'सिलेंडर 25 हजार का भी हुआ तो लेंगे, पर चाहिए मोदी', राजकोट के शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां हर दिन जनता की राय और उनके अनोखे अंदाज देखने को मिलते हैं. हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे गुजरात के राजकोट का बताया जा रहा है. इस वीडियो में एक रिपोर्टर सड़क पर चलते लोगों से देश की मौजूदा स्थिति और बढ़ती महंगाई पर सवाल-जवाब कर रहा है. इसी दौरान रिपोर्टर की मुलाकात एक ऐसे शख्स से होती है, जिसका जवाब सुनकर न केवल रिपोर्टर दंग रह गया, बल्कि अब पूरे इंटरनेट पर इस बात की चर्चा हो रही है.
रिपोर्टर ने जब उस व्यक्ति से पूछा कि क्या उसे देश में बढ़ती महंगाई दिखाई नहीं दे रही है, तो शख्स ने पलटकर सवाल किया कि महंगाई कहां है? जब रिपोर्टर ने खास तौर पर रसोई गैस यानी सिलेंडर के बढ़ते दामों का जिक्र किया, तो शख्स ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ कहा कि अगर सिलेंडर की कीमत 5 हजार या फिर 25 हजार रुपये भी हो जाए, तो भी वह उसे खरीदेगा. उसने साफ शब्दों में कहा कि उसे सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी ही चाहिए।
रिपोर्टर और शख्स के बीच दिलचस्प बहस
शख्स की यह बात सुनकर रिपोर्टर काफी हैरान नजर आया. उसने दोबारा पूछा कि क्या वाकई में आप इतना महंगा सिलेंडर खरीद लेंगे? इस पर उस व्यक्ति ने बिना झिझक के 'हां' में जवाब दिया. रिपोर्टर ने जब सामाजिक और आर्थिक हकीकत की ओर इशारा करते हुए पूछा कि उन गरीबों का क्या होगा जो इतना महंगा सिलेंडर नहीं खरीद पाएंगे, तो शख्स का जवाब और भी चौंकाने वाला था. उसने कहा कि देश में कोई भी गरीब नहीं है. शख्स ने आगे दावा किया कि जो आज गरीब दिख रहा है, उसे प्रधानमंत्री मोदी अपनी योजनाओं और नीतियों से जल्द ही अमीर बना देंगे.
बता दें कि यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. भारत के भी कई हिस्सों में गैस की किल्लत और कीमतों को लेकर खबरें आ रही हैं.
वीडियो की सत्यता और सोशल मीडिया का रुख
सोशल मीडिया पर जो भी इस वीडियो को देख रहा है, वह अपनी-अपनी राय रख रहा है. जहां कुछ लोग इस शख्स के प्रधानमंत्री के प्रति अटूट विश्वास और समर्थन की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ यूजर्स इसे महंगाई जैसी गंभीर समस्या के प्रति संवेदनहीनता मान रहे हैं. लोगों का कहना है कि व्यक्तिगत समर्थन अपनी जगह है, लेकिन आम जनता की बुनियादी जरूरतों की कीमतों पर इस तरह की टिप्पणी जमीनी हकीकत से अलग हो सकती है.
₹5000 नहीं ₹25000 में गैस सिलेंडर ले लेंगे, लेकिन मुझे चाहिए मोदी ,
— Mohd Safur (@Imsafur20) March 26, 2026
ये वही लोग है जो 92 का पेट्रोल भरवाने के बाद पम्प वाले से बोलते है भैया 2 रुपये फिर लगा लेना ! pic.twitter.com/RElrssdtsV
हालांकि, न्यूज नेशन इस वीडियो की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं करता है कि यह कब का है और इसमें दिख रहा शख्स कौन है. लेकिन राजकोट के नाम से वायरल हो रहे इस क्लिप ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश में प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और उनके प्रति समर्थकों का नजरिया कितना प्रभावशाली है. फिलहाल, यह वीडियो फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स में जमकर शेयर किया जा रहा है और लोग इस पर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं.
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नॉटजस्टआर्ट और अदाणी ग्रीनएक्सटॉक्स ने शुरू किया 'ग्लोबल एबिलिटी फोटोग्राफी चैलेंज 2026', दिव्यांग फोटोग्राफर्स को मिलेगा बड़ा मंच
अहमदाबाद, 26 मार्च (आईएएनएस)। नॉटजस्टआर्ट और अदाणी ग्रीनएक्सटॉक्स ने मिलकर गुरुवार को ग्लोबल एबिलिटी फोटोग्राफी चैलेंज (जीएपीसी) 2026 का पांचवां संस्करण लॉन्च किया, जो खास तौर पर दिव्यांग लोगों के लिए समर्पित एक अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता है।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य दुनिया भर के दिव्यांग फोटोग्राफर्स को अपनी प्रतिभा और नजरिए को दिखाने के लिए एक बड़ा मंच देना है। इसमें दुनिया के किसी भी देश से दिव्यांग व्यक्ति भाग ले सकते हैं और इसमें हिस्सा लेना पूरी तरह मुफ्त है।
पिछले चार संस्करणों में, इस पहल का काफी विस्तार हुआ है, जो अब तक 80 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुकी है और 30 से अधिक देशों से 50,000 से ज्यादा प्रतिभागी इसमें शामिल हो चुके हैं।
पिछले साल इस प्रतियोगिता के चुने गए फोटो जापान और दुबई में प्रदर्शित किए गए थे, जिससे इसका दायरा और भी बढ़ा।
इस प्रतियोगिता में शौकिया और प्रोफेशनल दोनों तरह के दिव्यांग फोटोग्राफर्स अपने फोटो भेज सकते हैं। उनसे ऐसे फोटो मांगे गए हैं, जो उनके अनुभव और उनकी अलग सोच को दर्शाते हों।
आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगों की आवाज को मुख्यधारा में लाना और फोटोग्राफी के जरिए समाज में उनके प्रति नजरिया बदलना है।
अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड के निदेशक जीत अदाणी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य फोटोग्राफी के माध्यम से दुनिया भर के प्रतिभाओं को एक साथ लाना है। उन्होंने इसे एक सार्वभौमिक और रचनात्मक माध्यम बताया जो सीमाओं के पार लोगों को जोड़ने का काम करता है।
उन्होंने कहा, वास्तव में, हर तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है।
वहीं यूथ4जॉब्स फाउंडेशन की संस्थापक और सीईओ मीरा शेनॉय ने कहा कि यह पहल दिखाती है कि सही मंच मिलने पर दिव्यांग लोग अपनी रचनात्मकता से बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ठ प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए एक बड़ी पुरस्कार राशि रखी गई है। प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 3 लाख रुपए और तृतीय पुरस्कार के रूप में 2 लाख रुपए दिए जाएंगे।
इसके अलावा, चौथे से 10वें स्थान तक आने वाले प्रतिभागियों को 1-1 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा, टॉप 20 फोटो को एक खास प्रदर्शनी में दिखाया जाएगा और टॉप 10 विजेताओं को ट्रॉफी भी दी जाएगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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