निफ्टी में आखिरी मिनटों का बड़ा खेल: क्लोजिंग ऑक्शन में 150 अंक उछला इंडेक्स, एक्सपायरी पर ट्रेडर्स को लगा झटका
मुंबई। शेयर बाजार में लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम (सीएएस) के दूसरे दिन भी निवेशकों और ट्रेडर्स की मुश्किलें कम नहीं हुईं। निफ्टी 50 में कारोबार के अंतिम कुछ मिनटों में करीब 150 अंकों की अचानक उछाल देखने को मिली। खासतौर पर निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन इस बदलाव ने कई ऑप्शन पोजिशन के अंतिम नतीजे बदल दिए। 50 शेयरों वाले निफ्टी इंडेक्स की शुरुआत गैप-डाउन रही। इससे पिछले कारोबारी सत्र की बढ़त लगभग खत्म हो गई और दिन बढ़ने के साथ इंडेक्स में गिरावट और बढ़ती गई। दोपहर 3:20 बजे निफ्टी 24,463 के स्तर पर था, जो 310 अंक यानी 1.3 प्रतिशत नीचे था। हालांकि, आधिकारिक क्लोजिंग के समय निफ्टी 24,615 पर बंद हुआ। यानी अंतिम कुछ मिनटों में इंडेक्स में करीब 151 अंकों की उछाल दर्ज हुई।
सेंसेक्स में रहा अपेक्षाकृत सामान्य कारोबार
निफ्टी के मुकाबले सेंसेक्स में पूरे कारोबारी सत्र के दौरान ज्यादा स्थिर कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला, लेकिन अंत में 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,429 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि समय के साथ क्लोजिंग ऑक्शन में बाजार की भागीदारी और लिक्विडिटी बढ़ने पर दोनों एक्सचेंजों के क्लोजिंग स्तरों में दिखाई देने वाला अंतर कम हो सकता है। हालांकि, नई बाजार व्यवस्था में कभी-कभी दोनों एक्सचेंजों के बीच अंतर बने रहना संभव है।
एनएसई पर सीएएस कारोबार का बड़ा हिस्सा
क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम के तहत एनएसई पर करीब 1,542 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज किया गया, जो कुल बाजार हिस्सेदारी का 99.4 प्रतिशत था। इसके मुकाबले BSE पर केवल 9.4 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ और उसकी हिस्सेदारी 0.6 प्रतिशत रही। सीएएस का प्रभाव व्यक्तिगत ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स में सबसे ज्यादा दिखाई दिया। इसकी वजह यह भी थी कि उसी दिन निफ्टी 50 की साप्ताहिक एक्सपायरी थी। निफ्टी 24,600 पुट ऑप्शन इसका एक उदाहरण रहा। यह दोपहर 3:24 बजे तक 100 रुपये से ऊपर कारोबार कर रहा था, लेकिन इंडेक्स के अंतिम स्तर पर तेजी से ऊपर जाने के बाद आधिकारिक क्लोजिंग पर इसकी वैल्यू खत्म हो गई।
24,500 कॉल ऑप्शन में करीब पांच गुना उछाल
दूसरी तरफ, निफ्टी 24,500 का वीकली कॉल ऑप्शन दोपहर 3:15 बजे करीब 30 रुपये पर कारोबार कर रहा था। अंतिम सेटलमेंट तक इसकी कीमत लगभग पांच गुना बढ़ गई। यह उछाल नियमित कारोबार के दौरान लगातार खरीद-बिक्री के कारण नहीं आया था। इसका मुख्य कारण क्लोजिंग ऑक्शन में निफ्टी के अंतिम क्लोजिंग स्तर में करीब 150 अंकों का अचानक बदलाव था। इससे कई ट्रेडर्स को ऐसे ऑप्शन सेटलमेंट का सामना करना पड़ा, जिनकी कीमतें नियमित कारोबारी घंटों में दिखाई दे रही कीमतों से काफी अलग थीं।
3:15 बजे के स्तर को क्लोज मानना पड़ा भारी
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अजय चौरे ने कहा कि पिछले दिन सीएएस का असर मुख्य रूप से अनुमानित यानी नॉटशनल नुकसान के रूप में दिखाई दिया था। लेकिन साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन यही असर वास्तविक नुकसान में बदल गया। उनके मुताबिक, कुछ ट्रेडर्स 3:15 बजे निफ्टी के करीब 24,450 के स्तर को देखकर अपनी ओपन पोजिशन बनाए हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि इसके बाद ऑप्शन प्रीमियम में गिरावट जारी रहेगी और करीब 50 से 60 अंकों के प्रीमियम वाले कुछ ऑप्शन एक्सपायरी तक शून्य हो जाएंगे। इसी उम्मीद में कई ट्रेडर्स शॉर्ट पोजिशन में बने रहे। लेकिन कैश मार्केट की अंतिम क्लोजिंग में निफ्टी करीब 150 अंक ऊपर एडजस्ट होकर 24,615 पर पहुंच गया। इसका असर कॉल राइटर्स के साथ-साथ कुछ पुट राइटर्स पर भी पड़ा।
ज्यादा ओपन इंटरेस्ट से बढ़ा वास्तविक नुकसान
एक्सिस सिक्यूरिटीज के राजेश पालविया के अनुसार, एट द मनी काल में करीब 33 लाख शेयर का ओपन इंटरेस्ट था। दूसरे काल और पुट स्ट्राइक में भी बड़ी मात्रा में आउटस्टैंडिंग ओपन इंटरेस्ट मौजूद था। ऐसे में निफ्टी में इतनी बड़ी अंतिम उछाल केवल सैद्धांतिक बदलाव नहीं रहती, बल्कि ट्रेडर्स के वास्तविक Profit and Loss पर सीधा असर डालती है। ट्रेडर्स के लिए बड़ी समस्या यह रही कि उन्होंने 3:15 बजे के स्तर को प्रभावी क्लोजिंग मान लिया, जबकि वास्तविक आधिकारिक सेटलमेंट अभी क्लोजिंग ऑक्शन के जरिए तय होना बाकी था। पालविया ने कहा कि आगे एक्सपायरी से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेडर्स को अपनी पोजिशन पहले स्क्वायर-ऑफ करने की जरूरत पड़ सकती है। सामान्य दिनों में नॉटशनल नुकसान को संभाला जा सकता है, लेकिन एक्सपायरी के दिन कैश मार्केट में आखिरी समय की रीप्राइसिंग सीधे वास्तविक नुकसान में बदल सकती है।
अक्षय तृतीया 2026: इन खास शुभकामनाओं से अपनों के चेहरे पर लाएं मुस्कान
वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाने वाला अक्षय तृतीया का पर्व हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है। इस दिन को इतना शुभ माना जाता है कि बिना मुहूर्त देखे भी कोई भी अच्छा काम किया जा सकता है।
अक्षय तृतीया सिर्फ पूजा-पाठ या खरीदारी का दिन नहीं है, बल्कि यह रिश्तों को मजबूत करने का भी खास मौका है। इस दिन भेजी गई शुभकामनाएं भी ‘अक्षय’ यानी कभी खत्म न होने वाला फल देती हैं।
क्यों कहा जाता है ‘अक्षय फल देने वाला दिन’?
अक्षय तृतीया का अर्थ ही है ऐसा दिन, जिसका फल कभी खत्म न हो। इस दिन किया गया दान, जप, पूजा और अच्छे कर्म जीवनभर फल देते हैं। यही वजह है कि लोग इस दिन सोना खरीदते हैं, दान करते हैं और नए काम की शुरुआत करते हैं। इसके साथ ही इस दिन अपनों को शुभकामनाएं देना भी बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा और खुशियों को बढ़ाता है।
अक्षय तृतीया 2026: शुभकामनाओं का खास महत्व
अक्षय तृतीया 2026 पर शुभकामनाएं देना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने का तरीका भी है। आज के डिजिटल समय में लोग मैसेज, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं भेजते हैं। यह छोटे-छोटे संदेश भी सामने वाले के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं और रिश्तों में मिठास घोल सकते हैं।
अक्षय तृतीया शुभकामनाएं
अक्षय तृतीया का यह पावन त्योहार,
आपके जीवन में लाए खुशियों की बहार,
मां लक्ष्मी का सदा रहे आप पर आशीर्वाद,
हर दिन हो आपका सुख-समृद्धि से आबाद।
सोना-चांदी से भी ज्यादा चमके आपका भाग्य,
हर कदम पर मिले आपको सफलता का राग,
अक्षय तृतीया लाए खुशियों की सौगात,
आपके जीवन में बनी रहे हर दिन नई बात।
अक्षय तृतीया का यह शुभ दिन आया है,
खुशियों का खजाना साथ लाया है,
हर मनोकामना आपकी हो पूरी,
सदा बनी रहे जीवन में खुशहाली जरूरी।
धन-धान्य से भर जाए आपका घर-आंगन,
मुस्कुराता रहे आपका हर एक जीवन,
अक्षय तृतीया पर मिले अपार खुशियां,
हर दिन बने आपके लिए नई कहानी।
सुख-शांति का दीप हमेशा जले,
हर सपना आपका सच बनकर फले,
अक्षय तृतीया पर यही है हमारी दुआ,
आपका हर दिन खुशियों से भरा रहे सदा।
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