Atiq Ahmed के बेटों को Allahabad High Court से मिली पेरोल, अबान के जनाजे में होंगे शामिल
प्रयागराज (उप्र), सात अगस्त माफिया और पूर्व सांसद दिवंगत अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए उसके दो भाइयों झांसी जेल में बंद अली अहमद और लखनऊ जेल में कैद मोहम्मद उमर को शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से सशर्त पेरोल मिल गई। दोनों के प्रयागराज पहुंचने के बाद शनिवार सुबह शव को कसारी मसारी कब्रिस्तान में अबान को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत ने अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उमर और अहमद को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सशर्त पेरोल दी।
अदालत ने निर्देश दिया कि अंतिम संस्कार और परिवार के चार सदस्यों का मिलन पूरा होने के बाद उमर और अहमद को पुलिस अभिरक्षा में उनकी जेलों में वापस लाया जाएगा। अदालत ने कहा, “उमर और अहमद किसी जनसभा को संबोधित नहीं करेंगे, सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया समेत मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे।” अदालत ने कहा, “इसके अलावा, वे अंतिम संस्कार कर रहे धार्मिक व्यक्ति, अपनी बुआ परवीन कुरैशी और भाई अहजम अहमद के अलावा किसी से बातचीत नहीं करेंगे। साथ ही वे पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे।” झांसी जिले में बृहस्पतिवार को एक सड़क हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गयी थी, जबकि कार सवार तीन अन्य लोग घायल हो गये थे जिन्हें कल रात झांसी के अस्पताल से लाकर प्रयागराज में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह अबान का शव हटवा गांव स्थित उनकी बुआ परवीन कुरैशी के घर लाया गया। अबान की कब्र भी अतीक की कब्र के पास तैयार की गई है। इसी कब्रिस्तान में अतीक के भाई अशरफ और बेटे असद की कब्र है।
सड़क दुर्घटना का शिकार हुए अबान और उनके एक साथी के शव लेकर देर रात उनके परिजन प्रयागराज के लिए रवाना हुए थे और शुक्रवार सुबह यहां पहुंचे। झांसी में बृहस्पतिवार की सुबह हुई दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद अतीक के बेटे अजहम और घायलों के परिजन देर शाम झांसी पहुंचे थे। इसके बाद उसका पोस्टमार्टम किया गया।
अबान अहमद अपने कुछ साथियों के साथ झांसी जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था, तभी रास्ते में पुंछ थाना क्षेत्र में झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर उसकी तेज रफ्तार एसयूवी कार बेकाबू होने के कारण एक डिवाइडर से टकराकर पलट गयी। इस हादसे में अबान अहमद (21) और उसके दोस्त सोनू (25) की मौत हो गई। इसके अलावा कार सवार आजम, मोहम्मद जावेद और उमर घायल हुए।
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज के एक अस्पताल के बाहर पत्रकार बनकर पहुंचे तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के समय पुलिसकर्मी अतीक और अशरफ को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जा रहे थे।
Chhattisgarh के Rajnandgaon में EMC 2.0 को केंद्र से मंजूरी, ₹3000 करोड़ का होगा निवेश
रायपुर, सात अगस्त भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नयी गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी 2.0) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य को मिली यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ को देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्रों की श्रेणी में लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से राज्य में तीन हजार करोड़ से अधिक के निवेश का मार्ग खुलेगा और लगभग नौ हजार युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 432.08 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए 210.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है। परियोजना का विकास छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआइडीसी) करेगा।
लगभग 306 एकड़ में विकसित होने वाले इस क्लस्टर में रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, बिजली, पानी, वेयरहाउस और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कंपनियां कम समय में उत्पादन शुरू कर सकें। अधिकारियों ने बताया कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार प्रमुख कंपनियां पहले ही यहां निवेश में रुचि जता चुकी हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि छत्तीसगढ़ तेजी से उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक क्लस्टर नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला विकास इंजन साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ में निवेश के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करेगी, ताकि नए उद्योगों में रोजगार का अधिकतम लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को आगे बढ़ाने वाली यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, कंपोनेंट निर्माण और वैल्यू एडिशन को नई गति देगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल होगा, जहां भविष्य की इलेक्ट्रॉनिक्स अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी जा रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









