'कुछ दिनों के लिए मजबूरन बंद करना पडेंगे पेट्रोल पंप', जानें किस राज्य के मुख्यमंत्री ने क्यों कही ये बात
पश्चिम एशिया में छाए संकट के बीच देशभर में लगातार इस बात की चर्चा हो रही है कि क्या वाकई में देश में पेट्रोल-डीजल या फिर गैस का संकट है. हालांकि सरकार की ओर से इसको लेकर हर संभव कोशिश की जा रही है और सरकार का कहना है कि देश में किसी भी तरह के तेल या गैस भंडार की कमी नहीं है. लेकिन इस बीच एक राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा है कि मजबूरन उन्हें कुछ दिन के लिए पेट्रोल पंप बंद करना पड़ेंगे. दरअसल ये कहना है जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का. आइए जानते है कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा है.
जम्मू-कश्मीर में रसोई गैस और पेट्रोल की कथित कमी को लेकर फैल रही खबरों के बीच उमर अब्दुल्ला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रदेश में किसी भी तरह की कमी नहीं है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और घबराहट में अनावश्यक खरीदारी से बचें.
'स्थिति पूरी तरह सामान्य है'
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है, जिसमें अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई. उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है. केंद्र सरकार भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की कमी की पुष्टि नहीं हुई है.
#WATCH | Jammu: On being asked about long queues seen at the fuel stations, J&K CM Omar Abdullah says, "... My earnest request is that you stop camping outside petrol pumps otherwise I will shut all the petrol pumps for the next few days..."
— ANI (@ANI) March 26, 2026
He says, "It's regrettable that when… pic.twitter.com/ByAMJzH2Ft
अफवाहों से बढ़ रही समस्या
सीएम उमर अब्दुल्ला ने खास तौर पर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि लोग बिना पुष्टि के खबरों पर विश्वास कर पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें लगा रहे हैं, जिससे कृत्रिम संकट जैसी स्थिति बन रही है. अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो हमें कुछ दिनों के लिए मजबूरन पेट्रोल पंप बंद करना पड़ेंगे.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति जारी रही, तो प्रशासन को अस्थायी रूप से पेट्रोल पंप बंद करने जैसे सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं, ताकि व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सके.
केंद्र के साथ समन्वय
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बुलाई गई अहम बैठक में शामिल होंगे. यह बैठक शाम 6:30 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और उनके भारत पर संभावित प्रभावों पर चर्चा होगी.
इस बैठक में खास तौर पर तेल आपूर्ति, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को लेकर रणनीति बनाई जाएगी.
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन फिलहाल भारत में इसका सीधा असर देखने को नहीं मिला है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला सुचारु रूप से काम कर रही है.
जम्मू-कश्मीर में ईंधन संकट की खबरें फिलहाल अफवाहों पर आधारित हैं. प्रशासन और सरकार दोनों ने साफ कर दिया है कि स्थिति नियंत्रण में है. ऐसे में जरूरी है कि लोग जिम्मेदारी दिखाएं, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.
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