ट्रैफिक जाम से हो रहा भारी आर्थिक नुकसान, ‘नेशनल अर्बन डीकंजेशन मिशन’ की मांग: राघव चड्ढा
नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को देश के बड़े महानगरों में बढ़ती ट्रैफिक समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए ‘नेशनल अर्बन डीकंजेशन मिशन’ बनाने की मांग की।
संसद के उच्च सदन में शहरी चुनौतियों पर बोलते हुए चड्ढा ने कहा कि ट्रैफिक जाम ने मेट्रो शहरों को “विशाल पार्किंग लॉट” में बदल दिया है, जहां लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के बजाय सड़कों पर ही घंटों फंसे रहते हैं।
उन्होंने दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों के प्रमुख जाम वाले इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में रिंग रोड, आश्रम चौक, धौला कुआं और एनएच-8 दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग पर भारी जाम की स्थिति रहती है। वहीं कोलकाता में ए.जे.सी. बोस रोड और चौरंगी रोड, बेंगलुरु में सिल्क बोर्ड जंक्शन और आउटर रिंग रोड, जबकि मुंबई में अंधेरी, बांद्रा और फोर्ट क्षेत्र लगातार जाम से जूझ रहे हैं।
चड्ढा ने कहा, “जब आप इन जगहों पर फंसते हैं तो ऐसा लगता है कि सड़क पर नहीं, बल्कि किसी लंबी पार्किंग में खड़े हैं। लोग अब ट्रैफिक में फंसकर अपनी कार से ही वर्चुअल मीटिंग्स करने को मजबूर हो रहे हैं।”
उन्होंने ट्रैफिक जाम को सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक संकट बताते हुए कहा कि बेंगलुरु में एक व्यक्ति साल में औसतन 168 घंटे ट्रैफिक में फंसा रहता है। इसके बाद पुणे में 152 घंटे, मुंबई में 126 घंटे, कोलकाता में करीब 110 घंटे, दिल्ली में लगभग 104 घंटे और चेन्नई में करीब 100 घंटे समय बर्बाद होता है।
उन्होंने कहा, “औसतन एक व्यक्ति साल में 100 से 168 घंटे ट्रैफिक में फंसा रहता है। यह सिर्फ समय नहीं, बल्कि देश की उत्पादकता का नुकसान है।”
चड्ढा ने चेतावनी दी कि हर साल करीब 2.5 करोड़ नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन से स्थिति और बिगड़ सकती है, क्योंकि इनमें ज्यादातर निजी वाहन हैं।
उन्होंने सरकार से अपील की कि इस समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति बनाई जाए, जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करना, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट लागू करना और वैज्ञानिक पार्किंग नीति तैयार करना शामिल हो।
अंत में उन्होंने कहा, “अगर हमारे शहर ट्रैफिक जाम में ही फंसे रहेंगे, तो देश की अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार नहीं पकड़ पाएगी।”
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहरा ने डॉ. जयशंकर से की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर चर्चा
नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर अपने दो दिवसीय दौरे पर फ्रांस में हैं। फ्रांस में आयोजित जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में उन्होंने अपने समकक्षों से मुलाकात की। इस दौरान यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहरा ने भारत के विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीर साझा कर लिखा, फ्रांस में जी7 मंत्री स्तर की मीटिंग के दौरान मेरे भारतीय साथी डॉ. एस जयशंकर के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और जरूरी ग्लोबल सप्लाई चेन के सुरक्षित कामकाज के महत्व पर भी चर्चा की। हमने आगे के कॉन्टैक्ट्स को भी कोऑर्डिनेट किया और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में अपनी आपसी दिलचस्पी को फिर से मजबूत किया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने फ्रांस में जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक संपर्क को मजबूत करने में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से मजबूत व्यापार रूट और सुरक्षित सप्लाई चेन की जरूरत और ज्यादा हो गई है। सत्र को संबोधित करते हुए, डॉ. जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि यूरोपीय यूनियन, यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफटीए) और ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता समेत बड़े वैश्विक साझेदारी के साथ भारत के बढ़ते व्यापार समझौते ने आईएमईसी में काफी वैल्यू जोड़ी है।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डॉ. जयशंकर ने पोस्ट किया, जी 7 विदेश मंत्रियों की मीटिंग के दूसरे सत्र में बुलाए गए साझेदार के साथ आईएमईसी के बारे में विचार शेयर किए। पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुई अनिश्चितताएं ज्यादा मजबूत ट्रेड कॉरिडोर और सप्लाई चेन के लिए और मजबूत मामला बनाती हैं।
उन्होंने आगे कहा, साथ ही, यूरोपीय यूनियन, ईएफटीए सदस्यों और ब्रिटेन के साथ भारत के एफटीए ने आईएमईसी का फायदा बढ़ाया है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कनेक्टिविटी पहल को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदार के बीच बढ़ते उत्साह की भी सराहना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की जरूरत पर जोर दिया और वैश्विक दक्षिण के सामने आने वाली चुनौतियों पर जोर डाला।
उन्होंने कहा, यूएनएससी सुधारों की जरूरत, शांति अभियानों को आसान बनाने और मानवीय सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया। खास तौर पर ऊर्जा चुनौतियों, खाद आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा को लेकर ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया।
इस मौके पर, उन्होंने ब्रिटेन और जर्मन विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, ब्रिटेन की विदेश सचिव, यवेट कूपर के साथ अच्छी बातचीत हुई, जिसमें द्विपक्षीय और वैश्विक दोनों मुद्दों पर बात हुई।
जर्मन विदेश मंत्री के साथ अपनी मीटिंग के बाद, डॉ. जयशंकर ने कहा, जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ हमारी हाल में बातचीत हुई।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation
















.jpg)






