कभी साबुन छूने से भी डरते थे भारतीय, अब ये हर सुबह की पहली जरूरत, कैसे निकला इसका डर
आधुनिक साबुन भारत में करीब 175 साल पहले आए. तब एक ब्रिटिश कंपनी ने उसे ब्रिटेन से लाकर भारत में बेचना शुरू किया लेकिन भारतीय उससे बहुत दूर भागते थे. उसको छूने से भी डरते थे, क्योंकि उनके लिए ये अपवित्र कर देने वाली चीज थे. अगर कोई इसको छू लेता था तो उसको दोबारा नहाना पड़ता था. तब तक भारतीय उबटन, मिट्टी, रीठा और शिकाकाई को नहाते समय इस्तेमाल करते थे. फिर कैसे भारतीयों ने इसका इस्तेमाल शुरू किया
जनजातीय वर्ग में अपार प्रतिभा, सिर्फ अवसर की कमी थी: मयंक श्रीवास्तव
रायपुर, 26 मार्च (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में पहली बार 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मयंक श्रीवास्तव का कहना है कि जनजातीय वर्ग के खिलाड़ियों में अपार प्रतिभा है और वह सिर्फ अवसर की तलाश में थे, जो उन्हें खेलो इंडिया के माध्यम से अब मिल रहा है।
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