ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर उठे सवालों को तेल कंपनियों ने किया खारिज, कहा- जांच में नहीं मिली कोई गड़बड़ी
नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने शुक्रवार को ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि देश भर में की गई व्यापक जांच में ईंधन में नमी या क्लोराइड सम्मिश्रण का कोई प्रमाण नहीं मिला है। कंपनियों ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीएमएस) यानी ई20 की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के भीतर है और उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
तेल कंपनियों ने एक साझा बयान में कहा कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में ई20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड की मात्रा को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद पूरे आपूर्ति तंत्र (सप्लाई चेन) में अतिरिक्त और गहन परीक्षण अभियान चलाया गया। जांच के नतीजों में कहीं भी ईंधन के दूषित होने का प्रमाण नहीं मिला और सभी नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए।
कंपनियों ने कहा कि ईंधन की गुणवत्ता उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। अगर किसी ऐसी समस्या की आशंका होती है जो वाहनों के प्रदर्शन या उपभोक्ताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकती है, तो उसकी वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाती है और आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाते हैं।
कंपनियों के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथेनॉल के लिए क्लोराइड की मात्रा को लेकर कड़े मानक निर्धारित किए हैं। इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी आपूर्ति शृंखला में उच्च स्तर की निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
कंपनियों ने आगे बताया कि क्लोराइड का परीक्षण देश भर में विभिन्न स्तरों पर किया जाता है, जिसमें रिफाइनरी, डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंप शामिल हैं। इस बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की गुणवत्ता हर स्तर पर तय मानकों के अनुरूप बनी रहे।
इसके अलावा ईंधन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन 8 से 12 बार पानी की मिलावट और घनत्व की जांच की जाती है। कई स्थानों पर मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब भी तैनात की गई हैं। साथ ही ईंधन के नमूनों की स्वतंत्र परीक्षण प्रयोगशालाओं में भी जांच कराई जाती है।
तेल कंपनियों ने कहा कि सप्लाई चेन के प्रत्येक स्तर पर लागू इस मजबूत और बहुस्तरीय परीक्षण प्रणाली ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत में ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप है।
तेल विपणन कंपनियों ने यह भी बताया कि देशभर की रिफाइनरियों से यादृच्छिक रूप से चुने गए 100 से अधिक अतिरिक्त पेट्रोल नमूनों की क्लोराइड जांच कराई गई। परीक्षण में सभी नमूनों में क्लोराइड का स्तर 1 पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) या उससे कम पाया गया, जो निर्धारित सीमा के भीतर है।
कंपनियों के अनुसार, यह परिणाम दर्शाते हैं कि भारत की रिफाइनिंग और ईंधन वितरण प्रणाली में लागू गुणवत्ता नियंत्रण उपाय प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सामने आई आशंकाओं का कोई आधार नहीं है।
तेल कंपनियों ने भरोसा जताया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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खाड़ी देश से आई सबसे राहत भरी खबर, जंग के मैदान से सुरक्षित लौटे 4000 से ज्यादा भारतीय नाविक
Strait of Hormuz: केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को संसद को बताया कि खाड़ी क्षेत्र से 4,052 नाविकों को वापस लाया गया है और 3 अगस्त तक भारत आने वाले 62 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं. इनमें से 23 भारतीय ध्वज वाले और 39 विदेशी ध्वज वाले जहाज थे.
समुद्री सुरक्षा को लेकर लगातार अपडेट हो रही एडवायजरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बदलती समुद्री सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (डीजीएमए) मध्य पूर्व संघर्ष के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगातार अपनी एडवायजरी अपडेट करता रहता है.
खाड़ी क्षेत्र के लिए लागू किए गए सख्त सुरक्षा उपाय
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर नए सिरे से हो रहे हमलों के मद्देनजर, नौवहन महानिदेशालय ने पूर्ण अंतरराष्ट्रीय पोत और बंदरगाह सुविधा सुरक्षा (आईएसपीएस) कोड सुरक्षा उपायों को लागू करना अनिवार्य कर दिया है. इसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाली यात्राओं पर भारतीय नाविकों को तैनात न करने की सलाह दी है.
काला सागर में काम करने वाले जहाजों के लिए भी जारी हुई एडवायजरी
काला सागर में काम करने वाले भारतीय नाविकों को ले जाने वाले भारतीय और विदेशी ध्वज वाले जहाजों के लिए भी एक डीजीएमए एडवायजरी जारी की गई है, जिसमें अत्यधिक सावधानी बरतने, यात्रा-विशिष्ट सुरक्षा आकलन करने, सुरक्षा एडवायजरी का कड़ाई से पालन करने और घटनाओं की तत्काल रिपोर्ट करने को कहा गया है.
बाब-अल-मंडेब और लाल सागर के लिए भी विशेष निर्देश
इसके अलावा, बाब-अल-मंडेब स्ट्रेट, दक्षिणी लाल सागर और उससे सटे यमन के पानी में काम करने वाले जहाजों के लिए एक एडवायजरी जारी की गई है, जिसमें जहाज मालिकों और कप्तानों को अत्यधिक सावधानी बरतने, सुरक्षा घटनाक्रमों की निरंतर निगरानी करने और अतिरिक्त जोखिम न्यूनीकरण उपायों को लागू करने का निर्देश दिया गया है.
होर्मुज स्ट्रेट में नाविकों की सुरक्षा के लिए कई कदम
इसके अतिरिक्त, सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इनमें एक समर्पित 24x7 नियंत्रण कक्ष की स्थापना, जहाजों और चालक दल के लाइव डेटाबेस का रखरखाव और जहाजों की आवाजाही, भारतीय नाविकों, घटनाओं और हताहतों की निगरानी के लिए हर 24 घंटे में एक स्थिति रिपोर्ट जारी करना शामिल है.
24x7 डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी त्वरित निगरानी और शिकायत निवारण
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डीजीएमए ने त्वरित रिपोर्टिंग और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समर्पित 24x7 समुद्री दुर्घटना रिपोर्टिंग, संकट प्रबंधन और नाविक शिकायत निवारण मॉड्यूल के साथ एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित किया है.
प्रभावित परिवारों को सहायता और मुआवजा
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "सरकार प्रभावित नाविकों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखकर कल्याण और सहायता भी प्रदान की जा रही है और मृत्यु के मामलों में मुआवजा दिया जा रहा है. तत्काल सहायता के रूप में नाविक कल्याण कोष सोसायटी के माध्यम से 10,00,000 रुपए जारी करना शामिल है."
--आईएएनएस
(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
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