Responsive Scrollable Menu

CM Yogi Gorakhpur Visit : गोरखपुर को CM योगी की बड़ी सौगात

CM Yogi Gorakhpur Visit : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गोरखपुर दौरे के दौरान जनता को कई अहम संदेश और विकास की सौगात देकर सुर्खियों में रहे. इस दौरान उन्होंने गीडा (GIDA) क्षेत्र में बने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क का उद्घाटन किया, जो पूर्वांचल में आईटी और रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

अफवाहों पर सख्त चेतावनी

सीएम योगी ने अपने संबोधन में रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर सख्त रुख अपनाया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों को घबराने या लाइन लगाने की कोई जरूरत नहीं है. “जब आपकी बारी आएगी, गैस आपके घर तक पहुंचेगी,” उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा.

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में लोगों को संयम और समझदारी दिखानी चाहिए, ताकि अनावश्यक अफरा-तफरी से बचा जा सके.

विकास की नई पहचान बनता गोरखपुर

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में हुए विकास कार्यों को भी विस्तार से गिनाया. उन्होंने बताया कि पिछले 9-10 वर्षों में शहर में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ है. इस निवेश के चलते गोरखपुर अब केवल एक पारंपरिक शहर नहीं, बल्कि विकास और अवसरों का नया केंद्र बनता जा रहा है.

शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़े बदलाव

सीएम योगी ने बताया कि गोरखपुर में कई बड़े संस्थानों की स्थापना हुई है, जिनमें एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, आयुष विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हैं. इन संस्थानों ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया है, बल्कि शिक्षा और कौशल विकास के नए रास्ते भी खोले हैं.

Continue reading on the app

खाड़ी संघर्ष के बीच गहराया डीएपी संकट; खतरे में पाकिस्तान की कृषि सुरक्षा, यूरिया पर घरेलू उत्पादन से राहत

नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। खाड़ी संघर्ष जारी रहने के साथ ही वैश्विक उर्वरक बाजारों में रुकावट ने फिर से पाकिस्तान की कृषि इनपुट सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर किया है।

डॉन अखबार के एक लेख के अनुसार, घरेलू उत्पादन क्षमता ने पाकिस्तान को यूरिया संकट के सबसे बुरे प्रभावों से बचा लिया है, लेकिन डायअमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) के मामले में ऐसा नहीं कहा जा सकता। आयात पर निर्भरता कृषि अर्थव्यवस्था को कमजोर बनाती है।

यूरिया के मामले में स्थानीय उत्पादन ने किसानों को खाद का इस्तेमाल कम करने से बचाया है, जिसका मतलब होता कम पैदावार और खाने-पीने की चीजों की ज्यादा कीमतें। डीएपी की स्थिति अलग है।

पाकिस्तान केवल 0.7 मिलियन टन डीएपी का वार्षिक उत्पादन करता है, जबकि जरूरत 2 मिलियन टन से अधिक है। इस अंतर को पूरा करने करने के ल‍िए मध्य पूर्व से आयात करना पड़ता है। सामान्य परिस्थितियों में यह निर्भरता संभालने लायक होती है, हालांकि महंगी पड़ती है। वर्तमान संकट में, यह एक गंभीर कमजोरी है।

यूरिया के विपरीत जहां घरेलू स्टॉक और उत्पादन निरंतरता एक सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं, डीएपी के आयात सीधे मूल्य अस्थिरता और लॉजिस्टिक बाधाओं के प्रति संवेदनशील हैं। आपूर्ति में रुकावट, शिपिंग प्रतिबंध और कच्चे माल की कमी पहले ही वैश्विक उपलब्धता को सीमित कर रही है। लंबी अवधि की रुकावट से लागत में तेज वृद्धि हो सकती है। बोआई के समय उपलब्धता सीमित हो सकती है और किसानों को या तो आवेदन कम करना पड़ेगा या उपयुक्त पोषक तत्व मिश्रण बदलना होगा।

र‍िपोर्ट के अनुसार, कृषि पर इसके प्रभाव गंभीर हैं। डीएपी शुरुआती चरण के फसल विकास, विशेष रूप से मुख्य फसलों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका अपर्याप्त उपयोग यूरिया या अन्य पोषक तत्वों से आसानी से पूरा नहीं किया जा सकता। बिना उत्पादन क्षमता को प्रभावित किए। इस दृष्टि से डीएपी की कमी केवल आपूर्ति की समस्या नहीं है। यह उत्पादन, किसानों की आय, मूल्य स्थिरता और अंततः खाद्य सुरक्षा के लिए भी खतरा है।

कम से कम मौजूदा डीएपी प्लांट को लगातार गैस आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा, नीति निर्माताओं को व्यापक प्रोत्साहन संरचना पर पुनर्विचार करना चाहिए, ताकि उत्पादन क्षमता में विस्तार को बढ़ावा दिया जा सके और धीरे-धीरे आयात निर्भरता को कम किया जा सके।

र‍िपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बनी रहेंगी, देश की मजबूती और संवेदनशीलता के बीच का अंतर इस बात से निर्धारित होगा कि देश अपने यहां क्या उत्पादन कर सकता है और क्या नहीं।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026: प्रशासन की टीम ने केदारनाथ धाम पहुंचकर लिया तैयारियों का जायजा, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, पढ़ें पूरी खबर

चारधाम यात्रा 2026 के लिए उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों का उत्साह चरम पर है। 6 मार्च से शुरू हुए ऑनलाइन पंजीकरण में महज 20 दिनों के भीतर 9.37 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी सीट पक्की कर ली है। आगामी 19 अप्रैल 2026 से धामों के कपाट खुलने शुरू हो जाएंगे, जिसके साथ ही यह यात्रा … Thu, 26 Mar 2026 23:02:10 GMT

  Videos
See all

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: Trump अब ईरान पर हमले के 4 प्लान ले आए? Munir | US Iran War #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-26T18:07:51+00:00

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: Trump के China दौरे से पहले युद्ध खत्म ? | Iran Vs America #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-26T18:09:40+00:00

Dhurandhar 2 : 'धुरंधर' का नाम सुनकर ओवैसी चिढ़े ? #asaduddinowaisi #owaisi #dhurandhar #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-26T18:18:02+00:00

Dhurandhar 2 : फिल्म 'धुरंधर' पर रेखा गुप्ता क्या बोलीं ? #dhurandhar #rekhagupta #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-26T18:15:40+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers