश्वास बनता है असली ताकत
कम बोलने वाले लोगों में आत्मविश्वास की कमी नहीं होती, बल्कि उनका आत्मविश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत होता है। ऐसे लोग दूसरों को प्रभावित करने के लिए बेवजह बातें नहीं करते। उन्हें खुद पर भरोसा होता है, इसलिए वे शांत रहते हैं और जरूरत पड़ने पर ही बोलते हैं। यही बात उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।
दूसरों को समझने का मिलता है मौका
चाणक्य नीति के अनुसार, जो व्यक्ति कम बोलता है, वह ज्यादा सुनता है। जब आप दूसरों को ध्यान से सुनते हैं, तो आप उनकी सोच, उनकी भावनाएं और उनकी कमजोरियां समझ पाते हैं। यही समझ आपको जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती है।
कम बोलने से बनती है अलग पहचान
आज के समय में जहां हर कोई बोलने में आगे रहना चाहता है, वहां कम बोलने वाला व्यक्ति अपने आप ही अलग नजर आता है। ऐसे लोगों में एक तरह की मिस्ट्री होती है, जो दूसरों को आकर्षित करती है। लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं और उनकी बातों को ज्यादा महत्व देते हैं।
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