RCB या हैदराबाद कौन है किस पर भारी, देखें दोनों के हेड टू हेड रिकॉर्ड और जानें पिछले 5 मैचों का परिणाम
RCB vs SRH Head to Head: आईपीएल 2026 का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाने वाला है. ये मुकाबला 28 मार्च (शनिवार) को शाम 7:30 बजे से बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैच में आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार और हैदराबाद के कप्तान ईशान किशन के बीच जोरदार टक्कर फैंस को देखने के लिए मिलने वाली है. उससे पहले आज हम आपको रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के हेड टू हेड रिकॉर्ड्स के बारे में बताने वाले हैं.
IPL 2026 के पहले मैच की डिटेल्स
मैच - रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद (RCB vs SRH)
तारीख - 28 मार्च
दिन - शनिवार
समय - 7:30 PM
वेन्यू - एम चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु
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आरसीबी और हैदराबाद के हेड टू हेड रिकॉर्ड
इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में अब तक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच कुल 25 मैच खेले गए हैं. इस दौरान सनराइजर्स हैदराबाद को 13 मुकाबलों में जीत हासिल हुई है, जबकि उसे 11 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. वहीं आरसीबी की बात करें तो, उसे हैदराबाद के खिलाफ 11 मैचों में जीत मिली है, जबिक 13 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है. इन दोनों टीमों के बीच 1 मैच बेनतीजा भी रहा है.
Mee prema, maa balam ???? pic.twitter.com/CXXZZL01Bt
— SunRisers Hyderabad (@SunRisers) March 24, 2026
इन आंकड़ों पर नजर डालें तो सनराइजर्स हैदराबाद का पलड़ा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पर भारी नजर आ रही है. लेकिन आरसीबी इस मैच को जीतकर अपने आंकड़े बेहतर करना चाहेगी. तो वहीं हैदराबाद की टीम जीत दर्ज कर अपने रिकॉर्ड को आरसीबी के खिलाफ और ज्यादा मजबूत करना चाहेगी.
आरसीबी और हैदराबाद का एक दूसरे के सामने हाईएस्ट स्कोर
आरसीबी ने हैदराबाद के सामने हाईएस्ट स्कोर 262 बनाया है, जबकि उनका लोएस्ट स्कोर एसआरएच के साथ 68 रन है. वहीं आरसीबी के सामने हैदराबाद के हाईएस्ट स्कोर की बात करें तो वो, 287 रन हैं. वहीं एसआरएच का लोएस्ट स्कोर 125 रन है.
— Royal Challengers Bengaluru (@RCBTweets) March 25, 2026
पिछले पांच मैचों में आरसीबी या हैदराबाद किसने मारी बाजी
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए अंतिम पांच मैचों की बात करें तो यहां पर आरसीबी ने 3 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि हैदराबाद को सिर्फ 2 मुकाबलों में जीत मिली है. आरसीबी ने 2024, 2023 और 2022 में जीत हासिल की थी. वहीं हैदराबाद को 2025 और 2024 में आरसीबी के खिलाफ जीत मिली थी.
RCB और SRH का स्क्वाड
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु - रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेजलवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पांड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा.
सनराइजर्स हैदराबाद - अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, ब्रायडन कारसे, ईशान मलिंगा, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, हेनरिक क्लासेन, ईशान किशन, जयदेव उनादकट, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस, आर स्मरण, ट्रैविस हेड, जीशान अंसारी, शिवांग कुमार, साकिब हुसैन, सलिल अरोड़ा, ओंकार तरमाले, अमित कुमार, लियाम लिविंगस्टोन, शिवम मावी, डेविड पेन.
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मीठा खाने से है परहेज? जानिए कितना जरूरी है इसका सही मात्रा में सेवन
नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। आज के दौर में ‘नो शुगर’ और ‘लो सोडियम’ डाइट का ट्रेंड बढ़ गया है, लेकिन सच यह है कि मीठा और नमक दोनों ही शरीर के लिए जरूरी हैं। बस इनका सेवन संतुलित मात्रा में होना चाहिए।
आजकल फिटनेस और हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ने के कारण लोग मीठे से दूरी बनाने लगे हैं। ‘नो शुगर’ या ‘लो शुगर’ डाइट का चलन भी तेजी से बढ़ा है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार मीठा पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है। शरीर के संतुलन और ऊर्जा के लिए मीठे का सीमित मात्रा में सेवन जरूरी माना गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुवेद के मुताबिक मीठा शरीर के लिए कितना जरूरी है और मीठे का सेवन कब और कितना चाहिए?
समय पर लिया गया कोई भी आहार शरीर के लिए दवा की तरह काम करता है। भोजन से लेकर पानी तक का समय होता है और जब सभी चीजें प्रकृति के अनुसार की जाएं तो पूरा शरीर संतुलित रहता है। उसी तरह, मीठा भी अगर समय और सही तरीके से खाया जाए तो यह शरीर को ताकत देता है, मन को खुश रखता है और पाचन को बेहतर बनाता है, लेकिन ज्यादा मीठा या गलत समय पर मीठा खाने से मोटापा, आलस और कई बीमारियां भी हो सकती हैं।
मीठा हमारे शरीर में तुरंत ऊर्जा कारण बनता है और पेट भरा रहता है। मीठा खाने से भूख की तृप्ति होती है। अक्सर खाने के बाद लोगों को मीठा खाने की तलब लगती है, लेकिन आयुर्वेद की मानें तो मीठा, खाने से पहले खाना चाहिए। अगर मीठा खाने का मन करता है तो घर पर बने हलवे, या गुड़ या खजूर से बनी मिठाई का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, प्रकृति से मिले मीठे फलों का सेवन भी किया जा सकता है।
मीठे की तलब को शांत करने के लिए आइसक्रीम या डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ के सेवन से बचें। ये रक्त में शर्करा की मात्रा को तेजी से बढ़ाते हैं और मधुमेह के रोगियों के लिए यह खतरा हो सकता है। इसके साथ ही खाना खाने के बाद मीठा खाने से बचें क्योंकि यह कफ दोष को बढ़ाता है। ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि प्रकृति मीठे फल और घर पर बने मीठे पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करें। मीठे की अधिकता, बढ़ते वजन, सूजन, मधुमेह, आलस और कफ से जुड़ी परेशानियों का कारक हो सकती है।
--आईएएनएस
पीएस/वीसी
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