Kal Ka Mausam: सावधान! उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट, कई हिस्सों में इंद्रदेव मचाएंगे तबाही
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में इस पूरे हफ्ते बारिश के आसार हैं. खासकर 29 और 30 मार्च को बारिश होने की सटीक संभावनाएं हैं. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 28 से 30 मार्च के दौरान हल्की मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. 30 मार्च को कश्मीर घाटी में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा उत्तराखंड में भी 29 से 31 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है.
मैदानी इलाकों में भी बदलेगा मौसम
पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी मौसम करवट लेने वाला है. पंजाब में 28 से 30 मार्च और हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में 29 और 30 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है. उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी 29 से 31 मार्च के दौरान धूल भरी आंधी और बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 मार्च और फिर 29 से 31 मार्च के बीच मौसम खराब रहने का अनुमान जताया गया है.
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत का हाल
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में इस पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी. 27 मार्च को असम और मेघालय में 60-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है. वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 27 और 28 मार्च को भारी बारिश हो सकती है. बिहार और झारखंड में भी 27 और 28 मार्च को ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट दिया गया है.
मध्य और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति
मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिनों तक हल्की बारिश और गरज-चमक बनी रहेगी. 29 मार्च को इन इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका है. दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी इस हफ्ते रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है. तटीय महाराष्ट्र और केरल में 27 मार्च को उमस भरा और गर्म मौसम रहने की चेतावनी दी गई है.
तापमान का उतार-चढ़ाव और गर्मी का कहर
देश के कुछ हिस्सों में गर्मी ने अभी से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र के अकोला में सबसे अधिक 41.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा के कई हिस्सों में पारा 37 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है. हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश के चलते अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है.
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एक्साइज ड्यूटी में कमी से युद्ध के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को रोकने में मिलेगी मदद
राजकोट/संगरूर, 27 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी के फैसले को आम जनता ने सराहते हुए कहा कि इससे युद्ध के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी।
राजकोट के अवि मकवाना ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी कम करना एक अच्छा फैसला है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी और यह छोटे व्यापारियों के भी बड़ी राहत है, क्योंकि ईंधन की कीमत में बदलाव का सीधा असर व्यापार पर पड़ता है।
वहीं, केयूर अनोरकट ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध के कारण पूरी दुनिया में पेट्रोल,डीजल और गैस की भारी कम हो गई है। हाल ही में पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल के दाम में भारी वृद्धि देखी गई है। वहीं, मोदी सरकार ने महंगाई को काबू में रखने के लिए पेट्रोल और डीजल में 10-10 रुपए एक्साइज ड्यूटी को कम किया है। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी।
संगरूर में पंजाब पेट्रोलियम एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विनोद बंसल ने आईएएनएस से कहा कि सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को 10-10 रुपए घटाया गया है। इससे आम जनता के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन यह तेल कंपनियों के लिए बड़ी राहत है और इससे नुकसान में कुछ हद तक कमी करने में मदद मिलेगी और युद्ध के कारण जो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़नी थी, उसे टाला जा सकेगा।
उन्होंने आगे बताया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। ऊपर से लगातार आपूर्ति जारी है।
सुखदीप सिंह ने कहा कि सरकार का एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला एक अच्छा फैसला है और इससे आम जनता को किसी न किसी रूप में इसका लाभ होगा।
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी से उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।
इससे पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो कि पहले 13 रुपए प्रति लीटर थी। डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर शून्य हो गई है, जो कि पहले 10 रुपए प्रति लीटर थी।
वित्त मंत्री ने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लागत में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए।
--आईएएनएस
एबीएस/
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