Ram Temple Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़ा अपडेट, राज्य सरकार नहीं सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी चोरी पर SIT की रिपोर्ट!
अयोध्या में स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी।
Pakistan On CJP Protest: दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट पर पाकिस्तान का आया पहला बयान, जानें क्या कहा?
राजधानी दिल्ली की सड़कों से शुरू हुआ छात्रों और युवाओं का आक्रोश अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में भी चर्चा का केंद्र बन चुका है। जंतर-मंतर पर CJP के बैनर तले जारी प्रदर्शनों और पुलिसिया कार्रवाई को लेकर जब पड़ोसी देश पाकिस्तान से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो इस्लामाबाद ने एक सधा हुआ कूटनीतिक रुख अपनाया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पूरे घटनाक्रम से खुद को पूरी तरह अलग रखते हुए इसे भारत का पूरी तरह से व्यक्तिगत और संप्रभु मामला करार दिया है।
Weekly Press Briefing by the Spokesperson @TahirAndrabi
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) July 23, 2026
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'यह भारत का आंतरिक मामला है'- विदेश मंत्रालय का साफ जवाब
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से पत्रकारों ने सवाल पूछा कि क्या दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों से निपटने का तरीका मानवाधिकारों से जुड़ा विषय है, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के सीधा जवाब दिया। अंद्राबी ने कहा कि यह भारत का पूरी तरह से आंतरिक मामला है और पाकिस्तान दूसरे देशों के ऐसे घरेलू मामलों पर कोई भी बयानबाजी या टिप्पणी नहीं करता है।
5वें हफ्ते में पहुंचा आंदोलन, लगातार गहरा रहा संकट
पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में CJP का प्रदर्शन अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर गया है। नीट-यूजी परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर के युवा दिल्ली में डटे हुए हैं। छात्र लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग पर अड़े हैं, जिससे सरकार पर चौतरफा दबाव बढ़ता जा रहा है।
20 जुलाई की हिंसक झड़प के बाद सख्त हुई सरकार
गौरतलब है कि 20 जुलाई को CJP के 'संसद चलो' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झड़प हुई थी, जिसमें लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से माहौल गरमा गया था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कड़ा रुख अपनाया है और पेपर लीक से जुड़े मुकदमों की त्वरित रोजाना सुनवाई के लिए 4 राज्यों में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का आदेश जारी किया है।
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