Responsive Scrollable Menu

Facebook-Instagram पर AI कंटेंट को लेकर सरकार सख्त, Meta से मांगी रिपोर्ट

केंद्र सरकार ने Meta पर डीपफेक और AI-जेनरेटेड कंटेंट को लेकर दबाव बढ़ा दिया है. लगातार बैठकों में कंपनी से बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) और बिना लेबल वाले AI वीडियो हटाने पर जवाब मांगा गया है. सरकार ने सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस नतीजे देखने की बात कही है.

The post Facebook-Instagram पर AI कंटेंट को लेकर सरकार सख्त, Meta से मांगी रिपोर्ट appeared first on Prabhat Khabar.

Continue reading on the app

NDRF की नई टीमें तैनात करने का लंबित प्रस्ताव जल्द मंजूर करे सरकार: संसदीय समिति

नयी दिल्ली, सात अगस्त एक संसदीय समिति ने सरकार से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में जंगलों की आग से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात करने के संबंध में लंबित प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देने की सिफारिश की है। राज्यसभा में शुक्रवार को पेश की गई एक रिपोर्ट में, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने गौर किया कि यह प्रस्ताव जनवरी 2025 से गृह मंत्रालय के पास लंबित है। वर्तमान में, एनडीआरएफ के पास असम, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड के लिए औपचारिक रूप से स्वीकृत और समर्पित तीन वन अग्नि प्रतिक्रिया टीमें हैं, जिनमें कुल 150 कर्मी हैं।

इस प्रस्ताव में उत्तराखंड में एक अतिरिक्त टीम और हिमाचल प्रदेश तथा मध्य प्रदेश में दो अलग-अलग टीमों को तैनात करना शामिल है। गौरतलब है कि जुलाई 2022 में एनडीआरएफ को जंगलों की आग से निपटने की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई थी। समिति ने कहा, “तदनुसार, एनडीआरएफ की पहली, 10वीं और 15वीं बटालियन से 50-50 कर्मियों वाली एक-एक टीम ने सेंट्रल एकेडमी फॉर स्टेट फॉरेस्ट सर्विस में वन अग्नि रोकथाम के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।” हालांकि, उत्तराखंड में 2024 के दौरान जंगलों की आग के मौसम में, राज्य की एकमात्र एनडीआरएफ टीम बड़े पैमाने पर हुई आग की घटनाओं से निपटने में संघर्ष करती नजर आई।

समिति के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप यह प्रस्ताव आया कि एनडीआरएफ को सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में तैयारियों को मजबूत करने के लिए तीन और टीमों को तैनात करना चाहिए। समिति की रिपोर्ट में देखा गया कि 2019-20 से 2023-24 के बीच भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जंगल की आग की घटनाओं की वार्षिक प्रवृत्ति में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। आग की कुल घटनाएं 2019-20 में 3,566 थीं जो 2020-21 में बढ़कर 30,672 हो गईं।

अगले वर्षों में इनकी संख्या कम होने लगीं और 2021-22 में 25,995 तथा 2022-23 में 8,682 घटनाएं हुईं। लेकिन 2023-24 में इनकी संख्या फिर बढ़ गई और मूल्यांकन अवधि के दौरान 37,152 आग की घटनाओं के साथ उच्चतम मूल्य पर पहुंच गईं। समिति ने यह भी सिफारिश की कि सरकार को भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन और जंगल की आग की आवृत्ति, तीव्रता तथा मौसमी स्थिति के बीच जुड़ाव स्थापित करने के लिए शोध अध्ययन शुरू करना चाहिए।

Continue reading on the app

  Sports

प्रियांक पांचाल कौन हैं वैभव सूर्यवंशी की उपकप्तानी पर बोलने वाले? क्या 15 की उम्र में कप्तानी देना वाकई गलत है

Vaibhav Sooryavanshi vs Priyank Panchal: वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने पर गुजरात के पूर्व कप्तान प्रियांक पांचाल ने सवाल उठाए हैं. उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में जिम्मेदारी देने से युवा खिलाड़ी पर बेवजह दबाव पड़ेगा. हालांकि, मॉडर्न क्रिकेट में प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती. उपकप्तानी कोई बोझ नहीं, बल्कि वैभव के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को निखारने का एक बेहतरीन मौका है. Sat, 8 Aug 2026 04:01:03 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | रोहिणी आयोग का बड़ा खुलासा! OBC Reservation की कड़वी सच्चाई | Rubika Liyaquat #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-08T00:02:51+00:00

News Ki Pathshala | Rubika Liyaquat: हेमंत का सिंहासन कब हिलाएंगे राहुल?|Hemant Soren | Rahul Gandhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-08T00:06:28+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers