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न डिजाइन-न मैनफेक्चुरिंग, फिर भी स्मार्टफोन खरीदना पड़ेगा महंगा, AI टैक्स बिगाड़ेगा बजट, क्या है ये पूरा बवाल

लोगों के बीच एआई का यूज तेजी से बढ़ रहा है. लोग चैट जीपीटी और ग्रोक जैसे एआई का इस्तेमाल अपने स्मार्टफोन कर रहे हैं. हालांकि, स्मार्टफोन कंपनियां भी खुद अपने एआई वर्जन दे रही है. स्टोरेज को बढ़ा रही है. टेक्नोलॉजी के इस दौर में चीजें तो बहुत आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, लेकिन स्मार्टफोन्स के लिए यूजर्स को अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी.

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42 साल की सोफी ने आलप्स पार कर रचा इतिहास:न्यूजीलैंड की ​रनर ने हीटवेव, तूफान, कीड़ों के हमलों का सामना किया

42 वर्षीय अल्ट्रा-रनर सोफी वुड्स ने खेल जगत में एक नया मुकाम हासिल किया है। न्यूजीलैंड की सोफी ने दुनिया की सबसे कठिन एंड्यूरेंस चुनौतियों में से एक ‘वाया एल्पिना’ को महज 29 दिनों में पूरा कर नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। दो हजार किलोमीटर की दौड़ में सोफी ने आठ देशों की सीमाओं को पार किया। इस पूरी दौड़ के दौरान उन्होंने जितनी ऊंचाई की चढ़ाई की, वह माउंट एवरेस्ट पर 12 बार चढ़ने के बराबर है। सोफी ने इस मैराथन की शुरुआत 4 जुलाई को इटली से की थी। इसके बाद उनका यह सफर स्लोवेनिया, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, लिकटेंस्टीन, स्विट्जरलैंड और फ्रांस के रास्तों से होते हुए शनिवार रात को मोनाको के भूमध्यसागरीय तट पर जाकर खत्म हुआ। उन्होंने ब्रिटिश रनर जेक कैटरल का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने 2024 में इसी रूट को 35 दिनों में पूरा किया था। अपनी इस कामयाबी पर सोफी ने कहा कि वे बेहद खुश हैं, लेकिन बुरी तरह थक चुकी हैं। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने आखिरी के कुछ दिनों में केवल डेढ़ से ढाई घंटे की ही नींद ली। सोफी और उनकी टीम को रास्ते में दो खतरनाक हीटवेव, भयंकर तूफानों और खतरनाक कीड़ों (हॉर्सफ्लाइज) के हमलों का सामना करना पड़ा। यूरोप के कई देश इस समय भयानक हीटवेव और जंगलों की आग से जूझ रहे हैं। इस आग के कारण सोफी को भी अपना तय रास्ता बदलना पड़ा। इस भटकाव के कारण उनकी दौड़ में 5 किलोमीटर की दूरी और 200 मीटर की खतरनाक चढ़ाई और जुड़ गई। सोफी ने बताया कि कई बार उन्हें लगता था कि वे इस चुनौती को कैसे पूरा कर पाएंगी, लेकिन रुकने का ख्याल उनके मन में कभी नहीं आया। हर दिन 15 से 18 घंटे लगातार दौड़ने के लिए भारी ऊर्जा की जरूरत होती है। सोफी ने इसके लिए मैक्डॉनल्ड्स, पास्ता और एनर्जी जेल्स का सहारा लिया। पूरे सफर में पति जॉर्ज, दोस्त जोई और पालतू कुत्ते नीला ने उनका साथ दिया। सोफी कहती हैं, ‘पहला हफ्ता बहुत भयानक था, शरीर में सूजन थी और हर जगह दर्द था। मुझे लगा जैसे मेरी लाखों मांसपेशियां खिंच गई हैं। दूसरा हफ्ता भी कुछ खास नहीं रहा, लेकिन तीसरे हफ्ते तक मुझे लगा कि मेरी फिटनेस वापस आ रही है।’ सोफी की यह सफलता महिलाओं की अल्ट्रा-रनिंग के लिए एक शानदार साल का हिस्सा है। इससे पहले मई में रेचेल एंट्रेकिन ने भी एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया था। आईवीएफ जैसी कठिन मेडिकल प्रक्रिया से गुजरने के बाद सोफी अपनी जिंदगी को एक नया रूप देना चाहती थीं। उन्होंने साबित कर दिया कि अल्ट्रा-रनिंग का असली मतलब सही तैयारी, मानसिक मजबूती और मुश्किल हालातों में डटे रहना है। उनका मानना है कि महिलाएं किसी भी स्थिति के अनुकूल खुद को ढालने और आगे बढ़ने में माहिर होती हैं। अब 29 दिनों तक रोज 18-18 घंटे दौड़ने के बाद सोफी का क्या प्लान है? इस पर वे कहती हैं, ‘अब मैं ज्यादातर समय सोफे पर लेटकर नेटफ्लिक्स देखने और कुछ हरी सब्जियां खाने में बिताऊंगी।’

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  Sports

IND vs SL: सरफराज का तो पता नहीं, लेकिन इस बैटर की प्लेइंग-11 में जगह पक्की है! बैटिंग कोच ने जमकर की तारीफ

sitanshu kotak praisded devdutt padikkal: भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने वॉर्मअप मैच का बेस्ट प्रदर्शन देवदत्त पडिक्कल की बल्लेबाजी को बताया, जिन्होंने पहली पारी में 164 गेंदों का सामना करते हुए 142 रनों की दमदार पारी खेली. पडिक्कल ने जिस तरह की बल्लेबाजी दिखाई, उसके उनका पहला टेस्ट में खेलना तय लग रहा है. Mon, 10 Aug 2026 23:48:50 +0530

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Maratha Reservation आंदोलन के नेता Manoj Jarange ने एक बार फिर सरकार को अल्टीमेटम दिया | Maharashtra #tmktech #vivo #v29pro
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