एयरलाइंस विमानों में 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के 20 अप्रैल से ऑफर करेंगी
नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। एयरलाइंस अब यात्रियों को बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के 60 प्रतिशत सीटें 20 अप्रैल से ऑफर करेंगी। इससे उड़ानों में पारदर्शी सीट आवंटन को बढ़ावा मिलेगा। यह जानकारी विमान नियामक डीजीसीए की ओर से दी गई।
इससे यात्रियों पर आर्थिक बोझ कम होगा, क्योंकि मौजूद समय में एयरलाइंस सीट आवंटन के लिए अलग से चार्ज वसूलती हैं।
इससे पहले नागर विमानन मंत्रालय ने 18 मार्च को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को निर्देश जारी कर कहा था कि 60 प्रतिशत सीटें यात्रियों को सभी उड़ान में बिना किसी चार्ज के आवंटित की जाएं।
इसे लेकर डीजीसीए ने 20 मार्च को संशोधित एयर ट्रांसपोर्ट सर्कुलर जारी किया।
इस दौरान डीजीसीए के माध्यम से जारी नए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ में बैठाया जाए। कोशिश की जाएगी कि वे पास-पास की सीटों पर बैठ सकें। इससे परिवार या ग्रुप में सफर करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
मंत्रालय ने कहा कि स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और म्यूजिकल इंस्टूमेंट जैसी चीजों को भी पारदर्शी और आसान तरीके से फ्लाइट में ले जाने की सुविधा दी जाएगी, बशर्ते सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों का पालन हो। इसी तरह, एयरलाइंस को पालतू जानवरों को ले जाने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनानी होगी।
इसके अलावा, मंत्रालय ने यात्रियों के अधिकारों पर भी जोर दिया है। इसमें लेट होने, कैंसलेशन या डिनाइड बोर्डिंग जैसी स्थिति में यात्रियों के अधिकारों का पालन करना अनिवार्य होगा।
एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट काउंटर पर यात्रियों के अधिकार स्पष्ट रूप से दिखाने होंगे। यात्रियों को उनके हक की जानकारी स्थानीय भाषाओं में भी दी जानी चाहिए ताकि ज्यादा लोग आसानी से समझ सकें।
भारत घरेलू उड़ान के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। उड़ान योजना के तहत एयर ट्रैवल अब अधिक सुलभ हो गया है। देश के एयरपोर्ट्स हर दिन पांच लाख से ज्यादा यात्रियों को संभालते हैं, जो इस सेक्टर की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
--आईएएनएस
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पेट्रोल-डीजल की कमी के बीच पाकिस्तान अब Lockdown के लिए तैयार, लीक हुआ शहबाज सरकार का नोटिफिकेशन
पड़ोसी देश पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब सरकार को 'स्मार्ट लॉकडाउन' जैसे कड़े कदम पर विचार करना पड़ रहा है. देश में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और इसी वजह से सरकार ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन तैयार किया है, जो हाल ही में मीडिया में लीक हो गया.
क्या है प्रस्ताव?
इस ड्राफ्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में दो दिनों का स्मार्ट लॉकडाउन लागू किया जा सकता है. प्रस्ताव है कि शनिवार आधी रात 12:01 बजे से लेकर रविवार रात 11:59 बजे तक पूरे देश में सख्त पाबंदियां लागू रहें. हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है और स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्रस्ताव है, जिसे गलत तरीके से अंतिम आदेश के रूप में पेश किया जा रहा है.
लॉकडाउन के रहेंगे ये नियम
सरकार द्वारा राज्यों और संबंधित अधिकारियों को भेजे गए इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि अगर सभी पक्ष सहमत होते हैं, तो देशभर में बाजार, दुकानें, दफ्तर और सभी व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी. इसके अलावा शादी समारोह, पार्टियां और किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन पर भी पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है. इसका उद्देश्य ईंधन की खपत को कम करना और सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है.
कितनी गंभीर है स्थिति?
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार परिवहन व्यवस्था को भी सीमित करने की योजना बना रही है. प्रस्ताव के अनुसार, स्मार्ट लॉकडाउन के दौरान मोटरवे, इंटरसिटी रोड और हाईवे तक बंद किए जा सकते हैं. यदि ऐसा होता है, तो लोगों को अपनी निजी गाड़ियों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी. उन्हें यात्रा के लिए केवल सरकारी बसों का उपयोग करना पड़ेगा, जिससे ईंधन की बचत की जा सके.
संकट के पीछे की वजह?
इस संकट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं. आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए अपनी जरूरत के मुताबिक तेल खरीद पाना मुश्किल हो गया है. नतीजतन, देश में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत हो गई है, जिसका असर परिवहन, व्यापार और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ देखा जा रहा है.
ईरान को पाकिस्तान से राहत मिलने का दावा
इस बीच पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसे ईरान से कुछ राहत मिल सकती है. खबर है कि ईरान ने पाकिस्तान के झंडे वाले जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है. कहा जा रहा है कि हर दिन दो जहाज इस रास्ते से निकल सकते हैं. हालांकि यह भी चर्चा है कि ये जहाज अमेरिका की ओर जा सकते हैं, जिससे इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एंगल भी जुड़ गया है.
बेहद कठिन दौर से गुजर रहा पाकिस्तान
कुल मिलाकर, पाकिस्तान इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है. एक ओर वह वैश्विक स्तर पर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर देश के अंदर हालात नियंत्रण से बाहर होते दिख रहे हैं. स्मार्ट लॉकडाउन का प्रस्ताव इस बात का संकेत है कि सरकार अब सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर हो रही है.
आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा सीधा असर
अगर यह फैसला लागू होता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा. ऐसे में सभी की नजरें अब सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं कि वह इस संकट से निपटने के लिए कौन सा रास्ता अपनाती है.
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