Insurance Tips: कहीं आप जरूरत से ज्यादा इंश्योरेंस प्रीमियम तो नहीं भर रहे? ऐसे करें सही पहचान
Insurance Tips: बीमा लेना आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी माना जाता है, लेकिन कई बार लोग जरूरत से ज्यादा बीमा खरीद लेते। समय के साथ लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, पर्सनल एक्सीडेंट कवर और बैंक या एजेंट के जरिए खरीदी गई अलग-अलग पॉलिसियां जुड़ती जाती हैं। हर महीने या साल प्रीमियम कटता रहता है, लेकिन बहुत कम लोग यह जांचते हैं कि क्या उन्हें वास्तव में इन सभी पॉलिसियों की जरूरत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा बीमा लेने का मतलब सिर्फ अधिक सुरक्षा नहीं, बल्कि कई बार एक ही जोखिम के लिए बार-बार प्रीमियम चुकाना भी होता है।
सबसे पहले सभी पॉलिसियों की सूची बनाएं
अगर आप जानना चाहते हैं कि कहीं आप ओवरइंश्योर्ड तो नहीं हैं, तो सबसे पहले अपनी सभी बीमा पॉलिसियों की सूची तैयार करें। इसमें नियोक्ता , बैंक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एजेंट के जरिए खरीदी गई सभी पॉलिसियां शामिल करें। साथ ही हर पॉलिसी का सम इंश्योर्ड, प्रीमियम, अवधि, एक्सक्लूजन और वह किस जोखिम को कवर करती है, इसकी जानकारी भी नोट करें। कई बार दो या तीन पॉलिसियां लगभग एक जैसा कवर देती हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस में अक्सर होता है ओवरलैप
हेल्थ इंश्योरेंस ऐसा क्षेत्र है जहां सबसे ज्यादा ओवरलैप देखने को मिलता। एक से अधिक हेल्थ पॉलिसी रखना गलत नहीं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि क्लेम कैसे काम करेगा। इंडेम्निटी आधारित हेल्थ इंश्योरेंस में अस्पताल का वास्तविक खर्च ही मिलता है। यानी कई पॉलिसियां होने का मतलब यह नहीं कि आपको इलाज की लागत से ज्यादा पैसा मिल जाएगा।
लाइफ इंश्योरेंस में कवर की जरूरत समझें
लाइफ इंश्योरेंस के मामले में केवल पॉलिसियों की संख्या नहीं, बल्कि कुल कवर अहम होता है। कई लोगों के पास छोटी-छोटी पारंपरिक पॉलिसियां होती हैं, लेकिन परिवार की जरूरत के हिसाब से उनका कुल कवर पर्याप्त नहीं होता। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो होम लोन चुकाने और बच्चों के आत्मनिर्भर हो जाने के बाद भी पहले जैसा प्रीमियम भरते रहते हैं, जबकि अब उन्हें उतने कवर की जरूरत नहीं होती।
राइडर और ऐड-ऑन सोच-समझकर लें
क्रिटिकल इलनेस, एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट या हॉस्पिटल कैश जैसे राइडर कई परिस्थितियों में उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन हर उपलब्ध ऐड-ऑन खरीदने से प्रीमियम बढ़ जाता है, जबकि जरूरी नहीं कि आपकी वित्तीय सुरक्षा भी उसी अनुपात में बढ़े। इसलिए केवल वही राइडर लें, जिनकी वास्तव में जरूरत हो।
बीमा की समीक्षा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- सभी बीमा पॉलिसियों की सूची बनाकर तुलना करें।
- एक ही जोखिम के लिए कई पॉलिसियां तो नहीं हैं, यह जांचें।
- शादी, बच्चे या होम लोन जैसी जिम्मेदारियों के बाद कवर की समीक्षा करें।
- पुरानी पॉलिसी बंद करने से पहले नई पॉलिसी की शर्तें और वेटिंग पीरियड जरूर देखें।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीमा का मकसद सबसे कम प्रीमियम देना नहीं, बल्कि सही जोखिम के लिए पर्याप्त सुरक्षा लेना है। कम लेकिन सही उद्देश्य वाली पॉलिसियां अक्सर ज्यादा प्रभावी होती हैं। इसलिए समय-समय पर अपने इंश्योरेंस पोर्टफोलियो की समीक्षा करना आर्थिक रूप से समझदारी भरा कदम माना जाता है।
(प्रियंका कुमारी)
आधार कार्ड के डिजाइन में नहीं होगा कोई बदलाव, सरकार ने अफवाहों को किया खारिज, नागरिकों से की खास अपील
क्या आपके पास भी आधार कार्ड के नए स्वरूप से जुड़ी कोई खबर आई है? सावधान! केंद्र सरकार ने ऐसी सभी रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड के डिजाइन में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा रहा है। ऐसी सभी खबरें पूरी तरह से भ्रामक हैं। लोगों को इन अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर आधार कार्ड के डिजाइन में बदलाव की चर्चाएँ चल रही थीं। दावा किया जा रहा था कि आधार अब केवल एक छोटे फॉर्मेट में मिलेगा, जिसमें सिर्फ आपकी तस्वीर और एक क्यूआर कोड ही होगा। मगर, अब सरकार ने इन सभी बातों को पूरी तरह भ्रामक बताया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि आधार को छोटे फॉर्मेट में बदलने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी गलत है।
सरकार की भ्रामक खबरों पर चेतावनी
सरकार ने इन भ्रामक खबरों पर कड़ी चेतावनी दी है। मंत्रालय के अनुसार, समय-समय पर ऐसी पोस्ट और खबरें सामने आती रहती हैं, जिनमें आधार के ‘नए लुक’ की बात कही जाती है। इनमें अक्सर साल के अंत तक बदलाव होने और केवल फोटो व क्यूआर कोड रहने जैसे दावे किए जाते हैं। यह जानकारी पूरी तरह से गलत है। ऐसी किसी भी योजना पर विचार नहीं किया जा रहा है। लोगों को ऐसी अफवाहों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए। यह जनता के लिए महत्वपूर्ण सूचना है।
इस तरह की फर्जी खबरें जनता के मन में अनावश्यक भ्रम पैदा कर रही हैं। इससे लोगों में बेवजह की चिंता बढ़ रही है और वे गलत सूचनाओं का शिकार हो सकते हैं। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सिर्फ भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें। इसके अलावा, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्तियों को ही अधिकृत और सही जानकारी का स्रोत मानें। यह बेहद जरूरी है कि हम सही जानकारी तक ही पहुँचें और गलत प्रचार से बचें।
सरकार ने मीडिया संस्थानों से भी अनुरोध किया है कि वे ऐसी अपुष्ट सूचनाओं को बढ़ावा न दें। ऐसी खबरें अनजाने में भी जनता को गुमराह कर सकती हैं। आधार कार्ड भारत की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली बन चुका है। यह करोड़ों लोगों की पहचान का सबसे विश्वसनीय माध्यम है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय लगभग 134 करोड़ आधार उपयोगकर्ता हैं। अब तक आधार के जरिए 17,000 करोड़ से भी अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। यूआईडीएआई द्वारा प्रबंधित यह तंत्र विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी सेवाओं के लिए पहचान सत्यापन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सरकार ने नागरिकों से की अपील
आधार का यह व्यापक महत्व ही इसे अफवाहों का निशाना बनाता है। इसलिए, सरकार ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाले ऐसे किसी भी भ्रामक पोस्ट को पूरी तरह से नजरअंदाज करें। अपनी पहचान से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों की ही जाँच करें। किसी भी गलत जानकारी से बचें और सुरक्षित रहें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।
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