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RBI Rules for Banks: कर्ज वसूली में बदसलूकी पर कार्रवाई, बैंक की गलती पर ग्राहक को मिलेगा ₹250 प्रति घंटा Compensation

भारतीय रिजर्व बैंक ने कर्ज की वसूली को लेकर नए और सख्त नियम जारी किए हैं ताकि उधार लेने वालों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जा सके। मौजूद जानकारी के अनुसार ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और इनका पालन सभी बैंकों तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं को करना होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी संशोधित निर्देशों के अनुसार अब बैंक या उनकी ओर से नियुक्त वसूली एजेंसियां किसी भी कर्जदार या गारंटर से केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही संपर्क कर सकेंगी। इसके अलावा परिवार में किसी की मृत्यु, गंभीर बीमारी या अन्य आपात स्थिति जैसे संवेदनशील समय पर फोन करना या घर पहुंचकर दबाव बनाना पूरी तरह अनुचित माना जाएगा। बता दें कि लंबे समय से वसूली एजेंसियों के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, जिसके बाद केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है।

नए नियमों में साफ कहा गया है कि बैंक के कर्मचारी या वसूली एजेंट किसी भी कर्जदार के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। साथ ही किसी व्यक्ति की तस्वीर, वीडियो, ऑडियो या निजी जानकारी को सामाजिक माध्यमों पर साझा करके उसे बदनाम करने की भी अनुमति नहीं होगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहक की जानकारी के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था और दंड का प्रावधान भी लागू करें।

गौरतलब है कि अब बैंकों को कर्ज वसूली से जुड़ी हर फोन बातचीत का समय, संख्या और बातचीत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। इसके साथ ही कर्ज वसूली की पूरी प्रक्रिया के लिए लिखित नीति बनानी होगी, जिसमें वसूली शुरू करने की परिस्थितियां, चरणबद्ध कार्रवाई, कर्मचारियों और वसूली एजेंटों के लिए आचार संहिता तथा आर्थिक संकट से जूझ रहे ग्राहकों की मदद के उपाय भी शामिल होंगे। यदि कर्जदार की मृत्यु हो जाती है तो ऐसे मामलों को संभालने के लिए भी अलग व्यवस्था तैयार करनी होगी।

भारतीय रिजर्व बैंक ने मोबाइल उपकरण पर दिए जाने वाले कर्ज को लेकर भी महत्वपूर्ण नियम बनाए हैं। यदि किसी व्यक्ति ने कर्ज लेकर मोबाइल खरीदा है तो बैंक उसकी कुछ सुविधाओं पर रोक लगा सकता है, लेकिन यह कार्रवाई तभी होगी जब कर्ज की किस्त 30 दिन से अधिक समय तक बकाया रहे और पहले नोटिस भेजा जा चुका हो। वहीं पूरी तरह से निर्धारित रोक तभी लगाई जा सकेगी जब भुगतान 60 दिन से अधिक समय तक लंबित रहेगा। हालांकि आने वाली कॉल, संदेश और आपातकालीन सहायता जैसी जरूरी सुविधाओं को बंद नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा 60 दिन पूरे होने से पहले जाने वाली कॉल पर भी रोक नहीं लगाई जाएगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार यदि बैंक गलती से किसी ग्राहक के मोबाइल की सुविधाएं बंद कर देता है या भुगतान होने के बाद समय पर उन्हें दोबारा चालू नहीं करता है, तो उसे हर घंटे 250 रुपये के हिसाब से मुआवजा देना होगा। हालांकि यह कुल मुआवजा दिए गए कर्ज की राशि से अधिक नहीं होगा। भारतीय रिजर्व बैंक का मानना है कि इन नए नियमों से कर्ज वसूली की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जिम्मेदार और ग्राहकों के सम्मान की रक्षा करने वाली बन सकेगी।

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Delhi की electricity subsidy में बिना खपत बांटे 42.26 करोड़ रुपये, CAG report में उजागर हुई खामी

नयी दिल्ली, सात अगस्त नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने 2019-20 से 2022-23 के बीच दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना में कई खामियां उजागर करते हुए कहा है कि बिना बिजली खपत वाले कनेक्शनों को भी 42.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को विधानसभा में कैग रिपोर्ट पेश किया। इसके मुताबिक, कम बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को कम सब्सिडी मिली, जबकि अधिक खपत करने वालों को कहीं ज्यादा सब्सिडी दी गई।

कैग रिपोर्ट कहती है कि शून्य से 200 यूनिट तक खपत वाले 30 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को औसतन 6,000 रुपये सालाना सब्सिडी मिली जबकि 201-400 यूनिट खपत वाले 16.6 लाख उपभोक्ताओं को 10,000 रुपये से अधिक यानी करीब 70 प्रतिशत ज्यादा सब्सिडी दी गई। इस तरह उच्च खपत वालों को अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिला। इसके अलावा, बिजली पर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जरूरतमंदों एवं वंचितों तक ही सीमित नहीं रहा और लगभग पूरे घरेलू उपभोक्ता वर्ग को इसका लाभ मिला।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई उपभोक्ताओं ने लगातार कई बिलिंग चक्रों तक शून्य खपत के बावजूद सब्सिडी का लाभ लिया। दिल्ली सरकार ने अगस्त 2019 में यह योजना शुरू की थी, जिसमें 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त और 201-400 यूनिट पर 50 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 800 रुपये) दी जाती है। सब्सिडी खर्च 2019-20 के 2,405.59 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 3,161 करोड़ रुपये हो गया।

कैग ने अपनी रिपोर्ट में पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने और उपभोक्ता डेटा की नियमित जांच की सिफारिश की है, ताकि सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचे और दुरुपयोग रोका जा सके। इसके साथ ही कैग ने दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) की बापरोला में मौजूद 81.42 एकड़ जमीन 17 साल तक उपयोग में नहीं लाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। कैग रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2006 में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए ली गई जमीन पर बार-बार योजना बदलने से 29.45 करोड़ रुपये का खर्च बेकार गया।

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भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड, इकलौता बल्लेबाज जिसने पार किया 600 का स्कोर

Virat Kohli 610 Runs Record in IND vs SL Test Series: भारतीय दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के नाम यह रिकॉर्ड है. उन्होंने 2017 में खेली गई तीन मैचों की सीरीज में रनों का अंबार लगा दिया था. वह किसी भी भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में इकलौते ऐसे बल्लेबाज बने, जिन्होंने 600 रनों का आंकड़ा पार किया। दूसरा कोई बल्लेबाज 600 रन के नजदीक भी पहुंचने में कामयाब नहीं हो सका है. Sat, 8 Aug 2026 00:01:03 +0530

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