होर्मुज पर पाबंदी लगाने वाले तंगसीरी की एयर स्ट्राइक में मौत: नेतन्याहू
तेल अवीव, 26 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि एयर स्ट्राइक में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी मारे गए हैं।
एक छोटे से वीडियो संदेश में ये भी कहा कि उनकी सेना पूरी ताकत से मुकाबला करती रहेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार रात, आईआरजीसी नेवी के कमांडर को मार गिराया गया। अलीरेजा तंगसीरी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पहरा लगा रखा था।
नेतन्याहू से पहले देश के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने तंगसीरी की मौत के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने भी वीडियो संदेश जारी किया। अपने बयान में कहा, “बुधवार रात, एक सटीक और खतरनाक ऑपरेशन में, आईडीएफ ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नेवी कमांडर, तंगसिरी और नेवल कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों संग खत्म कर दिया।”
तंगसीरी की मौत का खुलासा सबसे पहले इजरायली मीडिया ने इजरायली सैन्य अधिकारी के हवाले से किया था, जिसने दावा किया है कि उसने ईरान के बंदर अब्बास शहर पर किए गए हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार दिया। अलीरेजा तंगसीरी आईआरजीसी नेवी के प्रमुख थे और उन्हें ईरान की समुद्री सैन्य रणनीति का अहम चेहरा माना जाता था।
होर्मुज में जहाजों की निगरानी और सैन्य कार्रवाई में उनकी बड़ी भूमिका रही है। दक्षिणी ईरान के बुशहर प्रांत में जन्मे तंगसीरी, ईरान-इराक युद्ध और तथाकथित टैंकर युद्ध (यह 1980 के दशक में ईरान के साथ अमेरिका का पहला संघर्ष था) में अहम भूमिका निभाने के बाद आईआरजीसी नेवी का हिस्सा बने।
तंगसीरी ने बंदर अब्बास में आईआरजीसी नेवी के पहले नेवल डिस्ट्रिक्ट की कमान संभाली और 2010 से 2018 तक डिप्टी कमांडर के तौर पर काम किया, जिसके बाद उन्होंने फोर्स के चीफ का पद संभाला।
इजरायली रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपनी ओर से दावा कर दिया है लेकिन अब तक ईरान ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अगर तंगसीरी की मौत की पुष्टि हो जाती है तो उनका नाम उन वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की बढ़ती लिस्ट में शामिल हो जाएगा जिनकी 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से हत्या कर दी गई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी।
--आईएएनएस
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'नीतीश कुमार कहीं नहीं जा रहे, बिहार में सीएम के लिए कोई वेकेंसी नहीं है', जेडीयू नेता का बड़ा बयान
बिहार की सियासत इन दिनों एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हैं, खासकर उनकी ‘समृद्धि यात्रा’ के समापन के बाद. बता दें कि नीतीश कुमार ने हाल में राज्यसभा का चुनाव जीता है. ऐसे में उन्हें दोनों पदों में से एक पद से इस्तीफा देना होगा. हालांकि, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता खालिद अनवर ने इन सभी चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा है कि 'नीतीश कुमार कहीं नहीं जा रहे हैं और मुख्यमंत्री पद की कोई वेकेंसी नहीं है.'
‘समृद्धि यात्रा’ को बताया नई शुरुआत
खालिद अनवर ने ‘समृद्धि यात्रा’ को एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकास अभियान बताया. उनके मुताबिक, यह यात्रा बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है. उन्होंने कहा कि इस यात्रा का समापन किसी अंत का संकेत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है, जो राज्य के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाएगी.
जनता का भावनात्मक जुड़ाव
हाल के दिनों में इस यात्रा के दौरान कई जगहों पर लोगों ने भावुक होकर मुख्यमंत्री से बिहार न छोड़ने की अपील की. 'नीतीश कुमार बिहार में ही रहें' जैसे नारे भी सुनाई दिए। इस पर खालिद अनवर ने कहा कि यह जनता के विश्वास और लगाव का प्रतीक है. उनके शब्दों में, “नीतीश कुमार बिहार के बेटे हैं और यहीं रहेंगे.'
मुख्यमंत्री पद पर स्पष्ट रुख
सीएम पद को लेकर उठ रही अटकलों पर जेडीयू नेता ने स्पष्ट संदेश दिया कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जहां नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत हो. उन्होंने कहा कि जब तक नीतीश कुमार खुद कोई निर्णय नहीं लेते, तब तक इस तरह की चर्चाएं निराधार हैं.
इस बीच जेडीयू के अन्य नेताओं, जैसे नीरज कुमार ने भी यही कहा है कि बिहार को नीतीश कुमार का मार्गदर्शन आगे भी मिलता रहेगा.
विपक्ष के आरोपों पर जवाब
विपक्ष, खासकर तेजस्वी यादव द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भी खालिद अनवर ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि यह कहना कि नीतीश कुमार को हटाया जा रहा है, पूरी तरह गलत और भ्रामक है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा जाने या किसी अन्य राजनीतिक फैसले को लेकर जो भी निर्णय होंगे, वे पूरी तरह व्यक्तिगत और परिस्थितियों के अनुसार होंगे, न कि किसी दबाव में.
सियासी संदेश और संकेत
खालिद अनवर का बयान सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. जेडीयू यह स्पष्ट करना चाहती है कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर कोई असमंजस नहीं है और सरकार स्थिर है. यह बयान उन सभी कयासों को खारिज करने की कोशिश है, जिनमें नेतृत्व परिवर्तन की बात कही जा रही थी.
सस्पेंस बरकरार, लेकिन स्थिति स्थिर
हालांकि अटकलों का दौर अभी थमा नहीं है, लेकिन जेडीयू के नेताओं के लगातार आ रहे बयानों से यह साफ है कि फिलहाल नीतीश कुमार ही बिहार की राजनीति के केंद्र में बने रहेंगे. आने वाले दिनों में सियासत किस करवट बैठेगी, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन अभी के लिए “कोई वेकेंसी नहीं” का संदेश पूरी तरह स्पष्ट है.
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