दीया मिर्जा बोलीं-फिल्म फ्लॉप हुई तो लोग पनौती कहने लगे:ऐश्वर्या राय से होती थी तुलना; फिर राजकुमार हिरानी से कॉल पर मांगना पड़ा काम
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा की फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' आज भले ही कल्ट क्लासिक मानी जाती हो, लेकिन रिलीज के वक्त इस फिल्म के फ्लॉप होने का खामियाजा एक्ट्रेस को भुगतना पड़ा था। दीया ने एक लेटेस्ट इंटरव्यू में खुलासा किया कि कैसे एक दौर में उन्हें इंडस्ट्री में 'पनौती' और 'बदकिस्मत' मान लिया गया था और उन्हें काम मिलना बंद हो गया था। ऐश्वर्या से होती थी तुलना, फिर 'पनौती' का टैग इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में दीया ने बताया कि करियर की शुरुआत में उनकी तुलना ऐश्वर्या राय से की जाती थी। एक्ट्रेस ने कहा, "मुझे याद है कि मेरी एक बड़ी फिल्म फ्लॉप हुई और अचानक सब बदल गया। जो लोग मुझे काम देने के लिए लाइन लगाए रहते थे, वही मुझे 'पनौती' समझने लगे। मैंने उस दौर में बहुत कुछ झेला है, जहां मुझे सिर्फ इसलिए काम नहीं दिया जा रहा था क्योंकि लोग मुझे अनलकी मानने लगे थे।" राजकुमार हिरानी से कहा- 'प्लीज मुझे काम दीजिए' दीया के मुताबिक, उनके करियर में टर्निंग पॉइंट फिल्म 'संजू' से आया। उन्होंने बताया, "जब राजकुमार हिरानी 'संजू' की कास्टिंग कर रहे थे, तो मैंने खुद उन्हें कॉल किया। मैंने उनसे कहा- प्लीज मुझे काम दीजिए, मेरे पास कोई काम नहीं है और मैं नए प्रोजेक्ट्स तलाश रही हूं। मैं वादा करती हूं कि मैं स्क्रीन टेस्ट दूंगी, आप बस मुझे मौका दें।" हिरानी ने रणबीर कपूर और टीम से बात की और दीया को मान्यता दत्त का रोल मिला, जो उनके लिए 'लाइफ सेवर' साबित हुआ। फ्लॉप होकर भी 'कल्ट' बनी पहली फिल्म बता दें कि साल 2001 में आई 'रहना है तेरे दिल में' का बजट करीब 5-6 करोड़ रुपए था। फिल्म ने भारत में केवल 5.36 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप घोषित हुई थी। हालांकि, बाद में टीवी और डीवीडी के जरिए इस फिल्म को इतनी लोकप्रियता मिली कि आज इसे रोमांस जॉनर की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। 2026 में 4 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहीं दिया
फिजिकल हेल्थ- पसीना भी बताता है सेहत का हाल:स्वेटिंग पैटर्न से जानें यह किस हेल्थ कंडीशन का संकेत, कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी
गर्मियों में पसीना आना कॉमन है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि तापमान सामान्य है, फिर भी पसीना आ रहा है। पसीने से अजीब सी स्मेल आ रही है। अगर हां, तो ये कॉमन नहीं है। इसका मतलब ये हो सकता है कि हमारा शरीर किसी हेल्थ कंडीशन की ओर इशारा कर रहा है। इंसान के स्वस्थ रहने के लिए पसीना आना जरूरी है, लेकिन कई बार यह सेहत से जुड़े कई अहम संकेत भी देता है। ‘साइंस डेली’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, पसीना सालों पहले ही कुछ हेल्थ कंडीशंस के संकेत देने लगता है। स्वेटिंग पैटर्न (पसीने का पैटर्न) से इसका पता लगा सकते हैं। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज समझेंगे कि पसीना क्यों आता है। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- पसीना क्यों आता है? यह शरीर के लिए क्यों जरूरी है? जवाब- पसीना शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम है। जब बॉडी का तापमान बढ़ता है, तो यह पसीने के जरिए खुद को ठंडा करती है। सवाल- क्या पसीना आने का भी कोई हेल्दी पैरामीटर होता है? क्या ये हेल्थ का मार्कर हो सकता है? जवाब- पसीने की मात्रा हर व्यक्ति में अलग होती है। यह फिटनेस लेवल, जेनेटिक्स और मौसम से प्रभावित होता है। सवाल- क्या ज्यादा या कम पसीना आना किसी हेल्थ प्रॉब्लम का संकेत हो सकता है? जवाब- हां, ज्यादा पसीने का मतलब है कि बॉडी की टेम्परेचर कंट्रोल करने की क्षमता प्रभावित हुई है। अगर बिना मेहनत किए ही पसीना आ रहा है तो हॉर्मोन्स या नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्या हो सकती है। वहीं बहुत कम पसीना डिहाइड्रेशन जैसी किसी समस्या का संकेत हो सकता है। ज्यादा या कम पसीना आने के सभी संभावित कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- स्वेटिंग पैटर्न (कब, कितना और कहां) से सेहत के बारे में क्या पता चलता है? जवाब- पसीने का पैटर्न और उसकी स्मेल कई हेल्थ रिस्क का संकेत दे सकती है। अलग-अलग संकेत क्या बताते हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- पसीने का पैटर्न कब किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है? जवाब- पसीना आना सामान्य है और स्वस्थ रहने के लिए जरूरी भी है। हालांकि, कुछ मामलों में यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है- सवाल- क्या हाॅर्मोनल बदलाव, थायरॉइड या डायबिटीज के कारण भी स्वेटिंग पैटर्न बदल सकता है? जवाब- हां, हॉर्मोनल बदलाव, थायरॉइड या डायबिटीज तीनों का स्वेटिंग पैटर्न से सीधा कनेक्शन है- सवाल- क्या स्ट्रेस और एंग्जाइटी के कारण भी पसीने का पैटर्न बदल सकता है? इसके क्या संकेत होते हैं? जवाब- हां, स्ट्रेस के कारण शरीर की हॉर्मोनल एक्टिविटीज बदलती हैं और इससे पसीने का पैटर्न भी बदल जाता है- सवाल- हेल्दी स्वेटिंग और बॉडी टेम्परेचर बैलेंस रखने के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करने चाहिए? जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल में कुछ छोटे-छोटे बदलाव करने चाहिए। इसे ग्रफिक में देखिए- सवाल- पसीने की स्मेल कम करने और स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- किस तरह का स्वेटिंग पैटर्न दिखने पर डॉक्टर के पास जाना चाहिए? जवाब- इन सभी कंडीसंस में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है- ……………… ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- महिलाओं को होता साइलेंट हार्ट अटैक: थकान, कमजोरी भी इसका संकेत, 55 की उम्र के बाद संकेत दिखें तो तुरंत करें ये काम सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार महिलाओं में मौत का सबसे बड़ा कारण हार्ट डिजीज है। वहीं वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के मुताबिक, हर साल लगभग तीन में से एक महिला की मौत दिल की बीमारी से जुड़ी होती है। आगे पढ़िए…
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